अधेड़ की पीट-पीटकर हत्या

Siddhartha nagar Updated Thu, 07 Jun 2012 12:00 PM IST
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सिकरी/सोंहास। लोटन कोतवाली क्षेत्र के सेमरहना चौराहे पर बुधवार को कोटे की दुकान से चीनी लेने के बाद पानी पीने की बात को लेकर हुए झगड़े में मनबढ़ों ने अधेड़ को पीट-पीटकर मार डाला। बीच-बचाव में एक महिला भी रूप से घायल हो गई। घटना के बाद आरोपियों को आक्रोशित भीड़ ने घेर लिया। आरोपी अपने लाइसेंसी असलहे के बल पर बच कर भागने में कामयाब हुए। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने दहला चौराहे पर पहुंच देवपुर मसजिदिया-सोंहास मार्ग पर जाम लगा दिया। शव को कब्जे में लेने पहुंची से ग्रामीणों की हल्की झड़प भी हुई। घटना के गंभीरता को देखते हुए मौके पर पुलिस फोर्स की तैनाती कर दी गई है।
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सेमरहना चौराहे पर कोटेदार के परिवार का सदस्य पिंटू चीनी बाट रहा था। देवपुर-मस्जिदिया गांव के 15 वर्षीय जुनेद पुत्र सोहराब और सलमान पुत्र यासीन चीनी लेकर वहीं पास के हैँडपंप पर पानी पी रहे थे। तभी वहां मौजूद परसौना गांव निवासी सुनील सिंह और उसके साथ मौजूद सैनुआ निवासी आलोक पांडेय से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। आरोप के मुताबिक इसको लेकर सुनील ने सलमान के ऊपर रिवाल्वर तान दिया। यह देख 48 वर्षीय यासीन दौड़कर वहां पहुंच गया। उसने सुनील से रिवाल्वर हटाने की बात कही। तभी सुनील और आलोक के साथ करमहा गांव निवासी मेघे ने यासीन पर हमला बोल दिया। तीनों ने यासीन की बेरहमी से पिटाई की। अंतत: यासीन कराहते-कराहते शांत हो गया। उसके बावजूद दबंग उसे पीटते रहे। यासीन के शरीर में कोई हरकत न होता देख तीनों उसे घसीटकर बगल स्थित नाली में फेंक दिया। मारपीट की खबर मिलते ही घटनास्थल की तरफ यासीन के परिजनों के साथ ही सैकड़ाें लोग पहुंचे। लोगों को अपने पास आता देख हमलावर अपना रिवाल्वर हवा में लहराते हुए फरार हो गए। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने दहला चौराहे पर पहुंच देवपुर मसजिदिया-सोंहास मार्ग पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों की मांग थी कि पहले हत्या करने वालों पर मुकदमा दर्ज हो। उसके बाद लाश को पीएम के लिए सौंपा जाएगा। उसके बाद वहां पहुंचे एएसपी प्रोमद कुमार, सीओ नौगढ़ रामकेवल ने लोटन कोतवाल नरेंद्र प्रताप गौड़ को हत्याभियुक्तों पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया। उसके बाद मृतक के भाई अमीन की तहरीर पर आरोपी सुनील सिंह, आलोक पांडेय और मेघे के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ। तब जाकर ग्रामीणों ने शाम करीब पांच बजे जाम हटाया और पुलिस यासीन की लाश को वहां से ले जा पाई।
ग्रामीणों ने दौड़ाया पुलिस को
दिनदहाड़े हुई हत्या से नाराज ग्रामीणों ने जाम लगा दिया था। जाम हटवाने के लिए दर्जनों पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे। जाम हटाने के लिए कहा। ग्रामीण गुस्से में जाम को नहीं हटाने की बात कहे। इसके बाद पुलिस जैसे बल प्रयोग करना चाही, तभी ग्रामीण भड़क उठे। ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों को दौड़ा लिया। वहां भगदड़ मच गई। काफी देर के बाद स्थिति सामान्य हो पाई।

उजड़ गया यासिन का कुनबा
सिद्धार्थनगर। मामूली विवाद में गई यासिन की जान के बाद उसके कुनबे का गुजारा कैसे होगा, यह किसी की समझ में नहीं आ रहा है। यासिन परिवार की जीविका चलता था। चार बेटे-बेटियों वाले परिवार में दो बेटी और एक बेटे की शादी तो यासिन ने कर दी थी, मगर अब भी उसका लाडले सलमान को सहारे की दरकार है। सिर से बाप का साया उठने का आभास होते ही सलमान फूट-फूटकर रोने लगा। यह देखकर लोगों की आंखें नम हो गईं।
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