पुण्य कर्म जीव की किस्मत का फैसला करते हैं : जैन मुनि 

amarujala Published by: NAVEEN GUPTA Updated Sat, 30 Mar 2019 11:15 PM IST
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file - फोटो : amarujala
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श्री दिगंबर जैन साधु सेवा समिति द्वारा आयोजित धर्म सभा में जैन संत सौरभ सागर महाराज ने कहा कि पुण्य कर्म जीव की किस्मत का फैसला करते हैं। पाप पुण्य बराबर चलते हैं, इसलिए मनुष्य को पुण्य कार्य करने चाहिए।
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शनिवार को जैन मोहल्ला स्थित श्री 1008 पार्श्वनाथ जिनालय में श्री दिगंबर जैन साधु सेवा समिति की ओर से आयोजित धर्म सभा में में जैन मुनि सौरभ सागर महाराज ने कहा कि मनुष्य योनि बड़े पुण्य का फल है, जो पुरानी वस्तु होती है वह उतनी की आकर्षक होती है। उसकी कीमत भी बढ़ जाती है। शास्त्रों ने पुराने महापुरुषों को माना है। उनका बड़ा त्याग है। धर्म का रास्ता बनाने के लिए महापुरुषों ने बड़ा त्याग किया है। जीव को उनके बताए हुए रास्तों का स्मरण करते हैं और उनके अनुयायी बन जाती है। पुराने थपेड़ों को खाकर ही नया मार्ग बनता है। रास्ता बताने वाला और सही दिशा बताने वाला महान होता है। मौके पर अध्यक्ष जेके जैन, महामंत्री अनिल जैन, कोषाध्यक्ष प्रवीन कुमार जैन, संयोजक विरेश जैन, जम्मू प्रसाद जैन, कमल जैन, पंकज, ललित, प्रवीन जैन, अरविंद जैन, अखिलेश जैन, अनिल, मुकेश, संतोष जैन, आलोक जैन आदि मौजूद रहे।

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