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पौधे लगाने की नहीं, जीवित रखने की लें शपथ

ब्यूरो/अमर उजाला, शामली Updated Tue, 06 Jun 2017 12:06 AM IST
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सूख गए पौधे।
सूख गए पौधे। - फोटो : amar ujala

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शामली। पर्यावरण संरक्षण के नाम पर पौधारोपण का हर साल नया टारगेट आता है। पौधारोपण भी किया जाता है, लेकिन ठीक से देखभाल न होने के कारण पौधे दम तोड़ रहे हैं। जिले में विभिन्न स्थानों पर बीते वर्षों में कई लाख पौधे लगाए गए, जिनमें से अधिकांश स्थानों पर पौधे सूख चुके हैं। कहीं भूमाफिया ने पौधे नष्ट कर दिए, तो कहीं पर देखरेख के अभाव ने पौधों को मार दिया। ऐसे में पर्यावरण बचाने तथा पौधे रोपित करने की शपथ दिलाने के मायने बेमानी साबित हो रहे हैं। पौधे रोपित करने के साथ ही हमें उनकी अपने बच्चे की तरह देखभाल करने और उन्हें हरहाल में जीवित रखने की भी शपथ लेनी होगी।
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शामली डिवीजन में दो वन रेंज हैं, जिनमें एक है कैराना और दूसरी ऊन। दोनों वन रेंज में पौधारोपण की बात करें, तो वन विभाग ने अन्य विभागों के सहयोग से हर साल ही बड़ी संख्या में पौधारोपण किया जा रहा है। विगत वर्ष 2015 में 289 हेक्टेयर में 1,87,250 पौधे रोपित किए गए, जबकि 2016 में करीब ढाई लाख पौधे रोपित कर विश्व रिकार्ड में अपना योगदान दिया गया। इस लिहाज से सिर्फ दो साल में ही 4,43,375 पौधों का रोपण कर दिया गया। कैराना और ऊन वन रेंज क्षेत्र में रोपे गए पौधों की वर्तमान स्थिति ऐसी है कि वहां पर पौधों की टहनियां ही बची हैं। कैराना के बरनावी वन क्षेत्र में अधिकांश पौधे सूख कर मर चुके हैं। 


अकेले बरनावी में ही 2016 के दौरान 10,000 पौधे रोपे गए थे, जिनमें से सकुशल पौधे गिन पाना मुश्किल है। इसी तरह कांधला में इस्सोपुर से गंगेरू मार्ग पर 5000 पौधों का रोपण किया गया था, जिनमें से अधिकतम 200 पौधे ही बचे हैं। यह सब देखरेख के अभाव में हो रहा है, जिसके लिए वन विभाग के साथ ही वह विभाग और सामाजिक संस्थाएं भी जिम्मेदार हैं, जिन्होंने पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण में अपना सहयोग तो दिया, लेकिन रोपे गए पौधों को लावारिस छोड़ दिया।

पौधारोपण का नया लक्ष्य भी आ गया
पौधारोपण के लिए वन विभाग को नया लक्ष्य प्राप्त हो गया है। इस साल दो लाख आठ हजार पौधों का रोपण किया जाना है, जिसके लिए वन विभाग के अधिकारी अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने में लगे हैं। क्योंकि बीते वर्षों में भी राजस्व विभाग, शिक्षा विभाग सहित सामाजिक संस्थाओं को पौधारोपण अभियान से जोड़ा था, तब जाकर लक्ष्य की पूर्ति हुई थी। 

स्वच्छ पर्यावरण के दुश्मन बने है भूमाफिया       
कैराना और ऊन वन रेंज में वन विभाग के पास हजारों हेक्टेयर भूमि है। सबसे ज्यादा समस्या कैराना में है। कैराना वन रेंज के बरनावी सहित कई गांवों में भूमाफिया की नजर वन विभाग की भूमि पर है। वन विभाग द्वारा यहां पौधारोपण किया जाता है तो भूमाफिया जमीन पर अवैध कब्जा करने के लिए रोपे गए पौधों को नष्ट कर देते हैं। बीते वर्ष भी डेढ़ लाख पौधों को उखाड़कर और केमिकल डालकर नष्ट कर दिया गया था। इस बारे में कैराना कोतवाली में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। 
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पौधारोपण के बाद समय-समय पर उनका ध्यान रखा जाता है। पौधों की सिंचाई कराई जाती है। बरनावी क्षेत्र में पौधों को नष्ट करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी - राकेश बालियान, वन रेंजर।

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