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हम हैं आज के छात्र... न हिंदी में कमजोर, न अंग्रेजी में पिछड़े

Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jul 2020 11:54 PM IST
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शामली। अच्छी शिक्षा के लिए अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों की तरफ अभिभावकों और विद्यार्थियों का रुझान रहता है। इन स्कूलों में अंग्रेजी का वर्चस्व रहता है। छात्रों पर भी अंग्रेजी में बोलने से लेकर पढ़ने तक पर जोर रहता है। इसके बाद भी विद्यार्थियों में हिंदी विषय के प्रति प्रेम बढ़ता जा रहा है। शायद यही वजह है कि जनपद के होनहारों ने अंग्रेजी के साथ ही हिंदी में भी अच्छे अंक प्राप्त किए। कई छात्रों ने तो हिंदी में 100 अंक भी प्राप्त किए हैं।
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अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में विद्यार्थियों पर अंग्रेजी पर ज्यादा फोकस रखा जाता है। इसी वजह से पिछले सालों में बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थियों के हिंदी में अन्य विषयों के मुकाबले कम अंक आते थे, लेकिन अब स्थिति बदल रही है। अब हिंदी को भी अन्य विषयों की तरह ही महत्व दिया जा रहा है। सीबीएसई 10वीं के बुधवार को घोषित हुए रिजल्ट में होनहार विद्यार्थियों का हिंदी के प्रति प्रेम खूब देखने को मिला। अंग्रेजी व अन्य महत्वपूूर्ण विषयों की तरह ही हिंदी पर भी पूरा फोकस रखकर पढ़ाई की और उनके बराबर अंक प्राप्त किए।

सिल्वर बेल्स पब्लिक स्कूल शामली की छात्रा जनपद टॉपर अपूर्वा तायल ने हिंदी में 99 अंक और अंग्रेजी में 98 अंक प्राप्त किए। सेकंड टॉपर बीएसएम स्कूल शामली की रूपनंदिनी ने हिंदी में 96 अंक प्राप्त किए। सिल्वर बेल्स की प्रियांशी चौधरी ने हिंदी में 97 अंक प्राप्त किए। कैराना के सेंट आरसी कांवेंट स्कूल के छात्र उस्मान और कोमल स्वामी ने हिंदी में 100-100 अंक प्राप्त किए। स्कॉटिश इंटरनेशनल स्कूल की पायल, आयुषि गिरी ने हिंदी और अंग्रेजी में बराबर 100-100 अंक प्राप्त किए। इसी स्कूल के शिवम पंवार ने हिंदी में 99 अंक प्राप्त किए। मदरलैंड की ईशा तरार ने हिंदी में 99 तो अंग्रेजी में 98 अंक प्राप्त किए। मेपल्स एकेडमी की गार्गी भारद्वाज ने 98, वंशिका गर्ग ने 97 अंक हिंदी में प्राप्त किए। इन विद्यार्थियों से बातचीत की गई तो उनका कहना है कि हिंदी यहां की बोली जाने वाली प्रमुख भाषा है। साथ ही हाईस्कूल में अन्य विषयों की तरह हिंदी भी प्रमुख विषय है। यह अन्य विषयों के मुकाबले सरल विषय है। इस विषय में थोड़ी मेहनत करने पर भी ज्यादा अंक पाए जा सकते है। अच्छी रैैंक बनाने में हिंदी का बड़ा महत्व है, इसलिए उन्होंने हिंदी की भी रेगुलर स्टडी की।
अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में हाईस्कूल में हिंदी भी मुख्य विषय है। यहां पर बोली जाने वाली भाषा हिंदी है। होनहार विद्यार्थी अच्छे अंक पाने के लिए हिंदी को अन्य विषयों की तरह पूरा महत्व देते हैं और सिलेबस की अन्य विषयों की तरह से तैयारी करते हैं। यही वजह है कि हिंदी में भी छात्र अच्छे अंक पाते हैं।
- डा. एके गोयल, डिस्ट्रिक्ट कोआर्डिनेटर सीबीएसई।

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