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चौसाना क्षेत्र में फिर हो रहा अवैध रेत खनन

Meerut Bureau Updated Sun, 04 Jun 2017 12:27 AM IST
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चौसाना।
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यमुना नदी में अवैध रेत खनन चल रहा है। रात के अंधेरे में यमुना नदी में जमकर खनन किया जा रहा है। रोजाना रेत से भरे सैकड़ों डंपर चौसाना ऊन के रास्ते निकाले जा रहे हैं, जबकि पुलिस-प्रशासन अंजान बना हुआ है।
यमुना नदी में अवैध खनन को लेकर सपा सरकार की किरकिरी हुई थी। इसके चलते खनन को लेकर सपा सरकार विवादों में घिर गई थी और मामले में सीबीआई जांच बैठा दी गई थी। 2012 से लेकर 2017 के बीच यमुना में खनन तथा बिडौली के शीतलगढ़ी में सीज किए गए रेत के टीले तक की जांच सीबीआई ने की थी। सीबीआई को जिले में खनन होने के सबूत मिले थे। उस समय से अब तक खनन बंद हो गया था। हालांकि अब फिर कुछ दिनों से जिले में खनन शुरू हो गया है। हरियाणा से रेत लाने की आड़ में अवैध रेत खनन करने वाले यमुना में खनन करा रहे है। उधर, पूरे मामले से पुलिस-प्रशासन जानबूझकर अंजान बना हुआ है।

फर्जी रॉयल्टी को बनाते हैं आधार
यमुना नदी में खनन करने के बाद रेत माफिया ट्रक निकालते हैं। वैैसे ट्रक निकलवाने के लिए यमुना से लेकर पूरे रूट पर पुलिस से सेटिंग होती है। उधर, यदि प्रशासनिक अधिकारी ट्रक पकड़ लेते हैं तो उनको हरियाणा की फर्जी रॉयल्टी दिखा दी जाती है। यूपी प्रशासन उस रॉयल्टी की जांच तक नहीं कराता है।

प्रशासन मान चुका है खनन में पुलिस की संलिप्तता
सीबीआई जांच आने के बाद अधिकारी अपने आप को बचाने के लिए कार्रवाई करने लग गए थे। मामले में जांच बैठा दी गई थी। बाद में प्रशासन ने शासन को एक रिपोर्ट भेजी थी। इस रिपोर्ट में झिंझाना पुलिस की खनन में संलिप्तता को भी दर्शाया गया था। यहीं नहीं अवैध रेत का ट्राला भरने को लेकर उस समय पुलिस कर्मी और खनन माफिया के बीच हुई बातचीत की ऑडियो वायरल हो गई थी। बाद में उक्त सिपाही को एसपी ने सस्पेंड भी कर दिया गया था।

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