ससुराल में पिछड़ी तबस्सुम, मायके ने दिया साथ

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Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 24 May 2019 11:31 PM IST

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शामली। कैैराना लोकसभा सीट इस बार कई मायनों में अहम थी। इस सीट पर दो वर्तमान जनप्रतिनिधि चुनाव मैदान में थे। संसदीय क्षेत्र में तबस्सुम की ससुराल और मायका दोनों की विधान सभाएं पड़ रही थी, लेकिन चुनाव परिणाम में तबस्सुम अपने ससुराल में पिछड़ गई, लेकिन मायके ने उनका साथ दिया। उधर भाजपा प्रत्याशी गंगोह और नकुड़ में भाजपा की कमजोरी दूर करने में कामयाब रहे।
कैराना लोकसभा सीट से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ी तबस्सुम हसन की कैराना में ससुराल है, जबकि नकुड़ विस क्षेत्र के गांव दुमझेेड़ा गांव में उनका मायका है। कैराना विधान सभा सीट से उनका बेटा नाहिद हसन खुद विधायक है, लेकिन चुनाव नतीजों को देखें तो तबस्सुम हसन को कैराना विधान सभा क्षेत्र में 86043 मत मिले हैं। यहां भाजपा प्रत्याशी प्रदीप चौधरी को 1.01 लाख से अधिक मत मिले। यहां से तबस्सुम करीब 15 हजार मतों से पिछड़ गई। नकुड़ विधान सभा क्षेत्र में तबस्सुम हसन को 1.19 लाख मत मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी को 1.15 लाख में ही संतोष करना पड़ा, यहां से तबस्सुम करीब चार हजार से अधिक की लीड लेकर चली। साफ है तबस्सुम का कैराना (ससुराल ) के मुकाबले अपने नकुड़ (मायका) ने ज्यादा साथ दिया, लेकिन उनकी हार नहीं बचा सका।

2018 में हुए लोकसभा उपचुनाव को देखें तो सपा प्रत्याशी तबस्सुम हसन की जीत में उनका मायका नकुड़ ही जीत का नायक बना था। हालांकि शामली और कैराना विस को छोड़ सभी विधान सभाओं में उन्हें बढ़त मिली थी, लेकिन उपचुनाव में नकुड़ से तबस्सुम हसन को 1,14,341 मत मिले थे जबकि भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह केवल 86 हजार 224 मत ही ले सकी थीं। नकुड़ से तबस्सुम हसन की करीब 28 हजार 117 मतों की लीड ही उनकी जीत में सबसे अहम रही थी। उधर भाजपा प्रत्याशी गंगोह विधायक प्रदीप चौधरी पर भी अपनी गंगोह विस सीट पर बेहतर प्रदर्शन का दबाव था। साथ ही नकुड़ विधान सभा क्षेत्र में भी पार्टी की खराब स्थिति को सुधारने की चुनौती। उपचुनाव में भाजपा इस दोनों सीटों पर ही पिछड़ी थी। इसी वजह से पार्टी ने उन पर दांव खेला लेकिन मोदी मैजिक में प्रदीप इन दोनों ही चुनौतियों में खरे उतर गए। 2018 के उपचुनाव में गंगोह से भाजपा करीब 12 हजार मतों से पिछड़ी थी लेकिन इस बार गंगोह में पार्टी ने 30 हजार की लीड ली। नकुड़ विधान सभा क्षेत्र में भी बढ़त का अंतर केवल 28 हजार से घटकर केवल चार हजार रह गया और प्रदीप पार्टी हाईकमान की उम्मीद पर खरे उतरे।

सटीक निकले प्रदीप के चुनावी परिणाम के अनुमानित दावे
शामली। चुनाव परिणाम आने से पहले अमर उजाला द्वारा की गई बातचीत में भाजपा प्रत्याशी प्रदीप चौधरी द्वारा विधान सभा वार जो अपनी लीड का दावा किया था वो करीब करीब सटीक बैठा है। नकुड़ विधान सभा को छोड़कर चारों विधान सभाओं में उनके आंकड़े मतगणना के बाद एकदम सही निकले।
क्या था दावा परिणाम
शामली से 30-35 हजार की बढ़त 36312 मतों से बढ़त
गंगोह से 30-35 हजार की बढ़त 30256 मतों से बढ़त मिली
कैराना में 15-20 हजार से आगे 15481 मतों से आगे रहे
थानाभवन में 8-10 हजार मतों से आगे 12050 मतों से आगे रहे
नकुड़ विस सीट पर 8 हजार मतों से बढ़त 4058 मतों से पिछड़े

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