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शहर वाले हुए चिनौर वासी पर सुविधाएं अभी गांव वाली

Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 03 Dec 2021 12:51 AM IST
The facilities on the residents of Chinaur who have become the city, are still those of the village.
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शाहजहांपुर। नगर निगम के विस्तार में शामिल होने वाले गांवों में भी शहर जैसी सुविधाएं देने का दावा किया जा रहा था, लेकिन हकीकत से इसका दूर-दूर तक नाता नहीं है। शहर जैसी तो मुश्किल, ग्राम पंचायत की सुविधाएं भी मिलनी बंद हो गईं हैं। ऐसा ही हाल शहर के सटे साढ़े आठ हजार आबादी के गांव चिनौर का है।

साल 2019 में चिनौर को नगर निगम के सीमा में शामिल किया गया था। दो साल बीतने के बाद भी चिनौर में विकास तो नहीं पहुंचा, लेकिन जलकर का नोटिस जरूर पहुंचने लगा है। मुख्य मार्ग से शिवालय वाली गली में घुसते ही सफाई व्यवस्था की हकीकत दिखती है। नालियों में कूड़ा, सड़कों पर गंदगी फैली रहती है। बिजली के जिन खंभों पर लाइटें हैं, लेकिन दो सालों से जली ही नहीं हैं। गलियों में अब भी खड़ंजा है। नालियां कच्ची और टूटी होने के कारण गंदा पानी सड़क पर भरने से कीचड़ हो गई है। इंडिया मार्का हैंडपंप भी खराब पड़े हैं। चिनौर के वाशिंदों का कहना है कि हम सिर्फ शहर वाले हुए हैं, नगर निगम की सुविधाओं से कोसों दूर हैं।

नगर निगम बनने के बाद जलकर का नोटिस आने लगा है। लेकिन जलापूर्ति के लिए अभी पाइपलाइन तक पड़ी नहीं है। इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हुए हैं, उससे ही पानी लेना पड़ता है। रोजाना सफाई कर्मचारी नहीं आता है। - धनपाल
दो साल हो गए नगर निगम में शामिल हुए, लेकिन चिनौर में अभी तक मूलभूत सुविधाएं ही नहीं है। सफाई नहीं होती, जिसकी हकीकत को गलियों में फैली गंदगी और नालियों में भरे कूड़े को देखकर लगाया जा सकता है। - धर्मपाल
शिवालय वाली गली में सबसे ज्यादा गंदगी रहती है। खंड़जा पड़ा है और नाली बनी नहीं है। सफाई कर्मचारी न आने के कारण खुद ही घर के आसपास सफाई करनी पड़ती है। स्ट्रीट लाइटें दो साल से खराब पड़ी हैं, रात को अंधेरा रहता है। - राजेंद्र प्रसाद
नगर निगम के विस्तार में शामिल होने के बाद चिनौर में काफी विकास कार्य हुआ है। पुरानी कॉलोनियों में सभी सड़कें पक्की हो गई हैं, स्ट्रीट लाइटें लगी हैं। जो नई कॉलोनी विकसित हो रही हैं, उनमें जरूर सुविधाओं की कमी है। - अर्थव सक्सेना
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प्रधानी रहते हमने साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा। बिजली के खंभों पर स्ट्रीट लाइटें लगवाई थीं। वर्तमान में नगर निगम का सिर्फ नाम है सुविधाएं कुछ भी नहीं है। न सफाई होती है, ना ही लाइटें जलती हैं। जो काम हुए हैं उनकी गुणवत्ता बहुत खराब है। - गंगासागर, पूर्व प्रधान
नगर निगम में शामिल होने के बाद चिनौर में पेयजल व्यवस्था के लिए नौ करोड़ रुपये की स्वीकृति हुई है। सड़कों की इंटरलॉकिंग का काम तेजी से चल रहा है। स्ट्रीट लाइटें लगवाई जा रहीं हैं। सफाई व्यवस्था के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी रहती है। कूड़ा कलेक्शन कराया जा रहा है। पिछले डेढ़-दो सालों में चिनौर काफी विकसित हुआ है। अवंतीबाई पार्क बनवाया गया है, जोकि लोगों के आकर्षण का केंद्र बिंदु है। - संतोष कुुमार शर्मा, नगर आयुक्त

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