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रामगंगा किनारे रेत में दबी घटिया सोन पापड़ी खोद ले गए माफिया

Bareily Bureauबरेली ब्यूरो Updated Sat, 19 Oct 2019 02:25 AM IST
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शाहजहांपुर। माफिया सिस्टम पर हावी होते जा रहे हैं। दुस्साहस उनका इतना बढ़ा गया है कि प्रशासन की कार्रवाई को खुली चुनौती देने लगे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने अल्हागंज कस्बा स्थित एक फैक्टरी में छापा मारकर पकड़ी 44 क्विंटल घटिया सोन पापड़ी रामगंगा किनारे ले जाकर रेत में दबा दी थी। टीम के चले जाने के बाद रेत के नीचे दबीं सोन पापड़ी की पेटियां निकालकर गायब कर दी गईं। खास बात यह है कि सोन पापड़ी गायब करने वालों के खिलाफ शुक्रवार देर शाम तक प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
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दिवाली पर खपाने के लिए जिले में घटिया सोन पापड़ी बनाई जा रही है। बृहस्पतिवार को मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश कुमार के नेतृत्व में टीम ने अल्हागंज बाईपास मार्ग स्थित एक सोन पापड़ी फैक्टरी पर छापा मारकर 44 क्विंटल घटिया सोन पापड़ी और 60 टन पामोलिन पकड़ा था। वहां मैदा में पीला रंग मिलाकर बनाए गए बेसन से सोन पापड़ी बनाई जाती थी। उस पर पिस्ता और बादाम की जगह मूंगफली के दाने का चूरा चिपकाया जाता था। इस घटिया सोन पापड़ी को पॉलिथीन में रखने के बाद गत्ते में पैक करके सप्लाई किया जाता था। मौके पर टीम को मूंगफली के दानों से बना डुप्लीकेट पिस्ता, काजू और पैकिंग करने वाले गत्ते भी मिले थे। खास बात यह कि इतना बड़ा घपला पकड़े जाने के बावजूद फैक्टरी को सील नहीं किया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने घटिया सोन पापड़ी को नष्ट करने के बजाय पैक गत्ते रामगंगा किनारे जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर रेत में दबा दिए थे। टीम ने बरामद सोन पापड़ी और पामोलिन के सैंपल तो लिए थे, लेकिन फैक्टरी संचालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। रामगंगा किनारे पशु चराने वाले प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीणों के मुताबिक खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम चले जाने के बाद देर शाम दो वैन उस स्थान पर पहुंचीं। वैन से उतरे लोगों ने रेत हटाकर सोन पापड़ी के गत्ते गड्ढे से बाहर निकाल लिए और वैन में भरकर ले गए। शुक्रवार को कुछ लोगों ने मौके पर जाकर देखा तो बड़ा सा गड्ढा खुदा हुआ था। जो गत्ते फट गए उनसे निकली सोन पापड़ी फैली हुई थी। सोन पापड़ी ले जाने वाले कौन थे इसका पता नहीं चल सका।
- पकड़ी गई सोन पापड़ी जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर रेत में दबा दी गई थी। किसी ने गड्ढा खोदकर सोन पापड़ी गायब कर दी। इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। - प्रदीप कुमार, एसओ अल्लागंज
घटिया किस्म की सोन पापड़ी का थोक रेट 40 रुपये किलो है। सस्ती होने की वजह से इसे छोटे और देहात के दुकानदार बेचते हैं। जिले के अलावा फर्रुखाबाद, शाहबाद के ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी सप्लाई की जाती है। इसको बनाने के लिए बाहर से कारीगर आते हैं।
अल्लगंज कस्बे में कई अन्य स्थानों पर घटिया सोन पापड़ी बनाई जाती है। खाद्य सुरक्षा टीम के छापे का पता लगने पर अन्य कारोबारी अपनी फैक्टरी बंद करके फरार हो गए थे। शुक्रवार को भी उनका कारोबार बंद रहा। कस्बे की अन्य दुकानों पर भी घटिया सोन पापड़ी नहीं दिखी। जिले के अन्य कस्बों में भी घटिया सोन पापड़ी बनाई जाती है।
गंगा किनारे रेत में दबाई गई सोन पापड़ी गायब होने से खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम भी सवालों के घेरे में आ गई है। बरामद सोन पापड़ी को पैकिंग समेत रेत में क्यों दबाया गया। नष्ट क्यों नहीं कराया गया। जबकि मौके पर जेसीबी मौजूद थी। सोन पापड़ी गायब होने के बाद विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं गया। न ही गायब करने वालों के खिलाफ कोई तहरीर दी गई।
बाजार में खपाई जा सकती है गायब की सोन पापड़ी
गंगा किनारे रेत में दबी घटिया सोन पापड़ी निकालने वाले माफिया के गुर्गे हो सकते हैं, जो घटिया सोन पापड़ी को मार्केट में खपा सकते हैं। चूंकि खाद्य सुरक्षा विभाग इस मामले में कोई एक्शन नहीं ले रहा, जिससे उन्हें कोई डर भी नहीं है।
जिले में सोन पापड़ी सप्लाई की जानकारी नहीं

निशात सिनेमा मार्ग स्थित एक मिष्ठान भंडार के मालिक संजीव राठौर का कहना है कि शहर में लगभग सभी दुकानदार स्वयं ही सोन पापड़ी तैयार करते हैं। तीज-त्योहार में अस्थायी दुकानें लगाने वाले दुकानदार बाहर से लाई गई सस्ती लागत वाली मिठाई बेचते हैं, जिसमें सोन पापड़ी भी शामिल होती है, जो लगभग 120 से 160 रुपये किलो तक बिकती है। ये मिठाई आसपास के जनपदों से आती है।

सभी अपने आप ही बनाते हैं सोन पापड़ी
कटिया टोला स्थित मिष्ठान भंडार के मालिक प्रकाश गुप्ता ने बताया कि जिले में कोई ऐसा व्यापारी नहीं है, जो यहां के दुकानदारों को गुणवत्तापरक सोन पापड़ी उपलब्ध करा सके। लगभग सभी स्थायी दुकानदार स्वयं ही अपने यहां मिठाई तैयार कराते हैं। खासतौर पर सोन पापड़ी कोई भी बाहर से नहीं मंगाता। इसका कारण यह भी है कि इतनी बिक्री भी सोन पापड़ी की नहीं होती, जो बाहर से मंगाकर पूर्ति की जा सके।

- बरामद सोन पापड़ी को रेत में दबाते समय जेसीबी से गत्ते दबाए गए थे। गत्ते फड़वा भी दिए थे। गांववाले निकालकर ले गए होंगे। ऐसा करना नहीं चाहिए था। - विजय कुमार वर्मा, अभिहीत अधिकारी, खाद्य सुरक्षा विभाग
खाद्य विभाग की टीम ने मारे छापे, लिए सैंपल
जलालाबाद। शुक्रवार दोपहर एसडीएम सतीश चंद्र के नेतृत्व में खाद्य विभाग की टीम ने छापा मारकर खुला बिकता मिला वनस्पति घी और पामोलीन के नमूने लिए, जो जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाएंगे। यह छापे नलवाली गली स्थित एक दुकान पर मारा गया।
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