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अंबेडकर गांवों का हाल बदहाल

Shahjahanpur Updated Mon, 12 May 2014 05:32 AM IST
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बसपा शासन में अधिकारी रखते थे खास ध्यान
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- अब कूड़े के ढेर, गंदगी, टूटी सड़कें, खराब हैंडपंप बने पहचान
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां। बसपा के शासनकाल में समग्र विकास के लिए चयनित अंबेडकर गांवों का हाल बेहाल है। अब अधिकारी इन गांवों में झांकना तक जरूरी नहीं समझते। हालत यह है कि गांवों में गंदगी की भरमार है। सफाई और कूड़ा उठाने का काम ठप है। भीषण गर्मी के बाद भी गई गांवों में हैंडपंप खराब पड़े हैं। सड़कें भी टूट गई हैं। गांव के लोगों की शिकायतों पर भी ध्यान नहीं दिया जाता है।


खुटार का अंबेडकर गांव कुंभिया माफी
खुटार। बसपा सरकार में इस गांव में खूब विकास कराया गया। गांव तक पक्की रोड बनाए जाने के साथ ही गांव के अंदर की गली तक पक्की रोड बना दी गईं। शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए हैंडपंप लगवाए गए। स्कूल को भी खूब रंग रोगन कर चमकाया गया। बसपा सरकार जाने के बाद अधिकारी गांव की ओर से उदासीन हो गए। शौचालय अधूरे छोड़ दिए गए। अब गांव में तमाम जगह कूड़े और गंदगी के ढेर लगे हैं। स्कूल के पीछे तो कूड़े का भारी ढेर हैं। नालियों को काफी समय से साफ नहीं किया गया है। गंदगी के चलते गांव के लोग संक्रामक बीमारी फैलने की आशंका से ग्रसित हैं। हैंडपंप भी खराब पड़े हैं।







पुवायां का गांव चौढ़ेरा
पुवायां। अंबेडकर गांव चौढ़ेरा तब चर्चा में आया था जब तत्कालीन मुख्यमंत्री ने दो मार्च 11 को विकास कार्यों का स्थलीय सत्यापन करने के लिए जिले भर में इस गांव का चयन किया था। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम तय होने के बाद गांव को चमाचम करा दिया गया। गांव में पक्की रोड, आवास, स्वच्छ शौचालय आदि बनवाकर अधिकारियों ने मुख्यमंत्री से पूरे नंबर हासिल किए थे। वर्तमान समय में गांव में लगीं दो हाईमास्ट बंद पड़ी हैं। मुख्यमंत्री के आगमन के समय गांव में रखे गए कई कूड़ेदान अब गायब हो चुके हैं। हैंडपंप खराब पड़े हैं।


बंडा का गांव दौलतपुर महोलिया
बंडा। बंडा के इस गांव का अंबेडकर गांव में चयन हुआ तो गांव के लोगों को बेहद खुशी हुई। बसपा की सरकार जाते ही अधिकारी इस गांव को भी भूल गए। अब गांव के लोगों को तमाम दिक्कतें और दुश्वारियां हैं। गांव के लोगों की सबसे बड़ी समस्या गंदे पानी का निकास न होना है। गांव के बाहर तालाब तक पानी निकालने के लिए बीच में एक खेत पड़ता है। खेत स्वामी अपने प्लाट से नाली नहीं बनाने दे रहा है। गांव में नालियों का पानी सड़कों पर भरा है। सड़क भी टूट गई है। गांव के लोगों ने सड़क के किनारे कब्जा कर घूरे डालकर गंदगी फैला रखी है।



मामला एसडीएम के संज्ञान में
गांव दौलतपुर महोलिया में पानी निकास की समस्या एसडीएम के संज्ञान में है। प्रयास किया जा रहा है कि खेत स्वामी को कुछ जगह दूसरे स्थान पर दे दी जाए और उतनी जगह में खेत में नाली बना दी जाए।
- अमरीक सिंह, प्रधान पति गांव दौलतपुर महोलिया बंडा




अब नहीं देता कोई ध्यान
अब अंबेडकर गांव की ओर अधिकारी और नेता ध्यान नहीं देते हैं, जिससे स्थित खराब हो चली है। गांव में तमाम जगह गंदगी है और साफ सफाई भी ठीक से नहीं होती है।
- धनीराम गांव कुंभिया माफी खुटार




अधिकारी हुए उदासीन
अधिकारी अब अंबेडकर गांव की ओर रुख करने की जरूरत नहीं समझते हैं। विकास कार्यों होने की बाद उनकी देखरेख और मरम्मत होना भी आवश्यक है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
- सुरेशचंद्र पासी, निवासी गांव चौढ़ेरा पुवायां

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