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विसरात घाट पर होंगे पवन पुत्र के दर्शन

Shahjahanpur Updated Wed, 10 Jul 2013 05:32 AM IST
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शाहजहांपुर। जूनियर कक्षा में एक कहानी पढ़ी थी बाबा भारती, जिसमें बताया गया था कि बाबा भारती अपने घोड़े सुल्तान को देखकर उसी तरह खुश होते थे, जिस तरह किसान अपनी लहलहाती फसल देखकर। उसी तरह लगातार सात बार से विधानसभा में शहर सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायक सुरेश कुमार खन्ना के चेहरे पर तैरती मुस्कुराहट देखकर अचानक बाबा भारती कहानी की याद ताजा हो गई। श्री खन्ना के इस सपने को पूरा होने में पूरे दस साल और दो माह लग गए।

पहले शहीद उद्यान, फिर स्वामी विवेकानंद पब्लिक लाइब्रेरी और अब विसरात घाट स्थित खन्नौत नदी के बीच में भगवान श्रीराम और माता जानकी के सबसे प्रिय, महान बलशाली और ज्ञान के भंडार पवन पुत्र हनुमान जी की विशाल और दिव्य प्रतिमा तैयार कराकर श्री खन्ना ने जनपद को एक और सौगात दी है। आम जनता को इसका समर्पण 16 जुलाई को प्रस्तावित है। पूरे क्षेत्र को हनुमत धाम नाम दिया गया है। प्रतिमा का श्रीगणेश चार मई 2003 को किया गया था। यानी लगभग दस साल और दो माह के रिकार्ड समय में पवनपुत्र पूर्ण आकार ले चुके हैं। मूर्तिकारों के हुनर को हर कोई टकटकी लगाए देख रहा है।

अनुमान लगाया जा रहा है कि देश की यह सबसे बड़ी हनुमान जी की प्रतिमा है। उत्तर भारत की विशालकाय प्रतिमा तो घोषित हो चुकी है। क्योंकि स्वयं श्री खन्ना ने अपनी टीम के साथ कई राज्यों का भ्रमण कर वहां स्थापित प्रतिमाओं के आकार को जाना। सिर्फ प्रतिमा की ऊंचाई 104 फुट है। जिस पर हनुमान जी खड़े किए गए हैं वह कृत्रिमगुफा अर्थात पर्वत भी 21 फुट ऊंचा है। इस तरह जमीन से पूरी प्रतिमा की ऊंचाई 125 फुट की है। श्री खन्ना बताते हैं कि शिमला में मूर्ति 81 फुट, उड़ीसा में 75.5 फुट, सीता पट्टी में 85 फुट ऊंची मूर्तियां हैं।
मूर्ति को तैयार करने में राजस्थान के 11 शिल्पकार लगाए गए, जिनका नेतृत्व कुशल मूर्तिकार विरेंद्र खुडानियां ने किया। मूर्ति को आकर्षक और दिव्य बनाने में लगभग डेढ़ करोड़ की लागत आई है। जिस कृत्रिम पर्वत पर हनुमान जी खड़े हैं उसके चारों ओर सीसी कैमरे लगाए गए हैं। सामने की ओर आकर्षक फाउंटेन और रंग-बिरंगी लाइट्स का प्रबंध किया गया है। नदी के बीच का पूरा प्लेटफार्म घासयुक्त और विभिन्न प्रजातियों के पेड़-पौधों से सुसज्जित है।
अन्य देव प्रतिमाएं भी होंगी आकर्षण का केंद्र
प्राकृतिक गुफा को अत्याधुनिक रूप दिया जा रहा है। इसके भीतरी भाग में पूजन के लिए हनुमान जी एक प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इसके अलावा गुफा के अंदर तथा बाहर श्री गणेश जी, सूर्य भगवान, शिव लिंग, मां सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। मां दुर्गा की प्रतिमा का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
दूसरे चरण में मिलेंगी नौकाएं और केबिल कार
प्राकृतिक गुफा और हनुमान जी तक पहुंचने के लिए खन्नौत नदी पर एक पुल बनाया गया है। इसके अलावा दूसरे चरण में नदी में नौकाएं तथा मोहल्ला रेती की ओर से एक पुल और केबिल कार की योजना भी प्रस्तावित है। पूरे हनुमत धाम को संगमरमर के पत्थर और टाइलों से चमकाया जा चुका है।
‘करीब 12 साल पहले एक सपना देखा था जो पूरा हुआ है। एक सपना जो अधूरा रह गया वह है कारगिल विक्ट्री टॉवर। हर उद्देश्य पूरा होने के बाद नया कुछ करने की ठान लेता हूं, ताकि शाहजहांपुर को बेहतर से बेहतर बनाया जा सके। हनुमान जी हमारे ईष्ट हैं और उन्हीं की कृपा से यह बड़ा काम पूरा हो सका है। अंतिम सांस तक शाहजहांपुर की भलाई के लिए काम करता रहूंगा। जनता ने जो विश्वास किया है वह कभी टूटने नहीं दूंगा। शाहजहांपुर पूरे उत्तर प्रदेश का रमणीक स्थल बने यह सपना भी है’।
सुरेश कुमार खन्ना, नगर विधायक

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