पत्ता...पत्ता...फूल...फूल या रसूल या रसूल

Shahjahanpur Updated Sat, 26 Jan 2013 05:30 AM IST
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जुलूस-ए-मोहम्मदी में गूंजी मरहबा या मुस्तफा की सदाएं
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सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। ईद मिलादुन्नबी (पैगंबर-ए-इस्लाम मोहम्मद साहब की यौमे पैदाइश) के मौके पर जिले भर में शुक्रवार को जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। शहर में निकले गए जुलूस में भारी तादात में मुसलमानों ने शिरकत की। सर्दी की परवाह किए बिना लोग सुबह ही जुलूस में शिरकत करने के लिए घरों से निकल पड़े। जुलूस में शामिल लोग पत्ता...पत्ता...फूल...फूल या रसूल या रसूल, मरहबा या मुस्तफा के नारे लगाते चल रहे थे। शहर में हर तरफ रसूल के दीवानों की आवाज बुलंद थी। उनका इस्तकबाल करने वाले भी पूरे मन से जुटे दिखे। जगह-जगह जुलूस का स्वागत कर लंगर भी बांटा गया।
शुक्रवार को गैर सियासी तहरीक दावते इस्लामी की ओर से शहर में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। स्टेशन पर स्थित नूरी मस्जिद से रिवायती अंदाज में शहर इमाम हुजूर अहमद मंजरी की सरपरस्ती में जुलूस शुरू हुआ। निगोही रोड, पुवायां रोड, रोडवेज, ओवरब्रिज, टाउन हाल, लाल इमली चौराहा, तारीन टिकली, घंटाघर आदि मार्गों से होते हुए जुलूस-ए-मोहम्मदी अंटा चौराहा स्थित कटहल वाली मस्जिद के पास पहुंचा। यहां तहरीक दावते इस्लामी के मौलाना अनीस अत्तारी ने लोगों से दावते इस्लामी के मदनी माहौल से सदा बावस्ता रहने को कहा। जुलूस रवाना होने से पहले लोगों को तबर्रुक बांटा गया। जिसमें सैय्यद जुनैद अख्तर, साजिद अली, सैय्यद सुहैल अख्तर, रईस अत्तारी, अब्दुल सलीम, शकील आदि का विशेष योगदान रहा। कटहली वाली मस्जिद के पास जुलूस पहुंचने के बाद सलाम पढ़ा गया। इसके बाद मुल्क और कौम की तरक्की की दुआएं मांगी गईं। इसके बाद जुलूस का समापन हो गया।

खुदागंज। यहां जुलूस में आलिमे दीन मौलाना मुस्ताक आलम अशरफी बंगाली और आयोजन समिति के अध्यक्ष सय्यद उवैद आलम आदि शामिल रहे। जुलूस के समापन के अवसर पर क्षेत्रीय विधायक राजेश यादव ने कहा कि अवसर को भाई चारे और सद्भावना के रूप में मनाना चाहिए। विधायक ने खरमसिया शरीफ पर चार मरकरी लाइट, खरमसिया से नहर होते हुए जलालपुर तक सीमेंटेड रोड और एक प्रवेश द्वार विधायक निधि से बनवाने की घोषणा की। इस अवसर पर उप्र राज्य भंडार निगम के पूर्व डायरेक्टर हाजी आरिफ हुसैन पप्पू, नगर पंचायत तिलहर के चेयरमैन इमरान खान, पीस पार्टी के रहे प्रत्याशी भानू प्रताप सिंह, पीस पार्टी विधानसभा अध्यक्ष नवैद आलम, हाजी रुखसार अहमद, मो. फिरोज खां, एहतशाम आलम, पूर्व चेयरमैन मुतहर वेग, व्यापारी नेता जाबिर अली, मो. जावेद आलम अंसारी आदि लोग मुख्य रूप से शामिल थे।


रसूल के दीवानों ने लहराया सब्ज परचम
- सर्द हवाएं और कड़ाके की ठंड भी न रोक पाई पैगंबर-ए-इस्लाम के चाहने वालों के कदम
मोहम्मद सिद्दीक
शाहजहांपुर। शुक्रवार का दिन था। रात से ही आसमां में कोहरे की घनी चादर छाई थी। सुबह तक कोहरे में सड़कों पर कुछ भी नजर नहीं आ रहा था। कड़ाके की ठंड और सर्द हवाएं चल रहीं थी। इसकी परवाह नहीं थी रसूल के दीवानों को। सुबह भोर फटने से पहले फज्र की नमाज अदा करने के बाद हाथों में सब्ज परचम (हरे रंग का झंडा) लेकर घरों से निकल पड़े थे पैगंबरे रसूल के दीवाने। अभी कोहरे की मजबूत सतह चीर कर सूरज की किरणें धरती तक पहुंची भी न थीं, लेकिन सब्ज परचम हाथों में लेकर रसूल के दीवाने हजरत मोहम्मद सलल्लाहो अलैह वसल्लम की यौमे पैदाइश के जश्न में डूबकर घरों से निकलते दिखे। सड़कों पर जहां लोग सर्द हवाओं से कंपकंपा रहे थे, वहीं पैगंबरे इस्लाम के चाहने वाले अपने हाथों में सब्ज परचम लिए स्टेशन पर स्थित नूरी मस्जिद की ओर जा रहे थे। देखते ही देखते सुबह नौ बजे तक नूरी मस्जिद के आसपास रसूल-ए-पाक के दीवानों का सैलाब उमड़ पड़ा। वहां से यह सैलाब सड़कों पर रवाना हुआ। सड़कों पर सरकार की आमद मरहबा, सरदार की आमद मरहबा, मरहबा या मुस्तफा की सदाएं गूंजने से माहौल नूरानी नजर आ रहा था। अकीदत के इस सैलाब को देखने वाले भी तहे दिल से इस्तकबाल कर रहे थे। छतों पर खडे़ लोग जुलूस का फूल बरसा कर स्वागत करते नजर आ रहे थे।


सुन्नत के मुताबिक गुजारे
जिंदगी: सैय्यद एहसन
फैक्ट्री स्टेट स्थित मस्जिद गुलजार में ईद मिलादुन्नबी पर जला हुआ। जलसे में महमाने खुसूसी (मुख्य अतिथि) मदरसा जामिया फातिमा के संस्थापक सैय्यद एहसन मियां ने कुरआन और नबी-ए-पाक की सुन्नत के मुताबिक जिंदगी गुजारने को कहा। उन्होंने कहा कि हमें अल्लाह के हबीब सलल्लाहो अलैह वसल्लम के बताए रास्ते पर चलना चाहिए। सैय्यद एहसन मियां ने आपसी भाईचारा बनाए रखने, अखलाक और किरदार को बुलंद रखने तथा देश से प्रेम करने की बात कही और और मुल्क की खुशहाली के लिए अल्लाह से दुआ की। इस मौके पर शहर इमाम मौलाना हुजूर अहमद मंजरी ने भी तकरीर की।
कार्यक्रम में मस्जिद के प्रबंधक साबिर हसन खां ने लोगों को ईद मिलादुन्नबी पर मुबारकबाद दी। हाफिज मो. यूनुस ने कुरान-ए-पाक की तिलाबत की। इस मौके पर मो. शहजाद, अनवार खां, शमी अख्तर, मो. शहनवाज, किश्वर अली, साजिद खैराबादी मौलाना तौसीफ रजा ने नात पेश की। कमेटी सचिव हदीस अली ने सभी का शुक्रिया अदा किया।


दावते इस्लामी के अत्तारी
को प्रशासन ने नवाजा
शुक्रवार को जुलूस सकुशल संपन्न हो गया। जुलूस के दौरान व्यवस्थाओं का जिम्मा संभालने वाले दावते इस्लामी के लोगों ने अपनी भूमिका को बेहतर तरीके से निभाया। जुलूस में चलने वालों को हाफिज अनीस अत्तारी जुलूस के आदाब बता रहे थे। वहीं दावते इस्लामी के लोग छतों से लंगर फेंकने वालों को समझा रहे थे। जुलूस सकुशल संपन्न हो जाने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट गौरव वर्मा ने दावते इस्लामी के अनीस अत्तारी को सम्मानित किया।

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