मैटेरियल नहीं मिलने पर जुगाड़ से चलती है रेल

Shahjahanpur Updated Thu, 20 Dec 2012 05:31 AM IST
- रेल अफसरों के तानाशाह रवैये से मातहतों में आक्रोष
अमर उजाला नेटवर्क
रोजा। मंडलीय रेल अफसरों केतानाशाहपूर्ण रवैये से कर्मचारी आहत हैं। अपनी बेबसी और अधिकारियों के उत्पीड़न की दास्तां बयां करने को एक सेक्शन इंजीनियर जीएम सैलून के दरवाजे पर दस्तक देता रहा, लेकिन अपने ही मातहत की फरियाद सुनने जीएम बाहर नहीं निकले।
दरअसल, एस एंड टी विभाग के सेक्शन इंजीनियर रामऔतार गुप्ता को सीनियर डीएसटीई वीपी सिंह ने उनका पक्ष जाने बगैर तीन साल के इंक्रीमेंट बैक करने का दंड सिर्फ इस आधार पर दे दिया कि पिछले एक माह में कई सिग्नल फेल्योर और डिटेंशन हुए हैं। हालांकि, अपने जवाब में श्री गुप्ता ने कहा कि उनको मैटेरियल नहीं मिलता, कई बार लिखित रूप से भी कहा गया, लेकिन अफसर गौर नहीं करते। रेलपथ की आयु 20 साल नियत होने के बावजूद 24 साल बीतने पर भी इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। इससे रेल फ्रैक्चर से डिरेलमेंट की घटनाएं बढ़ीं और सजा ऑपरेटिंग स्टाफ को मिल रही है।

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