मरीजों को दवाई लेने में नहीं होगी परेशानी

Shahjahanpur Updated Sat, 01 Dec 2012 12:00 PM IST
सरकारी अस्पतालों को मिलने वाले हैं 40 नए फार्मेसिस्ट
- निदेशालय से जारी सूची में बरेली मंडल को मिले 87 फार्मेसिस्ट
- जिले के अस्पतालों में फार्मेसिस्ट के कुल 73 पद सृजित
- फार्मेसिस्टों की कमी से मरीज और डॉक्टर भी हैं परेशान
- फार्मेसिस्ट एसोसिएशन ने किया तबादला सूची का स्वागत
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। चाहे जिला मुख्यालय पर संयुक्त अस्पताल हो या फिर देहात क्षेत्र के सीएचसी और पीएचसी, सभी सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों द्वारा लिखी दवाएं देने वाले फार्मेसिस्टों की कमी से न केवल मरीज, बल्कि दोहरा काम कर रहे डॉक्टर भी परेशान थे, लेकिन अब इन हालातों में जल्द बदलाव आएगा। शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य निदेशालय द्वारा जारी फार्मेसिस्टों की तबादला सूची के अनुसार जिले में 40 नए फार्मेसिस्ट बहुत जल्द कार्यभार ग्रहण कर लेंगे। जिसके बाद से मरीजों को दवा लेने में परेशानी नहीं उठाई पड़ेगी।
बता दें कि जिले के सरकारी अस्पतालों में फार्मेसिस्ट के कुल 73 पद सृजित हैं। इनमें से 42 पद लंबे समय से रिक्त चले आ रहे थे। रिटायरमेंट अथवा स्थानांतरण के बाद से खाली पदों को भरने की ओर ध्यान नहीं दिया गया। इससे जिला अस्पताल की डिस्पेंसरी समेत अन्य अस्पतालों में मरीजों को दवाएं देने का काम बाधित हो रहा था। विभागीय सूत्रों के अनुसार यह स्थिति प्रदेश के तमाम जिलों में देख शासन ने स्वास्थ्य निदेशालय को रिक्त पदों पर नियुक्तियां जल्द करने के निर्देश दिए।
सूत्रों ने बताया कि निदेशालय से जारी सूची में विभिन्न जिलों के लिए 1271 फार्मेसिस्टों के नाम दिए गए हैं। इनमें बरेली मंडल को 87 फार्मेसिस्ट दिए गए हैं, जिनमें से सर्वाधिक 40 फार्मेसिस्ट जिले में तैनात करने का निर्णय किया गया है। इधर, शासन और निदेशालय के फैसले का स्वागत करते हुए फार्मासिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष व मंडल मंत्री डॉ. अजय नागर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. एएल वर्मा और पूर्व मंत्री जयदीप बंसल ने स्वागत करते हुए कहा कि इससे मरीजों को अस्पतालों से दवाएं सुलभता से मिल सकेंगी और संवर्ग का कार्यबोझ भी घटेगा।


‘बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता सूची में शामिल है। रिक्त पदों पर फार्मासिस्टों की नियुक्ति होने से दवाओं का बेहतर तरीके से रखरखाव हो सकेगा। गांवों में तमाम ऐसे अस्पताल हैं, जहां डॉक्टर नहीं हैं। ऐसे अस्पतालों में फार्मासिस्ट नियुक्त होने पर उनके लाभ क्षेत्र में आने वाले मरीजों को दवाएं मिल सकेंगी।’
-एके श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी

Spotlight

Most Read

Meerut

दो सगी बहनों से साढ़े चार साल तक गैंगरेप, घर लौट आई एक बेटी ने सुनाई आपबीती

दो बहनों का अपहरण कर तीन लोगों ने साढ़े चार वर्ष तक उनके साथ गैंगरेप किया। एक पीड़िता आरोपियों की चंगुल से निकल कर घर लौट आई। उसने परिवार को आपबीती सुनाई।

21 जनवरी 2018

Related Videos

शाहजहांपुर के अटसलिया गांव में नहीं हो रही लड़कों की शादी, ये है वजह

केंद्र सरकार खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन यूपी के शाहजहांपुर जिले में एक गांव ऐसा है जहां महिलाओं को आज भी खुले में शौच जाना पड़ता है।

20 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper