मेला ढाईघाट में उमड़ा आस्था का सैलाब

Shahjahanpur Updated Thu, 29 Nov 2012 12:00 PM IST
- मुंडन संस्कार हुए, जरूरत की चीजें भी खरीदी गईं
शैलेंद्र पांडेय
मिर्जापुर। कार्तिक मेला ढाईघाट के मुख्य पर्व कार्तिक पूर्णिमा के पावन पर्व पर बुधवार को आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हजारों श्रद्धालुओं ने पतित पावनी गंगा मइया में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने सत्यनारायण की कथा सुनकर गंगा पुरोहितों को दान पुण्य किया तथा बच्चों के मुंडन संस्कार भी करवाए। बाद में मेले का आनंद उठाते हुए जरूरत के सामान की खरीददारी की।
ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की जरूरतें शायद मेलों में ही पूरी होती हैं, इसीलिए ग्रामीण महिलाओं ने आज श्रंगार के सामान के साथ ही घर की जरूरत पूरी करने के लिए मिट्टी के बर्तन, करछली, चिमटे, बेलन, गर्म कपड़े और सिलबट्टा, चकिया आदि की जमकर खरीददारी की। ग्रामीणों ने भी अपनी जरूरत का सामान खरीदने के साथ ही लाठी, बैलों के सजावट का सामान खरीदा।
महिलाओं और बच्चों ने गर्मागरम जलेबी और चाट पकौड़ी का आनंद लिया। धार्मिक प्रवृत्ति के लोगों ने आर्य समाज के पंडाल में प्रवचन का लाभ उठाया। इस वर्ष मेले में मनोरंजन के साधनाें की कमी लोगों को काफी खल रही थी। पिछले वर्ष के मेले में नौटंकी, डांस पार्टी, सर्कस तथा झूले आदि भी लगे थे, किंतु इस बार ऐसा कुछ भी नहीं है।
मेले में सुरक्षा की दृष्टि से इस बार भी पुख्ता व्यवस्था की गयी है। ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए अलग से व्यवस्था है, फिर भी मेले के मुख्य द्वार पर जाम लगा रहा। मेले में चार पहिया और ट्रैक्टर-ट्रॉली के प्रवेश निषेध के लिए बैरियर लगा है, किंतु तमाम वाहनाें के प्रवेश कर जाने से श्रद्धालुओं को आवागमन में भारी दिक्कत हुई। कई ट्रैक्टर और जीपें-कारें रेत में फंसी रहीं।

77 बूढ़ों और बच्चों को
मिलवाया घरवालों से
मेले में खोया पाया शिविर में तैनात महिला पुलिस कर्मियों ने खोये हुए बुजुर्गों और बच्चों को उनके परिजनाें से मिलवाकर खूब वाहवाही लूटी।

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