सड़क हादसे में चाचा भतीजे समेत चार मरे

Shahjahanpur Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
सुखेता नदी में पुल से टेंपो गिरने से दो सगी बहनें मरीं
- मदनापुर में बाइक की भिड़ंत में चाचा-भतीजे की गई जान
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। यातायात माह में शुक्रवार को भी हादसों में बेगुनाह लोगों की जान जाने का सिलसिला जारी रहा। आज दो स्थानों पर हुई सड़क दुर्घटनाओं में चाचा-भतीजे और दो सगी बहनों की मौत हो गई। मृतकों के घरों में कोहराम मचा हुआ है।
पहली दुर्घटना शुक्रवार को दोपहर एक बजे मोहम्मदी रोड पर थाना रोजा और पसगवां के बार्डर पर स्थित सुखेता नाले के पुल पर हुई। शाहजहांपुर से एक टेंपो सवारी भरकर मोहम्मदी (लखीमपुर खीरी) जा रहा था। पुल पर पहुंचते ही सामने से आ रही पिकअप को देख टेंपो चालक घबरा गया और संतुलन खो बैठा। पुल पर ही एक ईंट पड़ी थी। जिस पर टेंपो का पहिया पड़ा। टेंपो उछलकर पुल से नाले में जा गिरा। जिसमें करीब दस सवारियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। टेंपो चालक फरार हो गया। उधर से गुजरे राहगीरों की निगाह जब पुल के नीचे पड़ी तो वहां चीख पुकार मची हुई थी। राहगीरों ने सभी घायलों को बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल दुर्गेश यादव (30) पुत्र सियाराम निवासी महमदपुर ताजपुर, जैबुन्ना (50) पत्नी सज्जाद खां निवासी गांव सिसौरा व उसकी बहन बानो (45) पत्नी मोहम्मद शेर निवासी गांव चिड़यारा थाना पसगवां (लखीमपुर खीरी) को जिला अस्पताल लाया गया। यहां जैबुन्ना ने दम तोड़ दिया। इसके एक घंटे बाद बानो ने भी दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने उसे भी मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि दोनों बहनें कांट रिश्तेदारी में आईं थीं और आज टेंपो में सवार होकर वापस लौट रही थीं।
दूसरी दुर्घटना कटरा-जलालाबाद रोड पर स्थित थाना मदनापुर के गांव बरुआ पट्टी के पास हुई। यहां लगने वाली बाजार से गांव हुकुम नगला निवासी गजराम (31) पुत्र भंडारी बाइक से लौट रहा था। बाइक पर उसके चाचा विश्राम पीछे बैठे थे। बाजार से निकलते ही सामने से आ रही बाइक ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। जिससे गजराम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके घायल चाचा विश्राम ने बरेली ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। दूसरी बाइक के सवार जोगेंद्र निवासी गांव करकौल को एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


पुलिस ने झाड़ा पल्ला और
लाशें पड़ी रही अस्पताल में
- कोतवाली पुलिस ने भी देर रात तक नहीं भरा पंचायत नामा
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। पुलिस का रवैया अब मृतकों के प्रति भी कठोर होता जा रहा है। दुखी पीड़ित लोगों के प्रति तो इस महकमे में शायद संवेदना खत्म ही हो गई है। मरने के बाद किसी को जल्दी से दो गज जमीन मिल जाए, इसके लिए प्रयास करने की बजाए पुलिस अपना पल्ला झाड़ने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रही है।
पुलिस की ऐसी ही करतूत शुक्रवार को देखने को मिलीं। दोपहर करीब एक बजे रोजा और पसगवां (लखीमपुर खीरी) के बार्डर पर स्थित सुखेता पुल से सवारियों से भरा टेंपो गिर गया। घायल वहां तपड़ते रहे। रोजा पुलिस ने अपने क्षेत्र में न होने की बात कहते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया। वहीं पसगवां पुलिस इस दुर्घटना को रोजा क्षेत्र में बता रही थी। इसके बावजूद पसगवां थाने की चौकी महमदपुर ताजूपुर चौकी पुलिस तीन घायलों को लेकर शाहजहांपुर जिला अस्पताल आई। यहां दो सगी बहनों बानो और जैबुन्ना की मौत हो गई। पुलिस का कहना था कि दुर्घटना रोजा थाना क्षेत्र में हुई है, इसलिए वह इसमें कुछ नहीं कर सकती। रोजा पुलिस पहले ही हाथ खड़े कर चुकी थी, इसलिए दोनों बहनों की लाशें देर रात तक अस्पताल में ही पड़ी रहीं। शाहजहांपुर कोतवाली पुलिस ने भी उनका पंचनामा भरने की जहमत नहीं समझी। जबकि अस्पताल इसी कोतवाली क्षेत्र में आता है और दोनों बहनों ने अस्पताल में ही दम तोड़ा था।


सिपाही जितेंद्र ने दिया
ईमानदारी का परिचय
किसी भी दुर्घटना के बाद मृतकों के पास मौजूद सामान गायब होने की बातें आम हो गई हैं, लेकिन सोमवार को पसगवां थाने के सिपाही जितेंद्र ने अपनी ईमानदारी का परिचय दिया। वह घायल दोनों बहनों जैबुन्ना और बानो को लेकर जिला अस्पताल आया। दोनों बहनें सोने के कई जेवर पहनें थीं। सिपाही की निगाह जब जेवरों पर पड़ी तो उसने महिलाओं के दम तोड़ने के बाद इन जेवरों को इमरजेंसी में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर को इस बारे में बताया। महिलाओं के जेवर उतारने के बाद अस्पताल के रिकार्ड में दर्ज करते हुए यहां रख लिए। कहा गया कि जब परिजन आ जाएंगे तो उन्हें दे दिए जाएंगे।


सिंधौली हादसे में भी रहा था
पुलिस का नकारात्मक रवैया
कोतवाली पुलिस का रवैया गुरुवार की रात भी सिंधौली हादसे में मरे सात लोगों के प्रति नकारात्मक ही रहा था। हादसे की खबर सुनकर यहां काफी लोग पहुंच गए थे। इसके काफी देर रात कोतवाल सोमदत्त शर्मा उस समय पहुंचे, जब एसपी चंद्रप्रकाश अस्पताल पहुंच रहे हैं यह सूचना उन्हें मिलीं। एसपी अस्पताल पहुंच गए। इसके बावजूद कोतवाली पुलिस मृतकों की शिनाख्त कराने की कोशिश करने की बजाए टालमटोल ही कर रही थी। चूंकि दुर्घटना सिंधौली क्षेत्र में हुई थी, इसलिए कोतवाली पुलिस टालमटोल का रवैया अपना रही थी। शव की शिनाख्त को अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) केबी सिंह स्वयं लगे। उन्होंने भी अमर उजाला से मृतकों के नाम जाने और अपनी डायरी दर्ज करने के बाद मौके पर मौजूद एसपी को पूरी जानकारी दी। इसके बाद एसपी ने सातों मृतकों के पंचायत नामा भरने की कार्रवाई शुरू की।

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