हिंडोले की तरह डगमगाती है ट्रेन

Shahjahanpur Updated Mon, 12 Nov 2012 12:00 PM IST
सीतापुर ब्रांच लाइन और मेन लाइन की हालत
- खतरनाक सफर की कहानी-रेल चालकों की जुबानी
- अल्ट्रासोनिक मशीन की रिपोर्ट से अफसर बेपरवाह
राजेश वाजपेयी
रोजा। रेलवे में शायद संरक्षा की कोई अहमियत नहीं रह गई है। इसलिए लाइनें दुरुस्त रखने वाला रेलपथ अनुभाग लगातार दुर्घटनाएं होने के बावजूद काम में लापरवाही छोड़ने को तैयार नहीं। यही हाल रहा तो इस रेल सेक्शन और आसपास के रेलवे ट्रैक पर किसी भी दिन कोई बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता। सीतापुर ब्रांच लाइन पर डिरेलमेंट से एक बार फिर साबित हो गया है कि जिम्मेदार तबका अपनी गलतियों से सबक लेने को तैयार नहीं।
रेल सूत्रों के अनुसार ब्रांच लाइन को जाने दें, दिल्ली-लखनऊ मेन लाइन पर बेहटा गोकुल-कौढ़ा स्टेशन के बीच कई जगह ट्रैक दोषपूर्ण है। इसी तरह महोली और सीतापुर के बीच करीब 22 किमी की रेलवे लाइन कई जगह खराब है। ट्रैक में क्रैकिंग और अन्य कारणों से आए फाल्ट अल्ट्रासोनिक मशीन से पकड़े जाने पर वहां लाल निशान भी लगाए जा चुके हैं, बावजूद इसके उन्हें बदला नहीं जा रहा। बता दें कि हाल ही में कचहरी हाल्ट पर हुए पद्मावत डिरेलमेंट की आरंभिक जांच में भी यही चूक उजागर हो चुकी है।
कई ट्रेन चालकों ने नाम न छापने के आग्रह पर बताया कि बेहटा गोकुल से कौढ़ा तक रेलवे लाइन कई जगह से दोषपूर्ण और असमतल है, जिस पर साठ किमी से ज्यादा गति से चलने पर गाड़ी हिंडोले की तरह डग-मग सी होने लगती है। यदि रूट के इस हिस्से पर निर्धारित गति से ट्रेनों का संचालन किया जाए तो दुर्घटना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। इस संबंध में अपने क्र्यू कंट्रोलर, वरिष्ठ खंड अभियंता लोको और मुख्य लोको निरीक्षक को अवगत करा दिया गया है, लेकिन लाइनों को सुधारने का प्रयास नहीं किया गया है।
चालकों के अनुसार यही हाल महोली से सीतापुर सिटी स्टेशन के बीच करीब 22 किमी रेलवे लाइन का है। यहां की निर्धारित गति 75 किमी प्रति घंटा है, लेकिन यदि इस रफ्तार से गुजर जाएं तो डिरेलमेंट को रोका नहीं जा सकता। इसी ट्रैक से लंबी दूरी की सत्याग्रह और जननायक एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें पास होती हैं, लेकिन यात्रियों की सेफ्टी की किसी को परवाह नहीं है।


‘बेहटा गोकुल-कौढ़ा के बीच रेलवे लाइन कमजोर होने की जानकारी मिली है। क्षेत्र के अवर अभिंयता द्वारा उस पर काम कराया जा रहा है। काम ज्यादा है, लेकिन उस पर कासन देने की कार्यवाही अमल पर लाई जा रही है । महोली-सीतापुर खंड मेरे क्षेत्राधिकार में नहीं है फिर भी रूट का यह हिस्सा ठीक कराया जा रहा है।’
-हरगोविंद, रेलपथ अभियंता


हाल के डिरेलमेंट: एक नजर
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07 अक्तूबर 2012 बन्थरा स्टेशन पर डीएमओ लारी डिरेल हुई
12 अक्तूबर 2012 बिलपुर रेलवे स्टेशन पर टीआरटी ट्रेन बेपटरी
15 अक्तूबर 2012 ऐंगवा स्टेशन पर टीईटी लारी डिरेल
16 अक्तूबर 2012 रोेजा में डीएमटी के दो वैगन डिरेल
11 नवंबर 2012-मैगलगंज रेलवे यार्ड में आर्मी स्पेशल की बोगी बेपटरी।

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