चिन्मयानंद के खिलाफ बलात्कार के आरोप में चार्जशीट

Shahjahanpur Updated Tue, 30 Oct 2012 12:00 PM IST
चिदर्पिता के बयान के अलावा पुलिस को नहीं मिला कोई साक्ष्य
सीओ बिसौली ने पूरी की विवेचना, सीजेएम कोर्ट में की दाखिल
शाहजहांपुर। पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ चिदर्पिता गौतम द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर पर पुलिस ने विवेचना पूरी कर ली है। पुलिस ने एफआईआर में दर्ज तमाम आरोपों को साक्ष्य के अभाव में खारिज करते हुए वादिनी के बयान के आधार पर स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ सिर्फ बलात्कार और जान से मारने की धमकी देने का आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया है।
चिदर्पिता यहां मुमुक्षु आश्रम में रहती थीं। गत वर्ष 29 अगस्त को उन्होंने मुमुक्षु आश्रम छोड़ दिया और 22 सितंबर 2011 को बदायूं के बीपी गौतम से विवाह कर लिया था। 30 नवंबर 2011 को चिदर्पिता गौतम ने कोतवाली में स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ बंधक बनाकर कई वर्ष तक बलात्कार करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में दो बार जबरन गर्भपात कराने का आरोप भी लगाया गया।
लगभग 11 महीने तक चली विवेचना में छह विवेचना अधिकारी बदले गए। बिसौली (बदायूं) के सीओ एमएस राणा ने विवेचना पूरी करते हुए आरोप पत्र तैयार किया। पुलिस रिकार्ड के अनुसार विवेचना में पुलिस ने नशीला पदार्थ खिलाने, बंधक बनाने, हत्या का प्रयास, जबरन गर्भपात और मारपीट आदि आरोपों को साक्ष्यों के अभाव में खारिज कर दिया है। एसएस कालेज के प्राचार्य डा. अवनीश मिश्रा, श्रीप्रकाश डबराल, चंद्रभान त्रिपाठी, शंभू नाथ और लल्लू सिंह पर कोई आरोप तय नहीं हुआ। पुलिस ने वादिनी चिदर्पिता गौतम के बयान के आधार पर स्वामी चिन्मयानंद पर बलात्कार व जान से मारने की धमकी देने का आरोप तय किया है और चार्जशीट सीजेएम कोर्ट में सोमवार को दाखिल कर दी। इस मामले में हाईकोर्ट ने विवेचना की समय सीमा तय कर दी थी, जो 30 अक्तूबर को समाप्त हो रही है।
एसपी बदायूं मंजिल सैनी का कहना है कि चार्जशीट लगा दी गई है। चिन्मयानंद के पास अरेस्ट स्टे होने के कारण बिना गिरफ्तारी के चार्जशीट दाखिल की गई है। डीआईजी एलवी एंटनी देवकुमार ने भी स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की पुष्टि की है। उधर इस मामले के विवेचक बिसौली के सीओ महेशसिंह राणा को बदायूं पुलिस दफ्तर से संबद्ध कर शाहजहांपुर से प्रोन्नत होकर आए राजवीर सिंह को बिसौली सर्किल का दायित्व सौंप दिया गया है।

00000000000000000
चार्जशीट के बारे में अभी हमें कोई जानकारी नहीं है। चार्जशीट देखने पर ही इस बाबत कुछ कहा जा सकेगा। लेकिन यदि चश्मदीद या परिस्थितिजन्य साक्ष्य के अभाव में सिर्फ वादिनी के बयान के आधार पर ही पुलिस ने आरोप तय किए हैं तो यह गलत है और विचारण के लिए पर्याप्त नहीं है। पुलिस के इस अन्याय के खिलाफ हम अदालत में लड़ेंगे। -आशीष त्रिपाठी (स्वामी चिन्मयानन्द के अधिवक्ता)

Spotlight

Most Read

Madhya Pradesh

MP निकाय चुनाव: कांग्रेस और भाजपा ने जीतीं 9-9 सीटें, एक पर निर्दलीय विजयी

मध्य प्रदेश में 19 नगर पालिका और नगर परिषद अध्यक्ष पद पर हुए चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।

20 जनवरी 2018

Related Videos

शाहजहांपुर के अटसलिया गांव में नहीं हो रही लड़कों की शादी, ये है वजह

केंद्र सरकार खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन यूपी के शाहजहांपुर जिले में एक गांव ऐसा है जहां महिलाओं को आज भी खुले में शौच जाना पड़ता है।

20 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper