पुलिस की मौजूदगी में हुआ कश्मीर का अंतिम संस्कार

Shahjahanpur Updated Sat, 27 Oct 2012 12:00 PM IST
सभापति के अंतिम दर्शन को आवास पर उमड़े ग्रामीण
- सभापति की गुरुवार की शाम गोली मारकर कर दी गई थी हत्या
अमर उजाला नेटवर्क
मिर्जापुर। सहकारी समिति के सभापति कश्मीर सिंह यादव की हत्या के बाद गांव पृथ्वीपुर में मातमी सन्नाटा है। आज दोपहर पोस्टमार्टम के बाद गांव लाए गए सभापति के शव के अंतिम दर्शन को ग्रामीणों का सैलाब उनके आवास पर उमड़ पड़ा। पुलिस के साए में उनका अंतिम संस्कार ढाईघाट गंगा तट पर कर दिया गया। चिता को मुखाग्नि उनके छोटे भाई आमोद कुमार सिंह उर्फ पिक्की बाबू ने दी।
बता दें कि सभापति कश्मीर सिंह यादव की उनके राजनैतिक प्रतिद्वंद्वी द्वारिका सिंह यादव और उनके पुत्र सतेंद्र सिंह और भाई वीरपाल ने गुरुवार शाम गोली मारकर हत्या कर दी थी। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने शुक्रवार तड़के शव को पीएम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया था। दुपहर पीएम के बाद उनका शव गांव पृथ्वीपुर लाया गया। शव आते ही गांव में एकबार फिर कोहराम मच गया।
ग्रामीण आनन-फानन में शव को ढाईघाट गंगा तट पर ले गए, जहां उनके छोटे भाई पिक्की बाबू ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी। गंगातट पर क्षेत्र के संभ्रांत नागरिकों के अलावा कलान, परौर और मिर्जापुर की पुलिस मौजूद रही।

कश्मीर को लगी
थीं दो गोलियां
पीएम रिपोर्ट में सभापति कश्मीर सिंह के दो गोलियां लगना दर्शाया गया है। एक गोली उनके सीने में और दूसरी पेट में लगी बताई गई है।



पहले मां और अब
पिता का उठा साया
विनीता को अब चाचा और दादी ही सहारा
अमर उजाला नेटवर्क
मिर्जापुर। इसे प्रकृति का क्रूर मजाक ही कहेंगे कि सभापति कश्मीर सिंह यादव की इकलौती बेटी विनीता की दो वर्ष की उम्र में ही मां की गोद छिन गई, तो 17 वर्ष की उम्र में बाप का साया भी सिर से उठ गया। अब उसका सहारा चाचा और दादी ही रह गए हैं। विनीता का अब रो-रोकर बहुत बुरा हाल है।
विनीता ने बताया कि कल सुबह जब पापा घर से वोट मंागने निकले, तब अचानक किसी बच्चे ने छींक दिया था। छींक को अपशकुन मानते हुए उसने पापा को बाहर जाने से बहुत रोका था, किंतु वह चले गए थे। फिर लौटकर आई उनकी लाश। कश्मीर की मां सुखरानी ने रोते हुए कहा कि जब विनीता दो वर्ष की थी, तब उसकी मां सुफेदी की मौत हो गई थी। अब बाप का साया भी इसके सिर से हट गया है।


चार भाइयों में सबसे
बड़ेथे कश्मीर सिंह
पृथ्वीपुर गांव के प्रतिष्ठित हीरा सिंह यादव के चार बेटे थे। इनमें सबसे बड़ेकश्मीर सिंह और उनसे छोटे लेखराज, रामनिवास एवं आमोद कुमार सिंह उर्फ पिक्कीबाबू हैं। कश्मीर सिंह स्थानीय राजनीति में सक्रिय थे, जबकि सबसे छोटे पिक्की बाबू भट्टा व्यवसाय से जुड़े हैं। बीच के दोनों भाई खेती करते हैं, किंतु कश्मीर की हत्या के बाद पूरा परिवार टूट गया है।

आरोपियों की गिरफ्तारी को दबिश
पुलिस ने गुरुवार रात भर हत्या आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर दबिश दी। कार्यवाहक थानाध्यक्ष बीएल वर्मा का कहना है कि शीघ्र ही हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा। सुरक्षा की दृष्टि से गांव पृथ्वीपुर में पुलिस तैनात है।

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