बालिकाओं की हत्या गंभीर चुनौती

Shahjahanpur Updated Tue, 23 Oct 2012 12:00 PM IST
नवरात्र में ‘देवी स्वरूपा’ पर प्रहार समाज के लिए शर्मनाक
अरुण पाराशरी
शाहजहांपुर। नवरात्र के दिनों में बरेली रेंज में बालिकाओं की हत्या का सिलसिला पुलिस प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। विद्वानों ने कहा है कि ‘बेटियां शीतल हवाएं हैं, वेद की अनुपम ऋचाएं हैं।’ इतना ही नहीं हमारे समाज में तो कन्याओं को पूज्य माना गया है। खासतौर पर इन दिनों नवरात्र में इन्हें देवी का स्वरूप मानते हुए घर-घर इनकी पूजा होती है। ऐसे में एक के बाद एक हो रही बालिकाओं की हत्या समाज के लिए भी कम शर्मनाक नहीं है।
नवरात्र पिछले हफ्ते 15 अक्टूबर से शुरू हुए। 17 अक्टूबर को तिलहर के ग्राम बरैंचा में राकेश की 11 वर्ष की बेटी लापता हो गई और 19 अक्टूबर को उसकी लाश खेत से बरामद हुई। बालिका की हत्या बलात्कार के बाद की गई। 20 अक्टूबर को पीलीभीत में सुनगढ़ी के ग्राम भिलइया में होरीलाल की सोलह साल की बेटी विमलेश गांव में भागवत कथा सुनने गई और गायब हो गई। अगले दिन उसकी लाश मिली। 22 अक्टूबर को अल्हागंज के ग्राम इमलिया में वीरेंद्र कुमार की छह साल की बेटी देवकी दोपहर में घर से निकल गई, शाम को उसकी लाश खेत से बरामद हुई।
साहित्यकार डॉ. सुरेश मिश्र कहते हैं कि हमारी संस्कृति में कन्या का घर में होना ईश्वर का वरदान माना गया है। सृजन की देवी मानते हुए उसे भारी आदर दिया गया है। ऐसे में बालिकाओं की निर्दयता पूर्वक हत्याएं कहीं न कहीं हमारी संस्कृति के नष्ट होने का संदेश दे रही हैं।


पीलीभीत के सुनगढ़ी के भिलइया गांव की घटना में रेप की पुष्टि नहीं हुई है। जांच की जा रही है, जिन लड़कों के साथ उसे देखा गया था, उनसे पूछताछ चल रही है। तिलहर की घटना में एक अभियुक्त गिरफ्तार कर लिया गया है, दूसरे की भी गिरफ्तारी होगी। संभावना है कि विवेचना में बलात्कार व हत्या करने वाला एक ही व्यक्ति मिले। अल्हागंज के इमलिया गांव में प्रथम दृष्टया बलात्कार के बाद देवकी की हत्या का मामला लगता है। सही स्थिति पोस्टमार्टम के बाद ही पता चलेगी। रेंज में मनचलों की सूची बनाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। बालिकाओं के साथ अपराध करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
-एलवी एंटोनी देवकुमार, डीआईजी, बरेली रेंज


बच्चियों के साथ बलात्कार के बढ़ते अपराध के पीछे अपराधी की मानसिकता यह रहती है कि बालिकाएं अनभिज्ञ होने के कारण उसका विरोध नहीं कर पातीं। हत्या के पीछे वजह यह रहती है कि बालिकाएं अपने साथ हुए दुष्कर्म को बिना किसी झिझक के अपने परिवार के लोगों के सामने रख देती हैं। इसी खतरे को समझकर बच्ची के साथ बलात्कार करने के बाद उसकी हत्या कर दी जाती है। औरतों के मामले में गैंगरेप के बाद उन्हें छोड़ दिया जाता है किन्तु बालिकाओं के मामले में ऐसा कम होता है। नवरात्र में अंधविश्वास के चलते बच्चों की बलि देने के लिए भी वारदातें भी होती हैं।
-डॉ. आशिमा श्रीवास्तव, मनोचिकित्सक।

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