सपाई ही तोड़ रहे पार्टी के नियमों को

Shahjahanpur Updated Tue, 02 Oct 2012 12:00 PM IST
सपाई झंडा लगाने में डग्गामार वाहन भी पीछे नहीं
- सदस्यता के बगैर ही बने नेता, नजर है बड़े पदों पर
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। चंद महीनों पहले जो लोग एक हाथ में बसपा की तख्ती और दूसरे में सपा मुखिया का पुतला उठाए हुए नजर आते थे अब सपा की टोली में दिखाई देते हैं। जिसके दिल में आता है वही सपा का झंडा अपनी गाड़ी पर लगा लेता है।
सपा कार्यकर्ताओं की बात तो दूर कुछ डग्गामार गाड़ियां भी सपा का झंडा लगाकर चलाई जा रही हैं। इसी तरह दूसरे दलों से सपा में शामिल हो रहे नेता भी पार्टी दिशा-निर्देशों की धज्जियां उड़ाने में पीछे नहीं है। कई तो सदस्यता लिए बगैर ही अपने को सपाई समझने लगे हैं। इन स्थितियों पर पार्टी के अंदर ही सवाल उठने लगे हैं।
प्रदेश में सत्तारूढ़ होने के तुरंत बाद ही सपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने दूसरे दलों से सपा में आने वालों और पार्टी का झंडा लगाने के संबंध में नियम तय किए थे। पार्टी उन लोगों से दूरी बनाए रखना चाहती थी जो सत्ता की मलाई चाटने की खातिर अपना राजनीतिक चोला ही बदल लेते हैं। पार्टी ने तय किया था कि किसी भी नेता को पार्टी में शामिल करने से पहले प्रदेश स्तर पर अध्यक्ष को विश्वास में लिया जाए और गठित कमेटी की संस्तुति भी प्राप्त कर ली जाए।
वाहनों पर झंडा लगाने की इजाजत भी जिले में सांसद व विधायक के अलावा सिर्फ जिलाध्यक्ष और महासचिव को ही दी गई थी। पार्टी के नियम कानूनों को दरकिनार कर सत्ता में आते ही सपा में शामिल होने की वालों का सिलसिला बना हुआ है। तमाम लोग तो ऐसे हैं जो समाजवादी पार्टी की विधिवत सदस्य भी नहीं है लेकिन वे सपा शासन में महत्वपूर्ण पदों की ओर नजर उठाए हुए हैं। खासतौर से जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर चल रही अविश्वास प्रस्ताव की राजनीति में ऐसा ही देखने को मिल रहा है। जिला पंचायत का अगला अध्यक्ष बनने की दौड़ में ऐसे कई नाम हैं। पार्टी के विधायकों के इर्दगिर्द ये लगे हुए हैं किन्तु इनके पास सपा की सदस्यता नहीं है। इतना ही नहीं बहादुर लाल आजाद को बसपा का जिला पंचायत अध्यक्ष बनवाने में इन्हीं की अहम भूमिका रही थी। जिले में चल रही इस स्थिति से पार्टी के एक युवा नेता ने नेतृत्व को भी अवगत कराया है।
झंडा लगाने और सपा की सदस्यता के सवाल पर पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रदीप पांडेय कहते हैं कि दूसरे दलों से सपा में जो लोग शामिल हुए हैं वे सभी सांसद या विधायक की संस्तुति पर किए गए हैं और उनके नाम पार्टी प्रदेश नेतृत्व को भी भेज दिए गए हैं। अनधिकृत नेताओं के वाहनों से सपा का झंडा हटाने का अभियान इसी महीने से चलाया जाएगा।


नीतू और क्षमा वर्मा सपा
की सदस्य नहीं: पांडेय
जिला पंचायत की राजनीति में सक्रिय नीतू सिंह और क्षमा वर्मा की सदस्यता के बाबत सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप पांडेय कहते हैं कि ये दोनों ही सपा में नहीं हैं, न ही पार्टी की इन्होंने सदस्यता ग्रहण की है।

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