द्रौपदी का चीर बनी रसोई गैस चाहने वालों की लाइन

Shahjahanpur Updated Sat, 29 Sep 2012 12:00 PM IST
गलत नाम-पते वालों को गैस रिफिल मिलनी हुई कठिन
- घरों में ढूंढे नहीं मिल रहे गैस कनेक्शन के पुराने कागजात
अनूप वाजपेयी
समय: दोपहर एक बजे
स्थान: टाउनहाल में सत करतार गैस एजेंसी
धूप सिर पर चढ़ आई, लेकिन जैसे-जैसे लंच टाइम नजदीक आ रहा है, रसोई गैस बुक कराने वालों की लाइन घटने के बजाय लंबी होती जा रही है। आसपास की दुकानों के चबूतरे कतार की तुलना में छोटे पड़ जाने से बाद में आए लोग अपने कनेक्शन की किताबें हाथ में पकड़कर नीचे से ही काउंटर केअंदर ताक-झांक करके यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर बुकिंग में देरी क्यों लग रही है।
काउंटर पर चार-पांच युवाओं के पीछे खड़े एक बुजुर्ग यह देख तिलमिला उठे कि एजेंसी के दफ्तर में काउंटर के पास दो कर्मचारी खाली बैठे गपिया रहे हैं। माथे से चेहरे की झुर्रियों में छिपकर ठोढ़ी तक बहते पसीने को बांह से पोंछते हुए बड़बड़ाए, जो लोग खाली बैठे हैं, उन्हें भी बुकिंग पर लगा दिया जाना चाहिए...लेकिन पब्लिक की परवाह किसे है। तभी काउंटर से कर्कश स्वर उभरा: पुराने कागजात दिखाइए या फिर कनेक्शन का नया फार्म भरकर जमा करिए।
पीछे खड़े चिनौर के रोहित श्रीवास्तव सवाल करते हैं-जिनके कागजात बने हैं, लेकिन अब ढूंढने पर मिल नहीं रहे वे लोग क्या करें? अंदर से जवाब मिला: ऐसे लोगोें को अगर होम डिलीवरी नहीं मिल रही तो उन्हें दुबारा फार्म भरकर जमा किए बगैर सिलेंडर जारी नहीं होगा। दो बज रहा था, लेकिन लाइन जस की तस थी। बाकी लोगों को अगले दिन आने की हिदायत के साथ बुकिंग बंद हो जाती है।

उपभोक्ताओं की दिक्कत उन्हीं की जुबानी

‘कनेक्शन मेरे नाम से है और पता भी सही लिखाया, लेकिन होम डिलीवरी की सुविधा नहीं मिल रही। अब घर पर सिलेंडर पहुंचाने की एवज में दोबारा फार्म भरवाए जा रहे हैं।’
-अजय गुप्ता, सदर बाजार


‘अब सर्दियों में गैस की खपत और ज्यादा होगी और ऐसी दशा में सिर्फ छह सिलेंडर से काम कैसे चलेगा। सामान्य परिवार के लिए कम से कम दस सिलेंडरों की जरूरत है।’
-मोहन लाल राठौर, लोहिया कॉलोनी


‘सब्सिडी वाले सिलेंडर घटाए जाने के बाद गैस की बुकिंग और सिलेंडर हासिल करना पहले से कठिन हो गया है। अब सुबह को बनाया हुआ खाना शाम तक चलाना मजबूरी होगी।’
-ज्योति सक्सेना, ओसीएफ कॉलोनी


‘वैसे भी ज्यादातर सिलेंडरों में गैस निर्धारित मात्रा से कम होती है। अब रियायती दरों वाले सिलेंडर कम कर दिए जाने से छह सदस्यों वाले परिवार को खाना पकाने में दिक्कत होने लगी है।’
-अनीता शुक्ला, ओसीएफ कॉलोनी


क्या कहते हैं एजेंसी संचालक
‘सब्सिडी वाले सिलेंडर कम होने से गैस एजेंसियों पर भी कनेक्शनों का फर्जीबाड़ा रोकने का दबाव बढ़ा है। किराए के मकानों में रहने वाले लोग पते बदलने के साथ दूसरे नामों से जारी कनेक्शन इस्तेमाल कर रहे हैं। इसलिए उन्हें होम डिलीवरी नहीं मिल रही। इसलिए फार्म भराए जा रहे हैं।’
-राम सिंह, व्यवस्थापक, रोहित गैस एजेंसी

‘कोशिश यही है कि नई व्यवस्था से हमारी एजेंसी के कस्टमर को कोई दिक्कत नहीं हो। सभी कनेक्शनधारकों का लेखा जोखा कंप्यूटराइज्ड और ऑन लाइन होने से उन्हें जारी होने वाले सिलेंडरों का हिसाब वितरक कंपनी तक जाता है। कनेक्शनों के कागजात चेक किए जाने में कोई हर्ज नहीं है।’
-शिव खन्ना, संचालक, भारत गैस सर्विस

फैक्ट फाइल
0 जिले में कुल गैस एजेंसियां 18
0 शहर में कुल गैस एजेंसियां 05
0 रसोई गैस के कुल उपभोक्ता 2.17 लाख
0 घरेलू गैस की कुल उपलब्धता 1.47 लाख

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