अनुशासन की भट्ठी में तप रहे एनसीसी कैडेट

Shahjahanpur Updated Thu, 20 Sep 2012 12:00 PM IST
थल सेना की राष्ट्रीय प्रतियोगिता को तैयार हो रही यूपी डायरेक्ट्रेट की टीम
- रोजाना 10 घंटे दिया जा रहा है हाड़तोड़ प्रशिक्षण
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। यूं तो फौज में भर्ती होने की व्यवस्था सीधी तौर पर की जाती रही है, लेकिन एनसीसी इसकी नर्सरी है। एनसीसी से निकले युवा अनुशासित ही नहीं, बल्कि चरित्रवान भी होते हैं। युवाओं को अनुशासन और तमाम हाड़तोड़ प्रशिक्षणों से तपाकर ही फौजी के रूप में ढाला जाता है। दिन में आठ से दस घंटे का प्रशिक्षण युवाओं में जोश पैदा करता है।
इन दिनों एनसीसी की 25 बटालियन की ओर से कैंट एरिया में राष्ट्रीय थल सेना कैंप का विशेष प्रशिक्षण चलाकर यूपी डायरेक्ट्रेट की टीम तैयार की जा रही है। यह टीम 27 सितंबर से सात अक्तूबर तक नई दिल्ली में होने वाले थल सेना कैंप कंपटीशन में प्रतिभाग करेगी। बालकों की टीम तैयार करने का जिम्मा शाहजहांपुर के हिस्से आया है, जबकि बालिकाओं की यूपी टीम इलाहाबाद में तैयार की जा रही है।
नेशनल कंपटीशन के लिए 45 युवाओं का चयन किया गया है, जिसमें 36 सीनियर डिवीजन और नौ जूनियर डिवीजन के कैडेट्स शामिल हैं। इन्हें इस समय विभिन्न तरह की फायरिंग, आब्स्ट्रिकल (10 तरह की बाधाएं पार करने), तंबू लगाने, मैप रीडिंग, हेल्थ एंड हाइजिन (लिखित परीक्षा), युद्ध के संकेतों, युद्ध में दुश्मन के फासले का अनुमान लगाने आदि का कठोर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
प्रशिक्षण का दायित्व कैंप कमांडेंट कर्नल राजन कादयान, सहायक कैंप कमांडेंट कर्नल सुशील गुरुंग, बरेली के लेफ्टिनेंट कर्नल जगराल सिंह और मुरादाबाद के लेफ्टिनेंट कर्नल योगेंद्र कुमार संभाले हुए हैं। इन्हीं के कुशल निर्देशन में एनसीसी अधिकारी कैडेट्स को राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए तैयार कर रहे हैं।
देश के 17 डायरेक्ट्रेट के बीच होने वाले राष्ट्रीय कंपटीशन के लिए यूपी टीम की जिम्मेदारी शाहजहांपुर के कैप्टन राम कुमार को सौंपी गई है। उनके साथ सूबेदार बलवीर सिंह और हवलदार राजेश यादव भी होंगे।

ये रही सीनियर डिवीजन की टीम
थल सेना की राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए यूपी डायरेक्ट्रेट की सीनियर डिवीजन टीम आगरा से रोमेश, अलीगढ़ से पंकज सिंह, शान मोहम्मद, विक्रम सिंह और विकास कुमार, बरेली से आजम खां, संजीश कुमार, धरमवीर, अरुण कुमार, अखिलेश कुमार, सुधीर कुमार, शुभम्, गाजियाबाद से रुद्रपाल सिंह, हरीश कुमार, गोरखपुर से रवींद्र निशाद, विपिन कुमार शर्मा, धर्मेंद्र सिंह, हरी शंकर यादव, नूर आलम अंसारी, छोटू सोनकर, मनोज यादव, पवन कुमार यादव, राम लक्ष्मण दीक्षित, कानपुर से नितिन कुमार, लखनऊ से राघवेंद्र प्रताप सिंह, वाराणसी-ए से सूरज नारायण सिंह, संजीव मिश्रा, सद्दाम हुसैन, प्रीतम चौहान, सुनील सिंह यादव, मंटू सिंह यादव, मुरली मनोहर को चयनित किया गया है। गाजियाबाद के विजय टॉगर और सुमित कुमार एवं बरेली के गौरव त्यागी को अतिरिक्त कोटे में रखा गया है।

ये हैं जूनियर डिवीजन के कैडेट्स
नेशनल कंपटीशन के लिए जूनियर डिवीजन में बरेली के राहुल जोशी, मो. वारिस, गोरखपुर के चंदर विश्वकर्मा, अंबिकेश मणि तिवारी, कानपुर के सैयद जीशाशभन हाशमी, विवेक रॉय, वाराणसी-ए से आनंद कुमार को चयनित किया गया है। इनके अलावा लखनऊ के राहुल प्रजापति एवं अमन सिंह को अतिरिक्त कैडेट्स के रूप में दिल्ली भेजा जा रहा है।


डायरेक्ट्रेट की टीम तैयार करना गौरव की बात: राजन
कैंप कमांडेंट कर्नल राजन कादयान ने बताया कि उनके यहां वर्ष 1997 से 2008 तक लगातार यूपी डायरेक्ट्रेट की टीम तैयार होती रही है। बीच में कुछ समय के लिए बरेली में टीम तैयार की गई। अब फिर उन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह उनके लिए गौरव की बात है। उनका कहना है कि अन्य प्रदेशों के मुकाबले यूपी में एनसीसी कैडेट्स को सुविधाएं कम हैं। श्री कादयान ने आशा व्यक्त की कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी कैडेट रहे हैं, इसलिए वह इस दिशा में जरूर कुछ न कुछ सोचेंगे। ताकि आल इंडिया कंपटीशन में प्रतिभाग करने वाले कैडेट्स को विशेष लाभ मिल सके। आखिर एनसीसी के माध्यम से प्रदेश का प्रतिनिधित्व राष्ट्रीय स्तर पर हो रहा है। यह कोई मामूली बात नहीं है।



कंटीजेंट कमांडर राम कुमार भी गौरवान्वित
राष्ट्रीय कंपटीशन में यूपी डायरेक्ट्रेट टीम के कंटीजेंट कमांडर कैप्टन राम कुमार इससे पहले भी यह दायित्व बखूबी निभा चुके हैं। बताया: वर्ष 2004 में यूपी टीम ने द्वितीय, 2005 में तृतीय और 2006 में पांचवीं पोजीशन हासिल की थी। अभी तक विजेता बनने का गौरव हासिल नहीं हो पाया। उन्होंने नागपुर से लेफ्टिनेंट और कैप्टन का कोर्स किया है। इन प्रतियोगिताओं से युवाओं में कंपटीशन की भावना जागृत होती है। उनकी कोशिश होगी कि इस बार टीम विजेता बनकर लौटे। टीम का नेतृत्व करना गौरव की बात है।


पंकज को मिली अंडर ऑफीसर बनने की जिम्मेदारी
सीनियर डिवीजन के अंडर ऑफीसर नियुक्त किए गए अलीगढ़ के पंकज सिंह इस जिम्मेदारी से बेहद खुश हैं। बोले: इससे अधिक गौरव की बात और क्या हो सकती है कि उन पर विश्वास कर इतना बड़ा दायित्व सौंपा गया है। वह जनपद फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद स्थित मेजर एसडी सिंह डिग्री कालेज में बीएससी प्रथम वर्ष के छात्र हैं। पंकज सिंह जिला एटा के गांव विजयपुर निवासी फौजी वीरपाल सिंह के पुत्र हैं। फायरिंग में खासी रुचि रखने वाले पंकज का सपना ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना है।

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