अंडररेस्ट कर्मी करते हैं गेटों का संचालन

Shahjahanpur Updated Sat, 08 Sep 2012 12:00 PM IST
राज्यरानी एक्सप्रेस का मामला
- संरक्षा नियमों की उड़ रही है धड़ल्ले से खिल्ली
- अपनी जवाबदेही से बच रहे हैं रेलवे अफसरान
अमर उजाला नेटवर्क
रोजा। संरक्षा नियमों को दरकिनार कर रेलवे का इंजीनियरिंग विभाग अनट्रेंड ट्रैकमैनों से गेटों के संचालन का काम ले रहा है। हद तो तब हो गई जब इन गेटमैनों से अंडररेस्ट काम लिया जा रहा है। इस बात का खुलासा बुधवार को राज्यरानी एक्सप्रेस के मोहम्मदी फाटकपर बस दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बचने से हुआ है। इस मामले में कोई भी अफसर अपनी जुबां खोलने को तैयार नहीं।
बता दें कि बुधवार कि शाम लगभग पांच बजे रेलवे के क्रासिंग संख्या 320 पर ड्यूटी के दौरान गेट खुला छोड़कर गेटमैन के भाग जाने पर राज्यरानी एक्सप्रेस रेलवे लाइन पार कर रही एक बस से टकराने से बच गई थी, जिसके अखबार में प्रकाशन के बाद रेल के अफसर बैकफुट पर आ गए। इस लापरवाही के लिये वह पॉवर केबिन को यह कह कर जिम्मेदार मान रहे हैं कि उसने गेटमैन को गेट बंद करने का निर्देश नहीं दिया था, लेकिन गेटमैन ने ही राज्यरानी एक्सप्रेस को फ्लैग संकेत से रोका था।
बता दें कि मोहम्मदी फाटक रेलवे में विशेष श्रेणी में आता है, जहां तकनीकी रूप से कुशल गेटमैनों को ही लगाना चाहिए था, लेकिन हुआ ठीक इसके विपरीत। इंजीनियरिंग विभाग के स्थानीय आला अफसरों ने अकुशल ट्रैकमैन अजय को ड्यूटी पर लगा दिया। इतना ही नहीं उसकी ड्यूटी दिन के दो बजे समाप्त हो रही थी फिर भी उसे 16 घंटे तक ड्यूटी करने का निर्देश दिया गया था, जिस कारण वह अंडररेस्ट भी था।
संरक्षा नियमों के अनुसार विशेष श्रेणी के गेट का संचालन कुशल गेटमैन द्वारा ही किया जाना चाहिए। इसके अलावा उनसे किसी भी दशा में आठ घंटे से ज्यादा कार्य नहीं लिया जा सकता। यहां ठीक इसके विपरीत हुआ। कथित गेटमैन एक तो कुशल नहीं था और उसे सुबह छह बजे से रात दस बजे तक ड्यूटी पर लगाया गया था। ऐसे ही कई अन्य बिंदु हैं जिन पर भी रेल के स्थानीय पर्यवेक्षक और अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
इस प्रतिनिधि ने जब संरक्षा के संबंध में सहायक अभियंता सीताराम से पूछा तो वह झल्ला उठे और कहने लगे कि रेल तो ऐसेे ही चलती है। हमें इस पर कोई टिप्पणी नहीं करनी। इसके अलावा अपर मंडल रेल प्रबंधक एके सिघ्ंाल से कई बार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी तरफ से फोन उठाया ही नहीं गया।


लाल सिगनल की अवहेलना
में दो रेलकर्मी बर्खास्त
- एक चालक को दिया गया अनिवार्य सेवानिवृत्त का फरमान
अमर उजाला नेटवर्क
रोजा। करीब दो माह पहले लाल सिग्नल की अवहेलना करने के मामले में रेल प्रशासन ने एक चालक और उसके सहायक को रेलसेवा से बर्खास्त कर दिया है। एक चालक को समय से पहले अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त कर दिया है।
बता दें कि करीब दो माह पहले मलिहाबाद स्टेशन पर लाल सिग्नल की अवहेलना कर रेलवे लाइन को क्षतिग्रस्त कर देने के मामले में चालक राकेश कुमार शुक्ला और उनके सहायक राजेंद्र कुमार को पहले निलंबित किया गया था और अब जांच पूरी होने पर दोनों को सीनियर डीएमई मो. शाकिब ने रेल सेवा से बर्खास्त कर दिया है, जबकि यहीं के चालक सुशील कुमार मिश्रा को मुरादाबाद के निकट कटघर के समीप लाल सिग्नल की अवहेलना करने के मामले में अनिवार्य रूप से रिटायर करने की सजा सुनाई गई है, जिसका आदेश यहां के लोको कार्यालय भी पहुंच गया है।

Spotlight

Most Read

Unnao

ट्रक में भिड़ी कार, एक की मौत

लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर शाहपुर तोंदा गांव के सामने ट्रक के अचानक ब्रेक लेने से पीछे आ रही तेज रफ्तार कार पीछे घुस गई। हादसे में चालक की मौत हो गई। साथी गंभीर रूप से घायल हो गया।

21 जनवरी 2018

Related Videos

शाहजहांपुर के अटसलिया गांव में नहीं हो रही लड़कों की शादी, ये है वजह

केंद्र सरकार खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन यूपी के शाहजहांपुर जिले में एक गांव ऐसा है जहां महिलाओं को आज भी खुले में शौच जाना पड़ता है।

20 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper