बल्लियों पर टिका है शहरी बिजली नेटवर्क

Shahjahanpur Updated Wed, 22 Aug 2012 12:00 PM IST
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पिछड़े इलाकों की कई मलिन बस्तियां विद्युतीकरण से वंचित
- नीचे झूलते तारों से हर वक्त हादसा होने की बनी है आशंका
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। जहां एक ओर केंद्र सरकार राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत सुदूर देहात के गांवों को बिजली से जगमगाने को कृत संकल्पित है और योजना के तहत तमाम मझरों मेें बिजली पहुंचाने का अवशेष कार्य प्रगति पर है। वहीं शहर के अंदर कई ऐसे इलाके हैं जहां खंभे नहीं होने से बिजली नेटवर्क बांस-बल्लियों पर टिका है। हाल यह है कि शासन की प्राथमिकता सूची में शामिल कई मलिन बस्तियां भी विद्युतीकरण से वंचित हैं।
शहरी क्षेत्र के दशकों पुराने बिजली नेटवर्क को अपग्रेड करने के लिए प्रदेश मेें भाजपा शासन के दौरान करीब एक दशक पहले केंद्र सरकार ने एक्सीलरेटेड पॉवर डेवलपमेंट रिसोर्समेंट प्रोग्राम (एपीडीआरपी) लागू किया था। इस स्कीम से मिले 44 करोड़ रुपये के बजट से शहर में विभिन्न स्थानों पर 33 केवी क्षमता के पांच नए सब स्टेशन बनाने के साथ पुरानी और ज्यादा लंबी लाइनों में करंट का क्षरण (लाइन लास) रोकने को कई नई लाइनें बनाई गईं, लेकिन इन कार्यों का लाभ शहर के पिछड़े इलाकों को नहीं मिल पाया।
दरअसल, योजना के तहत ज्यादातर नई लाइनें वीआईपी क्षेत्रों में बनाई गईं, पिछड़े मोहल्लों और गरीबों की रिहाइश वाली मलिन बस्तियों को अनदेखा कर दिया गया। नतीजा यह हुआ कि विकास की दृष्टि से उपेक्षित बस्तियोें के हजारों लोग विद्युतीकरण से वंचित हैं। खंभों के अभाव में वे बांस-बल्लियों पर झूलते केबिलों के सहारे अपने घर रोशन करने को विवश हैं। काफी निचाई पर झूलते बिजली के तारों से राहगीरों के साथ हर समय कोई हादसा होने की आशंका बनी रहती है।


खंभों की कमी से जूझने वाले इलाके
मोहल्ला निसरजई तराई, मक्कू बजरिया, मदराखेल और मामुड़ी की मलिन बस्ती, तिलहरजई की नई कॉलोनी, सुभाषनगर कॉलोनी, बृजविहार कॉलोनी की गलियां, महमंद हद्दफ की नई कॉलोनी, मोहल्ला ख्वाजा फिरोज की नई बस्ती, किला में कब्रिस्तान केपास आबादी क्षेत्र, लोधीपुर में एनटीआई के सामने वाली कॉलोनी, बहादुरपुरा में पोस्टमार्टम हाउस से दक्षिण दिशा के आबादी क्षेत्र, अहमदपुरा, फत्तेपुर रेती, हयातपुरा और हुसैनपुरा की गलियां आदि ऐसे ही इलाके हैं जहां के लोग बल्लियों के सहारे सैकड़ों मीटर लंबे बिजली के तार अपने घरों तक ले गए हैं।



सपा नेताओं ने
भी साधी चुप्पी
इस प्रसंग से जुड़ा खास तथ्य यह है कि खंभों और एलटी लाइनों से महरूम उपरोक्त सभी इलाकों का बिजली नेटवर्क सुधारने को गत वर्ष बसपा के शासनकाल में सपा के नगर अध्यक्ष तनवीर खां ने अन्य पदाधिकारियों के साथ पॉवर कारपोरेशन के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता का घेराव करके उन्हें ज्ञापन दिया था। यही नहीं, ऐसे इलाकों की अफसरों को सूची भी दी जहां खंभे लगने हैं, लेकिन सूबे की सत्ता में बहुमत से आने के बाद इस ज्वलंत समस्या के प्रति सपा नेताओं का नजरिया बदल गया और अब वे इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हैं।


‘शहर के जिन इलाकों में खंभे अथवा एलटी लाइनें अभी तक नहीं हैं, उन्हें चिह्नित करके लाइनों के डायाग्राम बनाए जा रहे हैं। इसके लिए कई टीमेें जुटाई गई हैं। उम्मीद है कि केंद्र सरकार से एपीडीआरपी के तहत केंद्र सरकार से एक बार फिर नया बजट रिलीज होगा और उसी से बिजली के मौजूदा शहरी नेटवर्क मेें सुधार कराने की योजना है।’
-प्रदीप सोनकर, उपखंड अभियंता (शहर), पॉवर कारपोरेशन

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