लेवी चावल नीति को लेकर संशय

Shahjahanpur Updated Tue, 21 Aug 2012 12:00 PM IST
मिलर्स के गोदामों में अभी भी डंप है 10 हजार एमटी चावल
- एसोसिएशन केंद्र और प्रदेश सरकार पर बना रही दबाव
- अक्तूबर में फिर शुरू होने वाला है चावल का नया सीजन
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। सरकार की लेवी चावल नीति से मिलर्स में असमंजस की स्थिति है। नतीजा यह कि अभी भी मिलों में करीब 10 हजार एमटी लेवी का चावल मिलर्स के यहां डंप पड़ा हुआ है, जबकि आने वाले अक्तूबर में चावल खरीद का नया सीजन शुरू हो जाएगा।
चालू सीजन में लेवी चावल नीति को लेकर मिलर्स और सरकार के बीच खासी तनातनी रही। कई बार सरकार ने लेवी चावल लेने से इनकार किया और जो खरीद हुई उसका भी भुगतान नहीं किया। बाद में मिलर्स एसोसिएशन ने सरकार पर दबाव बनाया तब कहीं जाकर खरीदे गए लेवी चावल का भुगतान तो हो गया, लेकिन अभी भी करीब 10 हजार एमटी लेवी चावल का स्टाक मिलर्स के यहां डंप है।
लेवी चावल नीति को लेकर मिलर्स का कहना है कि केंद्र सरकार की ढुलमुल नीति के कारण मिलर्स को लेवी चावल सरकार को देने में दिक्कत आई थी। अभी अगले सीजन की लेवी नीति स्पष्ट नहीं है। हालांकि अभी भी चालू सीजन का लेवी चावल स्टाक में हैं। मिलर्स एसोसिएशन लेवी चावल नीति को स्पष्ट करने के लिए प्रदेश और केंद्र सरकार पर लगातार दबाव बना रही है ताकि चावल उत्पादन से जुड़े किसानों और चावल का निर्माण करने वाले मिलर्स को दिक्कत न हो।


लेवी चावल की नई स्कीम अभी नहीं आई है, लेकिन मिलर्स के यहां जो चावल डंप है उसको शासन की नीति के मुताबिक लिया जाएगा। अभी चावल स्टोरेज के लिए जगह की समस्या है। अब अगले सीजन में ही इसका निस्तारण किया जाना संभव हो सकेगा।
- अजीत कुमार त्रिपाठी, डिप्टी आरएमओ


अगले सीजन में लेवी चावल की नीति किसानों और मिलर्स के लिए हितकारी साबित होगी। चावल खरीद केबाद सबसे बड़ी समस्या उसके भंडारण की आती है, क्योंकि उसके लिए गोदाम की समुचित व्यवस्था नहीं है।
- अनिल गुप्ता, मिलर्स एवं नगर अध्यक्ष. उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल

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