किसानों ने मांगा राहत पैकेज

Shahjahanpur Updated Sat, 04 Aug 2012 12:00 PM IST
अविश्वसनीय है आधे दाम पर डीजल देने की घोषणा
- किसानों के मुताबिक कृषि मंत्री ने थमाया सिर्फ झुनझुना
अमर उजाला नेटवर्क
शाहजहांपुर/ पुवायां। केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने कम वर्षा की मार से पीड़ित किसानों को लुभाने के लिए भले ही आधे मूल्य पर डीजल उपलब्ध कराने की घोषणा की हो, मध्यम जोत वाले अधिसंख्य किसान उनके कथन को हवा-हवाई बताते हुए उसे भरोसे के काबिल नहीं मानते। किसानों का कहना है कि बिना स्पष्ट नीति के इस योजना का लाभ उनसे ज्यादा दलालों को मिलेगा।
कृषि मंत्री की घोषणा के बारे मेें किसानों को टटोले जाने पर उनका यही नजरिया सामने आया। उनका मानना है कि किसानों को इस योजना का लाभ देने से पहले व्यापक नियम-निर्देश जारी किए जाने जरूरी हैं। आखिर कैसे तय होगा कि हॉफ रेट की कतार में खड़े लोगों में सभी सिंचाई के वास्तविक जरूरतमंद किसान हैं, डीजल के कारोबारी अथवा वाहनों से धुआं निकालने वाले लोग नहीं। देखिए, क्या कहते हैं किसान।



‘हमारी पीड़ा समझने के लिए कृषि मंत्री साधुवाद के पात्र हैं, लेकिन उन्हें अपनी घोषणा से जुड़े प्रश्नवाचक भी स्पष्ट करने चाहिए। व्यवहारिक दृष्टि से आधे मूल्य पर डीजल सुलभ कराना इतना आसान नहीं, जितना कह देना। नीति तय हो कि कैसे होगी डीजल के तलबगार वास्तविक किसानों की पहचान। किसानों को खरीदे गए डीजल पर सब्सिडी का नगद भुगतान उनके खातों में हो।’
- राजेंद्र वर्मा, गांव गुरघिया



‘आधे मूल्य पर डीजल देने की योजना केंद्र सरकार और कृषि मंत्री किस तरह लागू करना चाहते हैं, इसका ब्यौरा मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। होता यह आया है कि सूखा, बाढ़ राहत आदि के बजट का उपयोग कम, उपभोग ज्यादा होता है और वास्तविक पात्र सरकारी इमदाद से वंचित रह जाते हैं। इस योजना का हाल भी ऐसा ही नहीं हो, यह सुनिश्चित किया जाना बेहद जरूरी है।’
- स्वर्ण सिंह नामधारी, रौतापुर कलां



‘लघु-मझोले किसानों को आधे मूल्य पर डीजल दिए जाने की घोषणा स्वागत योग्य है। खाद और बीज पर भी ऐसी स्कीम लागू की जानी चाहिए। किसान एक एकड़ पर कितना डीजल ले सकेगा? कितनी बार उसे डीजल दिया जाएगा? इन बातों का स्पष्ट होना भी बहुत जरूरी है। बेहतर होता कि किसानों के लिए राहत पैकेज घोषित किया जाता। योजना का लाभ किसानों को मिलने में और भी कई संदेह हैं।’
- रामू वाजपेयी, मोहनपुर



‘तमाम बड़े किसानों के पास चार पहिया वाहन हैं। उनके खेतों में नलकूप आदि की सुविधा है। ऐसे में फसल की सिंचाई के लिए आधे मूल्य पर मिलने वाले डीजल का दुरुपयोग होने की आशंका ज्यादा है। किसान बही आदि प्रपत्र जुटाकर दलाल डीजल की जमा खोरी शुरू कर देंगे। यह आशंका इसलिए है क्योंकि पहले भी ऐसा हा चुका है। किसानोें को नगद लाभ से ज्यादा राहत मिलेगी।’
- इंद्रजीत सिंह, खुटार

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