वैभव हत्याकांड: संदिग्धों का होगा पॉलीग्राफ टेस्ट

Shahjahanpur Updated Sun, 15 Jul 2012 12:00 PM IST
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पीपल घाट के किनारे पड़ा मिला था बालक का शव
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- पोस्टमार्टम में मौत का कारण बताया गया था पानी में डूबना
- विवेचक ने न्यायालय से परीक्षण कराने की प्राप्त की अनुमति
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। कटिया टोला निवासी पत्रकार शैलेंद्र वाजपेयी के साढ़े 11 वर्षीय इकलौते बेटे वैभव की हत्या के मामले में अब तक की पुलिस जांच में जो भी लोग संदिग्ध पाए गए, उन सभी का सोमवार से कई चक्रों में पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जाएगा। घटना के विवेचक ने संदिग्धों का परीक्षण कराने की न्यायालय से अनुमति ले ली है।
बता दें कि वैभव 26 जुलाई 2010 की शाम स्कूल से लौटने के थोड़ी देर बाद ही अपनी मां अनीता वाजपेयी से यह कहकर घर से निकल गया था कि होमवर्क करने को दोस्त से कॉपी लेने जा रहा है। देर शाम तक वह घर नहीं लौटा तो लखनऊ से लौटे पिता ने उसे अगले दिन तलाशा।
इसी बीच, किसी ने एसपी आवास के पीछे खन्नौत नदी के सुनसान पीपल घाट के किनारे एक बालक का शव पड़ा होने की सूचना दी। वहां बेटे का शव नग्नावस्था में पड़ा देख बिलख उठे। हालांकि, पीएम रिपोर्ट में वैभव की मौत का कारण डूबना बताया गया और इसी आधार पर पुलिस ने केस को हल्केपन से लिया, लेकिन घटनास्थल हत्या किए जाने के कई साक्ष्य मिले।
मसलन, वैभव के गले पर नीला निशान और उसकी नाक से खून निकला पाया गया। मौके पर उसकी साइकिल भी नहीं मिली। पुलिस के अनुसार वह नहाते समय डूब गया, लेकिन घटनास्थल पर उसके कपड़े भी नहीं पाए गए। पुलिस ने काफी जद्दोजहद और उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की।
श्री वाजपेयी ने पुश्तैनी मकान की रंजिश में परिवार केकुछ लोगों पर बेटे की हत्या का संदेह जताया। घटना के एक माह बाद आईजी ने भी मौका मुआयना करके माना कि वैभव की हत्या किया जाना प्रतीत हो रहा है, लेकिन दोषियों तक पुलिस केहाथ नहीं पहुंच सके।
इस पर पीड़ित पिता ने लखनऊ जाकर डीजीपी और गृह विभाग के अधिकारियों से संपर्क साधा। उनके प्रयास रंग लाए और विशेष अपराध अन्वेषण शाखा के एसआई नरेंद्र सिंह तेवतिया ने नए सिरे से जांच शुरू की। उन्होंने पाया कि इस घटना में जिन लोगों पर वादी ने संदेह जताया, उनकी भूमिका वाकई संदिग्ध है। विवेचक की रिपोर्ट पर विधि विज्ञान प्रयोगशाला की फोरेंसिक टीम ने भी मौका मुआयना करके यही निष्कर्ष निकाला।
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार वैभव के पिता ने नौ लोगों पर हत्या की साजिश में शामिल होने का संदेह जताया है। उन सभी से सच्चाई उगलवाने को सोमवार से लखनऊ में उनका पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जाएगा। इसके लिए न्यायालय सहित विधि विज्ञान प्रयोगशाला के उप निदेशक (बायो) सुरेश चंद्रा ने भी सहमति दे दी है।


इस्तेमाल हुई सीन ऑफ क्राइम
रीकांस्ट्रक्शन तकनीक
विधि विज्ञान प्रयोगशाला केउप निदेशक (बायो) ने संदिग्धों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने से पहले पांच सदस्यीय टीम के साथ गत 17 अप्रैल को घटनास्थल पर जाकर सीन ऑफ क्राइम रीकांस्ट्रक्शन किया। ये वो तकनीक है जिसमें विशेषज्ञ बताए गए अपराध का काल्पनिक सृजन करके घटना से जुड़ी बिखरी कड़ियां जोड़ने की कोशिश करते हैं।


‘वैभव की मौत कैसे हुई, इस सवाल का जवाब बहुत जल्द मिल जाएगा। संदिग्धों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने को न्यायालय से अनुमति मिल चुकी है। सभी को एक साथ लखनऊ ले जाना संभव नहीं होगा। इसलिए उन्हें सोमवार से कई चक्रों में लखनऊ ले जाया जाएगा।’
-नरेंद्र सिंह तेवतिया, विवेचक, विशेष अनुसंधान शाखा
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