जैतीपुर में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतरी

Shahjahanpur Updated Sat, 14 Jul 2012 12:00 PM IST
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तमाम स्कूल चल रहे हैं शिक्षामित्रों के सहारे
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- 120 प्राथमिक विद्यालय में गर्त वर्ष पंजीकृत थे 17701 बच्चे
- पढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी गई 100 शिक्षकों, 196 शिक्षामित्रों पर
- सर्व शिक्षा अभियान की खिल्ली उड़ा रहा है शिक्षकों का टोटा
अमर उजाला नेटवर्क
जैतीपुर। क्षेत्र की पटरी से उतरी प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही। सत्र के प्रारंभ से ही शिक्षकों का भारी टोटा सर्व शिक्षा अभियान की खिल्ली उड़ा रहा है। लगता है कि शासन ज्यों-ज्यों शिक्षा व्यवस्था पर मोटी रकम खर्च कर बच्चों को शिक्षित करना चाहता है, त्यों-त्यों स्थिति दयनीय होती जा रही है।
क्षेत्र में इस समय 120 प्राथमिक विद्यालय हैं, इनमें गत वर्ष 17701 बच्चे पंजीकृत थे। प्रशासन ने इन नौनिहालों को उत्तम तालीम देने को मात्र 100 शिक्षकों और 196 शिक्षामित्रों की नियुक्ति की, जोकि सर्व शिक्षा अभियान के अनुसार ऊंट के मुंह में जीरा के समान है क्योंकि सर्व शिक्षा अभियान के तहत 30 बच्चों पर एक ट्रेंड शिक्षक होना जरूरी है। इस आंकड़े से क्षेत्र में 590 ट्रेंड शिक्षक होना चाहिए। इस तरह शिक्षा मित्रों को छोड़कर 490 शिक्षकों का टोटा है।
यहां बता दें कि क्षेत्र में 10 विद्यालयों का निर्माण कार्य अभी पूर्ण नहीं हो पाया है। पूर्ण होते ही यह विद्यालय भी इसी सत्र में समायोजित हो जाएंगे। क्षेत्र के तमाम विद्यालय ऐसे हैं, जिनका दारोमदार केवल शिक्षा मित्रों के ऊपर ही टिका है। इन शिक्षा मित्रों को पल्स पोलियो, आर्थिक जनगणना, बाल गणना आदि में भी लगाया जाता है, तो ऐसी स्थिति में वहां ताले लटकना लाजमी है।
उच्च प्राथमिक विद्यालयों की दशा इससे कहीं कम खराब नहीं है। यहां 40 विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 6250 बच्चे पंजीकृत हैं। इन्हें शिक्षित करने के लिए 92 अध्यापक नियुक्त किए गए हैं, जबकि 40 छात्रों पर एक अध्यापक होना चाहिए। इस तरह यहां भी 65 अध्यापक कम हैं।


यह विद्यालय हैं शिक्षामित्रों के सहारे
परियूना, बिलगरी, सोंधा, कुबेर गौटिया, अली अकबरपुर नवादा, बकैनिया, बरी प्रसिद्घपुर प्रथम और द्वितीय, भरई, खेड़ा, घसा पृथ्वीपुर, गौहापुर, टाटराबाद, मडुरिया, सिमरिया रायपुर, खमरिया प्रथम, नौवतिया, पलिहुरा, मोहब्बतगंज, कुआंडांडा, जैतीपुर आदि।


‘हां, क्षेत्र में अध्यापकों की भारी कमी है। इसे पूरा करने के लिए प्रयास कर रहा हूं। मालूम हुआ है कि कुछ स्कूलों में अभी शिक्षक अनुपस्थित हैं। जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मध्याह्न भोजन अभी नहीं बनवाया जा रहा है। जल्द ही व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी।’
- इंद्रप्रताप सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी जैतीपुर
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