हिस्ट्रीशीटर पर प्रशासन मेहरबान

Shahjahanpur Updated Tue, 03 Jul 2012 12:00 PM IST
सिटी मजिस्ट्रेट ने दस बजने से पूर्व ही जारी किया जमानत का आदेश
- पुलिस रिकार्ड में लंबी हिस्ट्रीशीट है बार्डर के नाम
- धारा 151 में कार्रवाई कर सभी जमानत पर रिहा
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने वाले कुख्यात अपराधियों के प्रति शाहजहांपुर के अफसरों की नरम दिली देखने लायक है। ताजा मामला सुहेल उर्फ बार्डर का है।
मतदान केंद्र पर पथराव, फायरिंग और बवाल करने के आरोप में गिरफ्तार किए बार्डर व तीन अन्य युवकों के खिलाफ शांति भंग करने आरोप में पुलिस ने कार्रवाई की और सिटी मजिस्ट्रेट ने सुबह दस बजने से पहले ही जमानत आदेश भी जारी कर दिया।
जानकारों के मानना है कि इस मामले में गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर होनी चाहिए थी। अपराध की दुनिया में बार्डर जाना पहचाना नाम है और पुलिस के रिकार्ड में उसकी लंबी चौड़ी क्रिमिनल हिस्ट्री दर्ज है। इस तरह के अपराधी के प्रति पुलिस की यह कार्रवाई तमाम तरह के सवाल खड़े कर रही है। पुलिस व प्रशासन की यह स्थिति तब है जब काननू-व्यवस्था का मुद्दा राज्य के मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में है।
ध्यान रहे कि रविवार को मतदान के दौरान शहर के अलीजई स्थित मतदान केंद्र पर दोपहर में बूथ कब्जाने के लेकर बवाल हुआ था। जिसमें पुलिस पर पथराव किया गया। कुछ फायर भी हुए थे। मौके पर मौजूद एक पुलिस कर्मी से अभ्रदता भी की गई। हालांकि पुलिस अधीक्षक एके राघव पुलिस कर्मियों से अभद्रता होने से इंकार कर रहे हैं।
इस मामले में पुलिस ने अलीजई के ही सुहेल उर्फ बार्डर, जावेद, अजीम व कामरान को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार युवकों में बार्डर हिस्ट्रीशीटर है और उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा, गुंडा एक्ट व गैंगेस्टर एक्ट के तहत तमाम मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने मतदान केंद्र पर हुए बवाल के बावत गिरफ्तार युवकों के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की।
हिस्ट्रीशीटर समेत चारों के खिलाफ पुलिस ने शांति भंग करने के आरोप में कार्रवाई की। इसके बाद पुलिस उनकी जमानत की जुगाड़ में लग गई। पुलिस ने रात में पत्रावली तैयार कर दिन निकलते ही सिटी मजिस्ट्रेट गौरव वर्मा के पास पहुंचा दी। सिटी मजिस्ट्रेट ने पचास-पचास हजार रुपये के मुचलकों पर पाबंद कर रिहाई का आदेश जारी कर दिया। बताते हैं कि रिहाई का आदेश लेकर सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय का एक कर्मचारी सुबह दस बजे तक थाने पहुंच गया था। आदेश मिलते ही चारों को पुलिस ने रिहा कर दिया।



चुनाव के दिन झगड़ा करने वालों पर शांतिभंग के तहत ही कार्रवाई की जाती है। गिरफ्तार हिस्ट्रीशीटर पर जो भी मुकदमे दर्ज हैं वह ट्रायल पर हैं।
- डॉ. एके राघव, पुलिस अधीक्षक


मतदान के दौरान यदि किसी केंद्र पर पथराव, फायरिंग, हंगामा होता है तो वह गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में पुलिस को आईपीसी के तहत गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करनी चाहिए। सिर्फ सीआरपीसी की धारा 151 के तहत कार्रवाई अपराधियों को संरक्षण देना जैसा है। चुनाव के दौरान झगड़ा करने वाले के आपराधिक इतिहास का भी पुलिस को संज्ञान लेना चाहिए।
- आशीष त्रिपाठी, अधिवक्ता

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