विज्ञापन

1,975 को और मिल जाएगा प्रवेश

Shahjahanpur Updated Fri, 22 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
0 स्नातक कक्षाओं में 25 फीसदी सीटें बढ़ने से छात्रों को मिलेगा लाभ
विज्ञापन
0 छात्र-छात्राओं से चहकने लगे हैं महाविद्यालयों के कैंपस
0 भीषण गर्मी में प्रवेश फार्म लेने को लग रही हैं लंबी कतारें
शाहजहांपुर। शिक्षा का नया सत्र शुरू होने की आहट मात्र से महाविद्यालयों के कैंपस चहकने लगे हैं। स्नातक कक्षाओं में प्रवेश के लिए छात्र-छात्राओं की भीड़ उमड़ने लगी है। भीषण गर्मी में विद्यार्थी प्रवेश फार्म लेने के लिए घंटों लाइन में लगे देखे जा सकते हैं। चूंकि इस बार इंटर में जिले से 27,752 रिकार्ड विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं, इसलिए महाविद्यालयों में प्रवेश की मारामारी मचना स्वाभाविक है। हालांकि सरकार ने परीक्षाफल को ध्यान में रखते हुए सभी महाविद्यालयों में 25 फीसदी सीटें बढ़ाने का निर्णय ले लिया है, इसके बावजूद प्रवेश की समस्या पर कोई खास असर पड़ने वाला नहीं दिखाई देता है।
बता दें कि जनपद में दस महाविद्यालय हैं, जिनमें वित्तपोषित कक्षाओं में स्नातक सीटों की संख्या 7,900 है, जिसमें बीए की सर्वाधिक सीटें 5,900 हैं, इसके अलावा बीएससी की सीटें 1,360 और बीकॉम की सीटों की संख्या 640 है। वैसे सभी महाविद्यालयों में कुल सीटों की संख्या 8,640 है, जिसमें 740 सीटें स्ववित्तपोषित हैं। इन 740 सीटों में बढ़ी हुई सीटों का लाभ मिलने की संभावना कम ही है। यदि 25 फीसदी बढ़ी सीटों का फरमान आ जाता है तो 1,975 छात्र-छात्राओं को और प्रवेश मिल सकता हैं, लेकिन फिर भी बहुत बड़ी संख्या में छात्र प्रवेश से वंचित रह जाएंगे। जो एक जटिल समस्या होगी।
इसी समस्या को देखते हुए महाविद्यालयों में आवेदन फार्म आते ही एकाएक भीड़ बढ़नी आरंभ हो गई है। सुदूर क्षेत्रों से आने वाले छात्र कॉलेज में ही फार्म भरकर जमा कर रहे हैं। वह अपनी ओर से कोई रिस्क लेना नहीं चाहते।
000
ऊंट के मुंह में जीरा होंगी बढ़ी सीटें: अवनीश
एसएस कॉलेज प्राचार्य डॉ. अवनीश मिश्र का कहना है कि 25 प्रतिशत बढ़ीं सीटें ऊंट के मुंह में जीरा साबित होंगी। इतनी सीटें तो लगभग हर साल ही बढ़ाई जाती रही हैं, लेकिन इस बार जिले में इंटर का परीक्षाफल 93.4 प्रतिशत रहा है, इसलिए सरकार को अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर भी विचार करना चाहिए। कहा: बिना अतिरिक्त कक्षाएं शुरू कराए प्रवेश समस्या का समाधान संभव नहीं है।
000
सांध्यकालीन कक्षाएं प्रभावी होंगी: अकील
जीएफ कालेज के प्राचार्य डॉ. अकील अहमद का मानना है कि 25 फीसदी सीटें बढ़ने से कुछ छात्र तो निश्चित रूप से लाभांवित होंगे ही, लेकिन इतना बड़ा गैप नहीं भरा जा सकता। चूंकि इंटर का रिजल्ट बहुत हाई गया है, इसलिए महाविद्यालयों में सीटें बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा, इसके लिए सांध्यकालीन कक्षाएं ज्यादा प्रभावी रहेंगी। सरकार को इस बात पर भी विचार करना चाहिए।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Shahjahanpur

टीईटी परीक्षा देने जा रही शिक्षामित्र की बाइक से गिरकर मौत

टीईटी परीक्षा देने जा रही शिक्षामित्र की बाइक से गिरकर मौत

18 नवंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

शाहजहांपुर में गिरी इमारत, पुलिस के शिकंजा कसते ही ठेकेदार की बिगड़ी तबीयत

शाहजहांपुर में दो मंजिला निर्माणाधीन कॉलेज की बिल्डिंग गिरने पर हुई तीन लोगों की मौत के बाद से पुलिस एक्शन में आ गई। जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने बताया है कि बचाव कार्य खत्म हो चुका है और अब पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में जुट गई है।

15 अक्टूबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree