शहरी भुगत रहे हैं अदूरदर्शिता का खामियाजा

Shahjahanpur Updated Mon, 18 Jun 2012 12:00 PM IST
ओवरलोडिंग के बावजूद ककरा सब स्टेशन को नहीं मिला अतिरिक्त ट्रांसफार्मर
- एक दशक पहले 44 करोड़ के बजट से डाली गई थीं नई लाइनें
- आबादी बढ़ने के साथ ट्रांसफार्मर की क्षमता नहीं बढ़ाई गई
- 33 केवी एचटी लाइन ओवरलोडिंग से अक्सर होती है ट्रिप
- तीन इनकमिंग फीडर एक ही लाइन से जोड़ने का नतीजा
अनूप वाजपेयी
शाहजहांपुर। शहरी क्षेत्र को लाइन फाल्ट से बचाने और बेहतर सप्लाई को एक दशक पहले केंद्र सरकार के एक्सीलरेटेड पॉवर डेवलपमेंट रिसोर्समेंट प्रोग्राम (एपीडीआरपी) के तहत 44 करोड़ रुपये के बजट से जो नई लाइनेें डालने के साथ कई सब स्टेशन स्थापित किए गए, उनका लाभ अदूरदर्शिता की भेंट चढ़ गया। हाल यह है कि 33 केवी के ककरा सब स्टेशन की ओवरलोडिंग का खामियाजा हथौड़ा और अब्दुल्लागंज सब स्टेशनों से जुड़े शहर के तमाम इलाकों के हजारों उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
बताते चलें कि बिजली की तीव्रता वोल्टेज और उपभोग किए जा रहे करंट से उपजी ओवरलोडिंग एंपीयर इकाई से मापी जाती है। पांच एमवीए के एक ट्रांसफार्मर की लोड वहन क्षमता 262.5 एम्पीयर नियत है। समय के साथ उपभोक्ता बढ़े। इसलिए करीब पांच साल पहले शहर के सभी छह सब स्टेशनों की लोड क्षमता बढ़ाकर 525 एम्पीयर करने का फैसला हुआ।
अब्दुल्लागंज, बहादुरगंज, और निगोही रोड गदियाना सब स्टेशन पर पांच एमवीए के दो-दो और हथौड़ा में दस एमवीए का एक ट्रांसफार्मर लगाया गया। खास यह है कि डीएम-एसपी आवास, आफीसर्स कालोनी जैसे वीआईपी क्षेत्रों सहित सिविल लाइंस जैसे पॉश इलाके को सप्लाई दे रहे गोविंद गंज सबस्टेशन में दस एमवीए का ट्रांसफार्मर पहले से लगा होने के बावजूद वहां पांच एमवीए का एक ट्रांसफार्मर और लगा दिया गया।
इससे गोविंद गंज की लोड क्षमता जरूरत से कहीं ज्यादा बढ़कर 787.5 एम्पीयर हो गई। दूसरी ओर तमाम मोहल्लों समेत मलिन बस्तियों को रोशन कर रहे ककरा स्टेशन को अतिरिक्त ट्रांसफार्मर नहीं मिला। वहां के इकलौते ट्रांसफार्मर पर आनंदपुरम फीडर से 120, आवास विकास से 115 और हद्दफ फीडर से 80 एम्पीयर लोड पड़ रहा है। यह पांच एमवीए के ट्रांसफार्मर की क्षमता से 52.5 एम्पीयर अधिक है।
ऐसे में ककरा में ओवरलोडिंग से सिस्टम ट्रिप होने पर हथौड़ा और अब्दुल्ला गंज सब स्टेशनों से फीडर इलाकों में भी पावर कट हो जाता है क्योंकि तीनों सब स्टेशनों के लिए पैना से निकली 33 केवी की इनकमिंग लाइन एक ही है। 220 केवी स्टेशन से निकली यह लाइन ट्रिप होते ही आधे से अधिक शहर की बत्ती गुल हो जाती है। ककरा सब स्टेशन लाइन के अंतिम छोर पर होने से उसे संकट का सामना कुछ ज्यादा ही करना पड़ता है।
लाइन फाल्ट चाहे पैना-हथौड़ा के बीच हो या हथौड़ा और अब्दुल्लागंज के, दोनों स्थितियों में ककरा की बिजली ठप होना स्वाभाविक है। समस्या के निदान को निगोही रोड से ककरा तक सीधी लाइन डाली जा चुकी है, लेकिन कुछ कार्य शेष होने से आए दिन लाइन फाल्ट और ट्रांसफार्मर ओवरलोडिंग की भेंट चढ़ने की शिकायतें जारी हैं। अफसरों के अनुसार नई लाइन के बीच रेलवे क्रासिंग के पास भूमिगत केबिल डालकर लाइन चालू कर दी जाए तो सारी समस्या हल हो जाएगी। इसके लिए ठेकेदार का इंतजार किया जा रहा है जो मुख्यालय के आदेश पर बिजली बोर्ड से आना है।



‘ककरा के लिए पांच एमवीए के ट्रांसफार्मर का प्रस्ताव उच्च स्तर पर विचाराधीन है। निगोही रोड-ककरा के बीच रेलवे क्रासिंग के नीचे केबिल पड़ने से लाइन छोटी हो जाएगी और ककरा अलग हो जाएगा। इसका लाभ हथौड़ा और अब्दुल्लागंज सब स्टेशन से जुड़े अन्य शहरी क्षेत्रों के लोगों को भी मिलेगा। इस दिशा में नगर विधायक सुरेश खन्ना काफी प्रयासरत हैं।’
-जीडी जोशी, अवर अभियंता/प्रभारी ककरा सब स्टेशन

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