25 फिल्मों की स्क्रिप्ट लिख चुके मोअज्जम

Shahjahanpur Updated Mon, 04 Jun 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
अगली फिल्म ‘कसीनो गोरखपुर’ जल्द होगी प्रदर्शित
- बोले, अपनी कथा पटकथा को निर्देशन भी खुद ही देंगे
- मनी है तो हनी है, रॉक स्टार फिल्में मचा चुकी हैं धूम
उमेश शर्मा
शाहजहांपुर। दिशा है तो मंजिल जरूर मिलेगी। यह साबित कर दिखाया है मोअज्जम बेग ने। कई फिल्मों की कथा पटकथा लिख चुके हैं। अब कदम निर्देशन की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं। मुंबई क्या गए, फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। कमोवेश एक दशक पहले बॉलीवुड में कदम रखा। तब से अब तक करीब 25 फिल्मों के लिए स्क्रिप्ट लिख चुके हैं। थिएटर से शुरूआत करने वाले बेग ने साफ कहा कि अपनी कथा पटकथा के लिए निर्देशन भी खुद ही देंगे। फिलहाल उनकी पूरी ऊर्जा अगली फिल्म-कसीनो गोरखपुर पर है। इसकी थीम अमीर और गरीब के बीच की खाई यानी पैसा है। इसमें स्थापित कलाकार होंगे। इसके अलावा अपनी फिल्म साड्डा अड्डा को एक बड़ी उपलब्धि मानते हैं क्योंकि इसमें कथा, पटकथा, संवाद और निर्देशन भी उन्हीं का है।
दरअसल बेग साहब का सफरनामा काफी लंबा है। वह यहां मोहल्ला बाड़ूजई पेशावरी अपने घर आए हुए हैं। सोमवार को वापस मुंबई लौट रहे हैं। जामिया मिलिया से मास कम्यूनिकेशन से निर्देशन में 2002 में डिग्री ली। 2003 में मुंबई निकल गए। बहुत संघर्ष नहीं करना पड़ा। सुभाष घई के मुक्ता आर्ट्स में जॉब मिल गया। इसके बाद 2006 में उनकी पहली फिल्म ‘स्वामी’ रिलीज हुई। इसके बाद सिलसिला चल पड़ा। ‘मनी है तो हनी है’, ‘रॉक स्टार’ रिलीज हुई। इसको वेस्ट स्क्रीन प्ले के लिए फरवरी में जी सिने एवार्ड भी मिला। बोले, इसको लेकर इम्तिआज अली से काफी कंर्टोवर्सी भी रही, लेकिन उनका मानना है कि ईमानदारी और मेहनत ही काम आती है। सिनेमा के विषय में बोले- कामर्शियल सिनेमा में विश्वास रखते हैं। क्योंकि सिनेमा हमारी जिंदगी का अहम् हिस्सा है। लेखन के विषय में बताया कि कहानी बुनते हैं। उनका मानना है कि स्क्रिप्ट जमीन है। बुनियाद होती है। थॉट्स आते हैं, तो लिखते जाते हैं। लेकिन कितना कर चुके? यह भूल जाते हैं। उन्हें सिर्फ इतना याद रहता है कि आगे क्या करना है।
थिएटर के विषय में पूछने पर बताया कि असली कलाकार की पहचान यहीं से होती है। अभिव्यक्ति संस्था के बैनर तले सबसे पहला नाटक नारायण नारायण किया। इस बीच बहुत ड्रामा किए। थिएटर और फिल्म में बुनियादी फर्क भी बताए। शाहजहांपुर से इतने कलाकार कैसे निकल रहे हैं? इस पर उनका जवाब था- यहां इस क्षेत्र में निरंतरता बनी चली आ रही है। यही वजह है कि एनएसडी में यहां से एक दो लड़के सलेक्ट होते ही रहते हैं। उन्होंने कलाकारों में चंद्र मोहन महेंद्रू, जरीफ मलिक आनंद, राजेश कुमार के नाम लिए। बोले-इनसे बहुत कुछ सीखा है। उनका लक्ष्य अब अपनी कथा पटकथा का स्वयं ही निर्देशन है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बॉलीवुड में अपने लिए जमीन तैयार कर चुके।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Rampur

गर्मी का कहर: शाहबाद क्षेत्र में झुलसी पालेज , किसान परेशान

गर्मी का कहर: शाहबाद क्षेत्र में झुलसी पालेज , किसान परेशान

23 मई 2018

Related Videos

कुछ ऐसा हुआ कि दुल्हन के दरवाजे से ही भाग खड़े हुए बाराती

शाहजहांपुर में हर्ष फायरिंग में एक युवक की जान चली गई। बारात दुल्हन के दरवाजे तक पहुंच चुकी थी, डांस चल रहा था लेकिन इसी बीच हर्ष फायरिंग के दौरान एक गोली लाइट उठाने वाले लड़के की गर्दन में जा लगी जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

29 अप्रैल 2018

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen