बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
TRY NOW

गैंगरेप के आरोपियों को क्लीन चिट

Shahjahanpur Updated Mon, 04 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
पुलिस ने मृतका के मामा को ही बताया घटना का जिम्मेदार, रिपोर्ट
विज्ञापन

- मामा के डांटने पर किया था किशोरी ने आत्मदाह
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुराचार की पुष्टि नहीं हुई
अमर उजाला नेटवर्क
शाहजहांपुर/तिलहर। पिपरोली गांव की सोनी के गैंगरेप से आहत होकर आत्मदाह करने के मामले में पुलिस ने सोनी की मां द्वारा नामजद कराए गए आरोपियों को क्लीन चिट दे दी है। पुलिस ने सोनी के मामा अनिल उर्फ प्रहलाद को सोनी की मौत का जिम्मेदार ठहराया है। डीआईजी ने जांच के बाद इसका खुलासा किया है। साथ ही पोस्टमार्टम में भी सोनी के साथ दुराचार की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने किशोरी के मामा के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
ग्राम पिपरोली निवासी बिटोली देवी ने गांव के ही बृजमोहन उर्फ नन्हे और जसवीर सिंह उर्फ पिन्ना पर बेटी सोनी के साथ दुराचार करने और इससे आहत होकर सोनी द्वारा आत्मदाह करने का मुकदमा दर्ज कराया था। शुक्रवार देर रात बरेली में पोस्टमार्टम के बाद कड़ी सुरक्षा में रविवार सुबह सोनी का अंतिम संस्कार उसके गंाव पिपरोली में करा दिया गया। इस समय मृतका के घर पर पुलिस बल तैनात है।

रविवार को पुलिस अधीक्षक और तिलहर के पुलिस अधिकारी इस प्रकरण पर कोई भी बातचीत करने से बचते रहे। देर शाम तिलहर कोतवाली में पत्रकारों को एक प्रेस नोट उपलब्ध कराया, जिसमें पुलिस का कहना है कि सोनी एक जून को नौ बजे पिन्ना से बातचीत कर रही थी जिसे उसके मामा ने देख लिया और वह बाल पकड़कर घसीटते हुए घर में ले गया। घटना की जानकारी मां को न मिल पाए इसलिए सोनी ने मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह कर लिया।
रविवार को बरेली में प्रेस कांफ्रेंस में डीआईजी एलबी एंटनी देवकुमार ने अपनी जांच में इसी तरह का खुलासा करते हुए बताया कि सोनी के मामा अनिल उर्फ प्रहलाद ने आरोपियों के दीवार कूदकर घर में घुसने की बात कही थी, लेकिन दीवार पर किसी के पैरों के निशान नहीं मिले। अनिल ने बताया था कि जब आरोपी सोनी को ले जा रहे थे तो वह छत पर खड़ा था और पीछा करते हुए घटनास्थल के पास तक गया था। बकौल डीआईजी, उसका यह कहना भी जांच में गलत साबित हुआ। भंडारे में शामिल किसी भी व्यक्ति ने सोनी को ले जाते नहीं देखा और न ही अनिल ने शोर मचाया। अनिल ने जिस पेड़ के नीचे खुद को खड़ा होना बताया वहां से घटना स्थल ठीक से नहीं दिखता। घटनास्थल की जांच में कुछ ऐसा नहीं मिला जिससे यह लगता कि वहां कुछ घटित हुआ है।
डीआईजी ने बताया कि सोनी के आग लगा लेने पर अनिल पुलिस को खबर करने के बजाय बहन बिटोली के आने का इंतजार करता रहा। पीएम रिपोर्ट में भी दुराचार की पुष्टि नहीं हुई। आत्महत्या को मजबूर करने की धारा 306 के तहत अनिल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।


मेरा भाई पूरी तरह निर्दोष, झूठा फंसाया: बिटोली
पुलिस के खुलासे से पहले अमर उजाला से बातचीत में सोनी की मां बिटोला देवी का कहना था अनिल लाखों में एक है और पुलिस उसे ही सोनी के मामले में झूठा फंसाना चाहती है। मेरा भाई पूरी तरह से निर्दोष है, अगर वह न होता तो आज न मैं होती और न ही मेरे बच्चे। अनिल छोटे से ही मेरे साथ रह रहा है और मेरे पति की मौत के बाद से मेरे घर का खर्च चला रहा है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us