घोषित कटौती पर हावी हुई इमरजेंसी रोस्टरिंग

Shahjahanpur Updated Sat, 02 Jun 2012 12:00 PM IST
पानी और सिंचाई का हुआ संकट
- सप्लाई को बचे सीमित घंटे, किसान और आम लोग परेशान
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। सूबे के अन्य शहरों की तरह यहां भी शहर समेत जिले के लोगों पर बिजली संकट की मार बढ़ती जा रही है। हाल यह है कि घोषित बिजली कटौती से कहीं अधिक समय तक इमरजेंसी रोस्टरिंग होने से सप्लाई केगिने-चुने घंटे बचे हैं। इससे पानी और सिंचाई का संकट भी गहरा रहा है। यही नहीं, जन सामान्य पर जेनरेटर और इन्वर्टर का बोझ भी बढ़ने लगा है।
पॉवर कारपोरेशन के सिस्टम कंट्रोल ने सुबह तीन से पांच बजे तक, अपरान्ह तीन से शाम सात बजे तक और रात दस से 11 बजे तक सात घंटे का रोस्टरिंग शेड्यूल लागू कर रखा है। इसके बाद भी सप्लाई के घंटों में कभी लोकल रोस्टरिंग तो कभी लाइन फाल्ट से बत्ती गुल रहना आम बात हो गई है। इसी का नतीजा है कि शहर के उपभोक्ताओं को रोजाना औसतन 12 से 14 घंटे बिजली संकट झेलना पड़ रहा है।
इसका सीधा असर किसानों की सिंचाई जरूरतों पर पड़ रहा है। यही नहीं, बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए जेनरेटर और इन्वर्टर खरीदने पर लोगों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी सहना पड़ रहा है। जन सामान्य के लोगों समेत किसानों से बात करने पर उनकी पीड़ा कुछ इस तरह जाहिर हुई। पेश है उनसे हुई बातचीत उन्हीं की जुबानी।


‘बिजली संकट ने समाज के सभी वर्गों को परेशान कर रखा है, लेकिन सबसे ज्यादा व्यापारी वर्ग को दिक्कत हो रही है। गर्मी के मौसम में बिजली के बगैर प्रतिष्ठान पर बैठना कठिन हो रहा है। यही नहीं, दुकानों में सुबह से दोपहर बाद तक ग्राहकों के नहीं आने से धंधा चौपट हो रहा है।’
-प्रकाश गुप्ता, व्यापारी नेता, रोशन गंज


‘बिजली संकट के लिए जितने जिम्मेदार पॉवर कारपोरेशन के अधिकारी हैं, उतने ही यहां के नेता भी। सत्ता पक्ष से जुड़े जन प्रतिनिधि पॉवर कट को रोक पाने में पूरी तरह नाकाम सिद्घ हो रहे हैं। कोरी बयानबाजी करने के बजाय यह लोग सरकार तक जनता की पीड़ा पहुंचाएं तो हालात सुधर सकते हैं।’
-ललित खुराना, इलेक्ट्रिकल व्यवसायी, जेल रोड



‘बिजली अधिकारी किसानों को आत्महत्या के लिए विवश कर रहे हैं। खुटार में पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर जला पड़ा है। काफी कहने के बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिस कारण सिंचाई के अभाव में फसलें सूख रही हैं।’
प्रभजोत सिंह, जिला उपाध्यक्ष भाकियू


‘इस समय गन्ना और साठा धान की फसल में पानी की बेहद आवश्यकता है। इसे देखते हुए डबल ग्रुप में बिजली दी जानी चाहिए। साथ ही फाल्ट आदि नहीं हो इसकी व्यवस्था भी की जानी चाहिए। इस समय बिजली बेहद कम मिल पा रही है, जिससे किसान त्रस्त है।’
- पाल सिंह, फार्मर गांव भोपतपुर


कटौती घटाने का भेजा प्रस्ताव: एक्सईएन
अधिशासी अभियंता आरएन सिंह के अनुसार कटौती के वर्तमान शिड्यूल में एक घंटे की कमी लाने का प्रस्ताव अधीक्षण अभियंता के स्तर से मुख्य अभियंता (प्रणाली नियंत्रण) को भेजा गया है। डिमांड की गई है कि रोस्टिंग शिड्यूल में आंशिक परिवर्तन करके सुबह चार से सात बजे तक और अपरान्ह तीन से शाम छह बजे तक कुल छह घंटे की कटौती लागू की जाए।

Spotlight

Most Read

Lucknow

यूपी में नौकरियों का रास्ता खुला, अधीनस्‍थ सेवा चयन आयोग का हुआ गठन

सीएम योगी की मंजूरी के बाद सोमवार को मुख्यसचिव राजीव कुमार ने अधीनस्‍थ सेवा चयन बोर्ड का गठन कर दिया।

22 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: यूपी के दो दिन तक बंधक बनाकर किया गैंगरेप

यूपी में जहां एक तरफ अपराधियों पर नकेल कसने के लिए ताबड़तोड़ मुठभेड़ हो रही हैं। वहीं दूसरी तरफ महिलाओं से गैंगरेप की घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला शाहजहांपुर का है।

22 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper