थाने से जमानत देने पर चकबंदी कर्मी भड़के

Shahjahanpur Updated Tue, 22 May 2012 12:00 PM IST
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कार्य बहिष्कार कर की सांकेतिक हड़ताल, प्रदर्शन
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- जिले भर में ठप रहा चकबंदी कार्यालयों में कामकाज
- कर्मचारी बोले, बिना सुरक्षा बंदोबस्त गांव में नहीं जाएंगे
- गंभीर धाराओं के आरोपियों को थाने से छोड़ने का मामला
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। चकबंदी अधिकारी के साथ कार्यालय में घुसकर मारपीट करने के मामले में गंभीर धाराओं में दर्ज एफआईआर के बावजूद आरोपियों को थाने से जमानत छोड़ने पर भड़के चकबंदी अधिकारी/ कर्मचारियों ने पुलिस के खिलाफ सांकेतिक हड़ताल कर कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन किया। इससे जिले भर में चकबंदी कार्यालयों में कामकाज ठप रहा।
गांव सफत्यारा में चकबंदी में धांधली बरते जाने के मामले में कल 20 मई को कलक्ट्रेट आए ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट स्थित चकबंदी कार्यालय में घुसकर चकबंदी अधिकारी अच्छेलाल केसाथ मारपीट की थी। इस घटना की रिपोर्ट थाना सदर बाजार में कई हमलावरों के खिलाफ एससी/ एसटी एक्ट सहित कई अन्य धाराओं में दर्ज कराई गई थी, लेकिन थाना पुलिस ने नामजद सभी आरोपियों को थाने से जमानत पर छोड़ दिया। इसकी जानकारी मिलने पर चकबंदी विभाग के अधिकारी/ कर्मचारी भड़क गए और पुलिस कार्यवाही की कड़ी निंदा करते हुए आज कामबंद हड़ताल कर दी।
हड़ताली कर्मियों की हुई बैठक में कई प्रस्ताव पारित किए गए। बैठक में चकबंदी अधिकारी के साथ मारपीट के थाने से छोड़े गए आरोपियों को पुन: गिरफ्तार करने, गांव में चकबंदी कार्य के लिए जाने वाले अधिकारी/ कर्मचारियों की पर्याप्त सुरक्षा आदि की मांग की गई। कहा गया कि जब तक कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया नहीं होगी तब तक वे गांवों में चकबंदी का कार्य करने नहीं जाएंगे। बैठक में चेतावनी दी यदि तीन दिन के भीतर मांगों पर कार्यवाही नहीं हुई तो समस्त अधिकारी/ कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।
बैठक की अध्यक्षता राम प्रताप सिंह ने की। इस मौके पर राजीव कुमार उपाध्याय, मो. लईक अहमद, रामवीर सिंह राना, छत्रपाल, आशा सक्सेना, रामनाथ, रामपाल, कपिल कुमार, सहित चकबंदी अधिकारी संघ, प्रादेशिक चकबंदीकर्ता संघ, चकबंदी लेखपाल संघ, चकबंदी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के अलावा लिपिक संवर्ग, सर्वे स्टाफ, ट्रेनिंग स्टाफ आदि संघों के पदाधिकारी-सदस्यगण मौजूद रहे।


मजिस्ट्रेटी जांच की मांग
पर अड़े सफत्यारा वाले
पूर्व प्रधान समेत कई ग्रामीणों का डीएम को ज्ञापन
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। तहसील सदर के गांव सफत्यारा में चकबंदी का मामला फंसता जा रहा है। गांव का एक पक्ष पैमाइश कराने, तो दूसरा इसके विरोध पर उतारू है। गांव के पूर्व प्रधान लेखराज वर्मा ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर गांव में हुई चल रही चकबंदी मामले की जांच किसी मजिस्ट्रेट से कराने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया कि गांव में पिछले सात वर्षों से चकबंदी का कार्य चल रहा है, जिसमें तमाम अनियमितताओं की शिकायत की गई। अब तक की चकबंदी की प्रक्रिया की जांच डीडीसी ने गांव में बैठकर की, लेकिन ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जा आदि की जांच जानबूझकर नहीं की। इतना ही नहीं मौजूदा ग्राम प्रधान को उपरोक्त ग्राम समाज की सौ बीघा से अधिक भूमि को पटका इत्यादि पर उठाने एवं गांव में पैमाइश में अड़ंगा लगाने की कोशिश की जा रही है। इस कार्य में लेखपाल और कानूनगो की सहमति है। मामले को केवल इसलिए उलझाया जा रहा है कि चकबंदी का कार्य फंसा रहे और मौजूदा ग्राम प्रधान की मंशा पूरी होती रहे। ज्ञापन में ग्राम समाज की भूमि की जांच किसी मजिस्ट्रेट से कराकर उस पर लगी फसल को तत्काल कुर्क कराने केसाथ ही पैमाइश कराने की मांग की गई है ताकि सभी किसानों को उसका लाभ मिल सके।
ज्ञापन भेजने वालों में जमुना प्रसाद, रामदीन, परशराम वर्मा, जसविंद्र सिंह, लेखराम, संतराम, देवनरायान, जीतराम आदि शामिल है।


हड़ताल अवैधानिक
घोषित करने की मांग
0 इटंक की बैठक
शाहजहांपुर। राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) की बैठक में चकबंदी कर्मियों की हड़ताल को अवैधानिक घोषित किए जाने की मंाग की। इंटक शहर इकाई की मो. तारीनजलालनगर में हुई बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष मो. खुर्शीद ने कहा कि चकबंदी विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है। संगठित रूप से कर्मचारी इसमें लिप्त हैं। यही वजह है कि चकबंदी अधिकारी के संरक्षण में कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं और उनका आंदोलन पूरी तरह अलोकतांत्रिक है। कहा: इंटक मजदूरों की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने गांव सफत्यारा के निर्दोष मनरेगा मजदूरों, गरीब किसानों और महिलाओं के खिलाफ झूठे मुकदमेे दर्ज कराने की भी निंदा की। उन्होंने चेतावनी दी यदि झूठे मुकदमे वापस नहीं लिए तो इंटक मनेरगा मजदूरों के साथ आंदोलन छेड़ने के लिए मजबूर होगी। बैठक में आफताब अहमद, मतलूब अली, अय्यूब हसन, रामदास पाल, शांति स्वरूप शर्मा, मिथलेश कुमार, शान मोहम्मद, धर्मवीर, राधेश्याम गुप्ता, मजहर हुसैन आदि मौजूद रहे।
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