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निगोही स्टेशन के यात्री झेलते हैं धूप-बारिश

Shahjahanpur Updated Wed, 16 May 2012 12:00 PM IST
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कई बार मांग के बावजूद नहीं लगा टीनशेड
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- रेलवे स्टेशन भी है गिरताऊ हालत में
- यात्रियों के बैठने की समस्या सालों से
- ट्रेन आने से 15 मिनट पूर्व बंटते हैं टिकट
सुखलाल वर्मा
निगोही (शाहजहांपुर)। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए टीनशेड की व्यवस्था न होने के कारण उन्हें कड़ी धूप और वर्षा का सामना करना पड़ रहा है।
अरसा पहले बना यहां का रेलवे स्टेशन जर्जर और गिरताऊ हालत में पहुंच गया है। इस स्टेशन पर यात्रियों के बैठने की भी बड़ी समस्या है। बरसात के मौसम में इस स्टेशन की छत से इतना पानी टपकता है कि पन्नी डालकर सरकारी टिकटों और अभिलेखों को बचाना तक मुश्किल हो जाता है।
इस स्टेशन पर दस जोड़ी ट्रेनों का ठहराव है, जिनसे निगोही क्षेत्र के हजारों यात्री रोजाना सफर करते हैं। यात्रियों की बढ़ी संख्या से रेल विभाग के राजस्व में व्यापक वृद्धि भी हुई है, बावजूद इसके विभाग ने यात्रियों के बैठने, उनकी सुरक्षा और शौच जाने को कोई बंदोबस्त नहीं किया है। वर्तमान में चिलचिलाती धूप से बचने के लिये स्टेशन आने वाले यात्रियों को यहां खड़े पेड़ ही छतरी का काम करते हैं।

क्षेत्र की जनता अरसे से रेलवे स्टेशन पर टीनशेड डलवाने की मांग करती आ रही है, जिसके लिए अनशन और प्रदर्शन भी हो चुके हैं, लेकिन नतीजा शून्य ही है।

पन्नी डालकर बचाते हैं अभिलेख
रेलवे स्टेशन का भवन बरसात में टपकता है। रेल टिकटाें और अभिलेखों का बचाव पन्नी डालकर जैसे-तैसे किया जाता है। पैसे की कमी के चलते व्यवस्था संभव नहीं हो पा रही है।
- आरबी राम, स्टेशन मास्टर

महिलाओं के लिए हो अलग विंडो
रेलवे स्टेशन पर सैकड़ाें यात्री आते-जाते हैं। टिकट खिड़की एक होने के कारण महिलाओं को भारी परेशानी होती है। महिलाओं की सुविधा के लिए दूसरी टिकट खिड़की शुरू की जानी चाहिए।
- उमा मिश्रा, छात्रा

दो घंटे पहले बांटे जाएं टिकट
रेलवे स्टेशन पर कार्यरत टिकट वितरक ट्रेन आने से 15-20 मिनट पहले ही टिकट बांटते हैं, जिस कारण खिड़की पर यात्रियाें की भीड़ लग जाती है। आए दिन यात्रियों में मारपीट भी होती है। कमसकम, दो घंटे पूर्व टिकट बांटे जाने चाहिए।
- राजबहादुर सिंह, यात्री

चार में से दो हैंडपंप खराब
यहां कार्यरत सफाई कर्मी शौचालय की सफाई नियमित नहीं करता है, जिस कारण वह गंदगी से अटा रहता है। यहां चार हैंडपंप हैं, जिनमें से दो खराब होने के कारण यात्रियों को पेयजल के लिए असुविधा होती है।
- हरिशचंद्र वर्मा, जिला पंचायत सदस्य

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