सर्राफ की पत्नी की संदिग्ध हालात में मौत

Shahjahanpur Updated Mon, 01 Dec 2014 05:31 AM IST
ख़बर सुनें
तिलहर कस्बे के दातागंज में जलने से हुई घटना
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट कर रही खुदकुशी का इशारा
अमर उजाला ब्यूरो
तिलहर। दातागंज मोहल्ले में रहने वाले नगर के प्रमुख सर्राफा व्यवसायी वेदप्रकाश आर्य की 55 वर्षीय पत्नी निशा आर्य की रविवार सुबह संदिग्ध हालात में जलकर मौत हो गई। पुलिस की अभी तक की जांच में मामला आत्महत्या का ही सामने आ रहा है। वहीं प्रथम दृष्टया जो हालात पुलिस को मिले थे उनके आधार पर पुलिस ने भी मामले को संदिग्ध माना था और घर वालों के विरोध के बावजूद पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट का कोई निशान नहीं पाया गया। घर वाले आत्महत्या की बात कहते हुए डिप्रेशन होना वजह बता रहे हैं।
शनिवार की रात दंपति नीचे के कमरे में ही सोए थे, उसके बाद निशा कब और कैसे ऊपर के कमरे में पहुंच गई, इससे परिवार वाले अनभिज्ञता जता रहे हैं। पति का कहना है कि सुबह करीब साढ़े छह बजे जब वह उठे तो पत्नी को न देखकर ढूंढा। तब ऊपर खाली पड़े कमरे से धुआं निकलता देखा, वहां पहुंचने पर पाया कि जली हुई हालत में निशा मृत पड़ी थीं। आसपास के लोग भी इकट्ठे हो गए। मोहल्ले के ही किसी व्यक्ति ने पुलिस को फोन से सूचना दी तो इंस्पेक्टर रूम सिंह यादव वहां पहुंचे। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भिजवाने की कार्यवाही शुरू की तो बिना पोस्टमार्टम के ही अंतिम संस्कार के लिए जोर दिया गया। इंस्पेक्टर अड़ गए और उन्होंने शव पोस्टमार्टम को भिजवाया।
पुलिस को पति और अन्य परिवार वालों ने बताया कि निशा आर्य काफी समय से डिप्रेशन में थीं, इसी के चलते उन्होंने आत्महत्या कर ली। डिप्रेशन की वजह बताई कि घर में अकेलापन उन्हें खलता था। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम नगर के दोदराजपुर श्मशान भूमि पर निशा आर्य की अंत्येष्टि कर दी गई। इस दौरान त्रातादेव शास्त्री, अशोक अग्रवाल, मुन्नू बाबू, अशोक खन्ना, विजय अग्रवाल, सर्वेश अग्रवाल, प्रवीन अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, रवींद्र गुप्ता, अनूप गुप्ता, राजेश पांडेय, संतोषानंद, सुशील बाबू गुप्ता आदि मौजूद रहे।


घरवालों की चुप्पी में
देखा गया गहरा राज
जिस कमरे में घटना हुई, उस कमरे के दरवाजे और खिड़कियां खुली र्हुइं पाई गईं। शव फर्श पर पड़ा मिला। आमतौर पर आग लगाकर आत्महत्या करने वाला कोई भी व्यक्ति अपना बचाव अवश्य करता है और तब शव इस हालत में नहीं मिलता, जैसा कि मौके पर मिला। पुलिस को हालात संदिग्ध इसलिए लगे, क्योंकि कमरे में कोई दूसरी चीज नहीं जली। पास में पड़ी रस्सी, बोरे में रखा सामान और फर्नीचर पूरी तरह सुरक्षित पाया गया। किसी तरह की चीख भी किसी ने नहीं सुनी। लखनऊ में रहने वाले बेटे निखिल का कहना है कि वह शनिवार रात ही लखनऊ से आया था। देर तक टीवी देखने के कारण गहरी नींद आ गई, इसलिए उसे घटना के बारे में सुबह ही पता चला। घटना के समय घर में वेदप्रकाश आर्य, उनकी पत्नी निशा व बेटा निखिल के अलावा और कोई नहीं था। एक दूसरा बेटा अखिल अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहता है। पूछताछ में घरवालों की चुप्पी देखकर ही पुलिस ने पोस्टमार्टम पर जोर दिया था। हालांकि इंस्पेक्टर का कहना है कि चोट का कोई निशान नहीं पाया गया, इस आधार पर मामला आत्महत्या का ही माना गया है।



1996 में डकैती के दौरान
हुई थी भाई की हत्या
29 जनवरी 1996 को वेदप्रकाश आर्य के घर में पड़ी डकैती में बदमाशों ने लाखों के आभूषण और नगदी लूट ली थी। प्रतिरोध करने व बदमाशों को पहचान लेने पर बदमाशों ने भाई ब्रह्म प्रकाश आर्य की सिर पर राड से प्रहार कर हत्या कर दी थी। इसके बाद वेदप्रकाश के तीन भाई कानपुर चले गए और अपना पेंट का व्यवसाय करने लगे। बंटवारे के बाद वेद प्रकाश व चाचा ओम शंकर आर्य अपने बेटों के साथ अपने-अपने हिस्सों में रहने लगे। बेटे निखिल का सप्ताह में एक दिन ही आना होता था, इस कारण पति-पत्नी अकेले ही रहते थे। पति के दुकान चले जाने पर पत्नी अकेली रह जाती थीं। परिवार वालों का कहना है कि इसी से वह परेशान रहने लगी थीं।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Rohtak

कई स्थानों के लिए एक जून से चलेंगी बसें

कई स्थानों के लिए एक जून से चलेंगी बसें

25 मई 2018

Related Videos

कुछ ऐसा हुआ कि दुल्हन के दरवाजे से ही भाग खड़े हुए बाराती

शाहजहांपुर में हर्ष फायरिंग में एक युवक की जान चली गई। बारात दुल्हन के दरवाजे तक पहुंच चुकी थी, डांस चल रहा था लेकिन इसी बीच हर्ष फायरिंग के दौरान एक गोली लाइट उठाने वाले लड़के की गर्दन में जा लगी जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

29 अप्रैल 2018

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे कि कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स और सोशल मीडिया साइट्स के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं।आप कुकीज़ नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज़ हटा सकते हैं और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डेटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते है हमारी Cookies Policy और Privacy Policy के बारे में और पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen