विज्ञापन

कंटेनर व टैंकर के मालिक का पता नहीं, सरगना भी चल रहा फरार

Gorakhpur Bureauगोरखपुर ब्यूरो Updated Mon, 20 Jan 2020 11:36 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
कंटेनर व टैंकर के मालिक का पता नहीं, सरगना भी चल रहा फरार
विज्ञापन
अवैध शराब की बरामदगी मामले में पुलिस की सुस्ती से उठ रहे कइयों सवाल
शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। 50 लाख कीमत के हरियाणा निर्मित अवैध शराब की बरामदगी मामले में नौ लोगों को जेल भेज कर पुलिस अपनी पीठ भले ही थपथपा रही हो,लेकिन इस गैंग के मुख्य सरगना और उसके सहयोगी को पुलिस अभी तक नहीं पकड़ कर पाई है। इतना ही नहीं पुलिस अभी तक कंटेनर और टैंकर के मालिक कौन है, इसकी भी जानकारी नहीं जुटा पाई है।
पहली दिसंबर 2019 को स्वाट और इंडस्ट्रीयल एरिया के चौकी प्रभारी की टीम ने इंडस्ट्रीयल एरिया से एक कंटेनर, टैंकर और प्लाट संख्या ई- 22 से 50 लाख कीमत की हरियाणा निर्मित अवैध शराब बरामद किया था। मौके से पुलिस टीम ने छह आरोपियों को पकड़ कर जेल भेजा था। उसी दौरान पकड़े गए आरोपियों से हुई पूछताछ में गैंग के मुख्य सरगना हरियाणा के सुरेश सोनी और अन्य सहयोगी पिंटू का नाम प्रकाश में आया था। इस बीच विवेचना से प्रकाश में आए अवैध शराब के सप्लायर हरियाणा निवासी विकास श्योराण को 14 दिसंबर को पुलिस टीम हरियाणा से पकड़ कर कस्टडी रिमांड पर लेकर जिले में आई थी। उससे पूछताछ के बाद प्लाट संख्या ई- 22 का किरायानामा कराने के आरोप में हरिशंकर सिंह को आरोपी बनाते हुए जेल भेज दिया था। इसके बाद पुलिस टैंकर और कंटेनर के मालिक का पता लगाना और उसक पकड़ना भूल गई। इतना ही नहीं पुलिस गैंग के सरगना सुरेश सोनी और उसके सहयोगी पिंटू को भी अब तक नहीं पकड़ पाई। पुलिस की जांच पड़ताल में पहली दिसंबर को ही पता हो गया था कि प्लाट संख्या ई- 22 का आवंटन प्रभा सेवा समिति के नाम से हुआ है। करीब तीन महीने पहले ही उसका किरायानामा भी हरिशंकर सिंह के जरिए हरियाणा के विकास श्योराण ने मुर्गी दाने के लिए 25 हजार रुपये महीने किराए पर कराया गया था। जबकि प्लाट में गलत तरीके से विकास श्योराण ने अवैध शराब भंडारित कर दी थी। इस मामले में पुलिस हरिशंकर सिंह पर कार्रवाई भी कर चुकी थी।
वैभव को गिरफ्तार करने में अचानक दिखाई तेजी
पुलिस टैंकर, कंटेेनर के मालिक का पता लगाने और फरार सगरना सुरेश सोनी व पिंटू को पकड़ने में सुस्ती जरूर दिखाई, लेकिन प्रभा सेवा समिति के डॉयरेक्टर वैभव चतुर्वेदी पर कार्रवाई में अचानक तेजी दिखा दी। वैभव परिजन कहते हैं कि वे अभी तक समझ नहीं पाए कि आखिर पुलिस को इनके खिलाफ क्या सुबूत मिल गया जो उन्हें उठाकर जेल भेज दिया। प्लाट संख्या ई - 22 का किरायानामा कराने वाले हरिशंकर सिंह और अवैध शराब के सप्लायर विकास श्योराण के बीच ही मोबाइल पर कई बार बातचीत हुई थी,लेकिन प्रभा सेवा समिति के डॉयरेक्टर वैभव चतुर्वेदी से न तो विकास श्योराण से बातचीत का कोई रिकॉर्ड मिला है और न ही इस गैंग के किसी सदस्य से बातचीत का कोई प्रमाण पुलिस के हाथ लगा। आखिर इस तेजी के पीछे क्या राज था, अभी लोग इस सवाल का जवाब तलाश रहे हैं।
सरगना सुरेश सोनी और पिंटू की गिरफ्तारी का प्रयास हो रहा है। इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा,उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अजय कुमार सिंह, कोतवाल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Disclaimer


हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
Agree
Election
  • Downloads

Follow Us