एक दिन में 2759 मामले निस्तारित

Sant kabir nagar Updated Mon, 25 Nov 2013 05:41 AM IST
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संतकबीरनगर। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर शनिवार को दीवानी न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायमूर्ति विरेंद्र विक्रम सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
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राष्ट्रीय लोक अदालत में स्टेट बैंक, पीएनबी, यूनियन बैंक, सेंट्रल बैंक, पूर्वाचल बैंक, ओरिएट्रल बैंक ने अपने स्टॉल लगाए थे। जिसके माध्यम से बैंक के कर्जदारों ने एक मुश्त समाधान योजना के तहत बातचीत के आधार पर कर्ज की अदायगी की। विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव/ सिविल जज सीनियर डिवीजन शिवचंद्र यादव ने बताया कि लोक अदालत में कुल 2759 मामले निस्तारित हुए। जिला जज कोर्ट में नौ मामले मोटर क्लेम के आए जिसमें 19, 9500 रुपये का प्रतिकर का आदेश हुआ। इसके अलावा जिला जज ने एक गार्जियंस एक्ट एवं एक प्रकीर्ण अपील को भी निस्तारित किया। वहीं एडीजे कोर्ट में 68 फौजदारी के मामलों में कुल 64,510 रुपये अर्थदंड, तीन मोटर क्लेम के मामलों में 5,35000 रुपये प्रतिकर का आदेश पारित हुआ। सीजेएम कोर्ट के 840 मामले फौजदारी के निपटाए गए। जिससे 79900 रुपये अर्थदंड वसूल किए। सिविल जज सीनियर डिवीजन के न्यायालय में फौजदारी के 53 वाद से 14450 रुपये अर्थदंड, 32 उत्तराधिकार के मामलों में 62,08,753 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी करने का आदेश दिया गया। वैवाहिक के आठ व बैंक लोन के 10 मामलों से 1793323 रुपये वसूल किया गया। सिविल जज जूनियर डिवीजन के न्यायालय में 42 फौजदारी के वाद से 8650 रुपये अर्थदंड वसूल किए गए, वहीं 21 सिविल, तीन उत्तराधिकार तथा दो वैवाहिक मामले में भी निस्तारित हुए।
एडीएम भोलानाथ मिश्र के मुताबिक लोक अदालत में राजस्व के कुल 881 मामलों का निस्तारण किया गया। जिसमें डीएम कोर्ट के 10, एडीएम कोर्ट के 15, एसडीएम खलीलाबाद 61 ,एसडीएम मेंहदावल 126, एसडीएम धनघटा 36, तहसीलदार खलीलाबाद 95, तहसीलदार मेंहदावल 60, तहसीलदार धनघटा 51, तहसीलदार न्यायिक 88, नायब तहसीलदार खलीलाबाद 81, नायब तहसीलदार मेंहदावल 41, नायब तहसीलदार धनघटा 25,चकबंदी अधिकारी 131 और एआईजी स्टांप कोर्ट के 21 मामलों का निस्तारण किया गया। इसमें रेवेन्यू के 458, चकबंदी के 137, स्टांप के 36 और फौजदारी के 210 मामले निस्तारित हुए। लोक अदालत के माध्यम से अनुसूचित जाति के 134, अनुसूचित जनजाति के 17, पिछड़ी जाति के 520, अल्पसंख्यक 287, महिलाए 294, चिल्डेन एक ,सीनियर सिटिजन 32 ,विकलांग 60 और अन्य 274 लोग लाभान्वित हुए। इस इन कोर्टों से संबंधित 1566 लोगों को लाभ मिला। 20 लाख 5 हजार 860 रुपए राजस्व की प्राप्ति भी हुई। जिसे जमा कराने का निर्देश दिया गया। लीड बैक अधिकारी पीपी दूबे के मुताबिक लोक अदालत में विभिन्न बैकों के कुल 2000 मामले लगाए गए थे। करीब डेढ़ करोड का लक्ष्य था। 900 मामलाें का निस्तारण हुआ। इस अवसर पर जिला जज श्याम लाल, एडीएजे प्रशांत मिश्र, डीएम डॉक्टर इन्द्रवीर सिंह यादव, एसपी पीयूष श्रीवास्तव, सीजेएम बीके जाटव, सिविल जूनियर डिवीजन वीरेंद्र कुमार, एसडीएम विनय श्रीवास्तव, सीओ आर के शर्मा, डीजीसी परमात्मा चौधरी, एडीजीसी रामकरन, अभियोजन अधिकारी पारस नाथ आदि उपस्थित रहे।
इंसर्ट
सिविल एवं जनपद बार ने रखी मांग
सिविलि बार एसोसिएशन एवं जनपद बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने प्रशासनिक न्यायमूर्ति से मुलाकात की और मांगों का ज्ञापन दिया। सिविल बार ने मांग किया है कि सांध्यकालीन कोर्ट को समाप्त किया जाए। नवनिर्मित न्यायालय परिसर में बार को 500 वर्ग मीटर पट्टे पर भूमि, अधिवक्ता चैंबर्स एवं पुस्तकालय निर्माण के लिए आवंटित कराया जाए। एडीजे एवं सिविल जज के न्यायालयों हेतु स्टोनों की नियुक्ति की जाए। जबकि जनपद बार ने अपनी पांच मांगे रखी। जिसमें जनपद में न्यायिक अधिकारियों की कमी और मुकदमों की अधिकता से वादकारियों को समय से न्याय नहीं मिल पा रहा है। अतिरिक्त न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की जाए। स्टोनों की कमी से पत्रावलियों के निस्तारण में विलंब, सांध्य कालीन कोर्ट की समाप्ति, जनपद बस्ती में अनावश्यक रुप से रुकी पत्रावलियों का जनपद में स्थानांतरण व सिविल कोर्ट परिसर में अधिवक्ता चैंबर्स के निर्माण कराए जाने की मांग की। जितना जल्दी हो सके न्याय हित में नव निर्मित न्यायालय भवन का उद्घाटन कर न्याय पालिका को स्थानांतरित कराया जाए। सिविल बार के प्रतिनिधि के रुप में अध्यक्ष ईश्वर प्रसाद पाठक, राकेश कुमार श्रीवास्तव, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव, महीप बहादुर पाल ,अखिलेश्वर राय तथा जनपद बार के अध्यक्ष राकेश सिंह,मोहम्मद मुकर्रम, अरुणेश ओझा, कमरुद्दीन खां, इफ्तखार अहमद आदि उपस्थित रहे।

न्यायमूर्ति ने कबीर की समाधि पर मत्था टेका
हाईकोर्ट इलाहाबाद के प्रशासनिक न्यायमूर्ति विरेंद्र विक्रम सिंह ने शनिवार को कबीर चौरा मगहर पहुंच कर कबीर के समाधि और मजार पर मत्था टेका और आशीर्वाद लिया। महंत विचार दास से बातचीत की और कबीर दास के बारे में जानकारी की। इस दौरान जिला जज श्याम लाल, डीएम डॉक्टर इन्द्रवीर सिंह यादव, एसपी पीयूष श्रीवास्तव, एडीजे प्रशांत मिश्र, सीजेएम बीके जाटव, सिविल जज सीनियर डिविजन शिवचंद्र यादव, सिविल जज जूनियर डिविजन वीरेंद्र कुमार, वेद प्रकाश चौबे आदि उपस्थित रहे।
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