हॉट कुक्ड के पैसे का होता है बंदरबांट

Sant kabir nagar Updated Mon, 25 Nov 2013 05:40 AM IST
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संतकबीरनगर। दुधारा थानाक्षेत्र के सेमरियावा गांव के ककरहवा टोला में बरामद हुए बाल पुष्टहार मामले की जांच में घपले की पोल खुल गई। जांच में पाया गया है कि केंद्रों पर हॉट कुक्ड फूड नहीं बनता है और जो केंद्र प्राथमिक विद्यालयों में संचालित होते है, उन केंद्र पर नामांकित बच्चे एमडीएम खाते है। उन केंद्रों को मिलने वाला पोषाहार बेच दिया जाता है। हॉट कुक्ड मद में मिलने वाले पैसे का बंदरबांट किया जाता है।
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एक जांच अधिकारी ने तो यहां तक बताया कि एक सेंटर पर महीने में हॉट कुक्ड का चार हजार रुपये मिलता है, जिसमें से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के मुताबिक दो हजार रुपये सुपरवाइजर यह कह बैंक पर निकासी के दौरान ही ले लेती है कि ऊपर के अधिकारियों को देना पड़ता है। 237 आंगनबाड़ी केंद्रों में 214 केंद्रों की जांच शुक्रवार को गठित टीम ने पूरी कर ली। जांच में कई केंद्र तो बंद मिले है। कुछ ऐसे भी मिनी आंगनबाड़ी केंद्र मिले हैं जो सिर्फ कागजों में संचालित होते है। जांच टीम से जुडे़ सूत्रों की माने तो जो केंद्र प्राथमिक विद्यालयों पर संचालित होते है वहां पोषाहार वितरित ही नहीं होता है। वहंा के बच्चे प्राथमिक विद्यालय पर बनने वाले एमडीएम खाते है। पोषाहार कार्यकर्ता बेच देती है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सुपरवाइजरों पर 500 से 600 रुपये लिए जाने का आरोप भी मढ़ा है। क्षेत्र के एक बैंक से जब हाट कुक्ड का पैसा निकाला था, उसी दौरान सुपरवाइजर वहां पहुंच कर उपर के अधिकारियों को पैसा पहुंचाने की बात कह कर ले लेती है। जांच में यह भी पाया गया है कि कुछ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर फर्जी बना कर पोषाहार का उठान किया जाना पाया गया है। एक जांच अधिकारी ने बताया कि टीम के सदस्यों को मोबाइल बंद करके जांच प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी है। तमाम तरह की धमकियां भी मिल रही हैं। जिसका परवाह किए बिना पारदर्शिता के साथ जांच पूरी की गई है। विभाग की एपीएम आरुषि यादव ने सीडीपीओ सेमरियावां कार्यालय का वितरण रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर की जांच की और दोनों रजिस्टरों की छाया प्रति अपने साथ ले गईं। जांच टीम के प्रभारी बीडीओ सेमरियावां श्रीकृष्ण का कहना है कि 214 केंद्राें की जांच पूरी कर ली गई है। जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है। कई मिनी केंद्र तो सिर्फ कागज में चल रहे है, कुछ तो कभी खुलते ही नहीं हैं। पोषाहार उठान करते समय गोदाम पर ही 500 से 600 रुपये कार्यकर्ताओं से लिया जाता है। बाल विकास परियोजनाओं कार्यालय सेमरियावां के एक कर्मी का नाम जांच में रैकेट में शामिल होना पाया गया है। इसके अलावा कुछ सफेदपोश भी जांच के दायरे में आए है। पीएनबी बैंक सेमरियावां से ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय और हाटकुक्ड का पैसा मिलता है। पूरे ब्लॉक में सिर्फ इसी बैंक में खाता खुलवाया गया है। बैंक से भी हॉट कुक्ड के मद में मिले पैसे की निकासी का स्टेटमेंट मांगा जाएगा। बैंक भी जांच के दायरे में आ गया है। जांच रिपोर्ट तैयार कर डीएम को प्रेषित किया जाएगा।
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