मिल चालू करने से प्रबंधन ने खड़े किए हाथ

Sant kabir nagar Updated Thu, 21 Nov 2013 05:40 AM IST
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संतकबीरनगर। बलमरामपुर चीनी मिल ग्रुप ने खलीलाबाद शुगर मिल को वर्तमान पेराई सत्र में चालू करने से अपने हाथ खडे़ कर लिए। मिल चालू नहीं करने की वजह आर्थिक संकट का हवाला दिया है। मिल प्रबंधन ने बुधवार को प्रमुख सचिव, गन्ना आयुक्त, डीएम और समितियों को इस बाबत पत्र भी दिया है। खलीलाबाद के साथ बभनान, रुधौली और वाल्टरगंज की चीनी मिलों के प्रबंधन ने भी मिल चालू करने से हाथ खींच लिया है। ऐसी स्थिति में पेड़ी बेच कर गेहूं की बुआई करने की आस लगाए किसानों को तगड़ा झटका लगा है।
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जनपद में करीब 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में किसानों ने गन्ने की खेती की है। वैसे से चीनी मिलों का पेराई सत्र एक अक्टूबर से ही शुरू हो जाता है और 15 नवंबर के बाद मिल चालू हो जाती है। लेकिन वर्तमान पेराई सत्र में मिल चालू करने से खलीलाबाद मिल प्रबंधन ने हाथ खड़ा कर लिया। किसान नेता रामललित चौधरी का कहना है कि सरकार और इंडियन शुगर मिल एसोसिएशन के बीच सामंजस्य स्थापित नहीं हो पाया है। गन्ना किसानों को वाजिब गन्ने का मूल्य भुगतान होने का निर्धारण भी अभी तक नहीं हो पाया है। गन्ने की पेड़ी बेच कर किसान गेहूं की बुआई करते है। किसानों का गन्ना खेतों सूख जाएगा। इसके साथ ही गेहूूं की बुआई और अन्य खर्च के लिए किसान मारे-मारे फिर रहे है। डीएम डॉक्टर इन्द्रवीर सिंह यादव ने कहा कि 6. 50 करोड़ रुपये किसानों का खलीलाबाद मिल पर बकाया है। जिसका भुगतान मिल को करने के लिए कहा गया है। मिल चालू कराने के लिए जीएम से बातचीत हो रही है। गन्ना मूल्य का निर्धारण होने के बाद स्थिति साफ होगी कि मिल कब से चलेगी।
कोट,
चीनी मिल प्रबंधन की तरफ से जिला गन्ना अधिकारी से लेकर चीफ सेक्रेटरी तक को पत्र दिया गया है। 225 रुपये से अधिक प्रति क्विंटल गन्ना का भुगतान वर्तमान चीनी के मूल्य की वजह से नही दे सकते हैं। बैंकों ने आर्थिक ऋण देने से मना कर दिया है, क्यों चीनी मिलों की पुनर्भुगतान की क्षमता समाप्त हो गई है। ऐसे में धनराशि उपलब्ध होने का कोई साधन उपलब्ध नहीं रह गया है। बलरामपुर चीनी मिल ग्रुप मुख्यालय से निर्देश मिल गया है कि वर्तमान पेराई सत्र 2013-14 वर्तमान परिस्थितियों में संचालित नहीं हो सकती है। यदि कोई सरकारी सहायता मिलती है तभी इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जा सकता है।
पुरुषोत्तम त्रिपाठी, जीएम सुगर मिल खलीलाबाद।
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खलीलाबाद, बभनान, रुधौली और वाल्टरगंज मिल के प्रबंधन ने एक चिट्टी गन्ना आयुक्त, डीएम, जिला गन्ना अधिकारी और समस्त समितियों को दिया है। मिल प्रबंधन का कहना है कि जब तक गन्ने का उचित दर निर्धारित नहीं होगा और वह 225 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक न हो, तब तक मिल चालू नहीं करेंगे। जबकि सरकार ने गन्ने का मूल्य तय कर दिया है। सामान्य प्रजाति के गन्ने का मूल्य 280 रुपये प्रति क्वितंल और अरली प्रजाति के गन्ने का मूल्य 290 रुपये प्रति क्विंतल निर्धारित किया गया है। डीएम बस्ती के वहां मंगलवार को बैठक थी, जिसमें सभी मिल प्रबंधन के प्रतिनिधि भाग लिए थे। उसमें भी जो पत्र में कहा है वहीं हवाला दिया है। गन्ना आयुक्त ने सभी मिलों के लिए गन्ना क्षेत्र का रिजर्वेशन आर्डर जारी कर दिया है। सभी मिलों को रिसीब भी करा दिया गया है। स्थानीय स्तर पर मिलों पर दबाव बनाया जा रहा है।
आरडी द्विवेदी, जिला गन्ना अधिकार।
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