परियोजनाओं पर चर्चा के बाद पास हुआ बजट

Sant kabir nagar Published by: Updated Tue, 09 Jul 2013 05:30 AM IST
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संतकबीरनगर। जिले के प्रभारी मंत्री कमाल अख्तर की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट के सभागार कक्ष में जिला योजना समिति की बैठक हंगामे के बीच संपन्न हुई। इस बैठक में जिला योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2013-14 के लिए कुल एक अरब बीस करोड़ 77 लाख रुपये की परियोजनाओं को सदन ने अनुमोदित किया। इससे पहले जिला पंचायत अध्यक्ष की अध्यक्षता में सदन ने बजट को अनुमोदित किया था। अब यह प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। जहां से स्वीकृति मिलने पर विकास कार्य शुरू होंगे।
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जिला योजना की बैठक में विभागवार तैयार कार्य योजना को डीएसटीओ अजय कुमार यादव ने पढ़ कर सुनाया। वन विभाग के जरिए पूर्व में कराए गए कार्यों की जानकारी प्रभारी मंत्री ने मांगा तो वन रेंजर आलोक सक्सेना ने अब तक कराए गए कार्यों से अवगत कराया। जिला पंचायत सदस्य मोहम्मद अहमद ने सवाल खड़ा किया कि वन विभाग के जरिए वृक्षारोपण कार्य कराने का सिर्फ दावा किया जाता है। सच्चाई यह है कि किसी भी प्राथमिक एवं जूनियर और इंटर कॉलेजों में वृक्षारोपण नहीं कराया गया है। प्रभारी मंत्री ने वन रेंजर को प्राथमिकता के साथ इस कार्य को कराने का निर्देश दिया। पशु चिकित्सा विभाग के कार्य योजना बताते ही जिला पंचायत सदस्य केडी यादव ने सवाल खड़ा किया और कहा कि जनपद बाढ़ एवं जलजमाव से ग्रसित है। खासकर धनघटा क्षेत्र काफी प्रभावित है। वहां पशुओं में तमाम तरह की संक्रामक बीमारियों के फैलने की प्रबल संभावना है। हालात यह है कि अभी तक वहां पशु चिकित्सकों की टीम नहीं पहुंची है। क्षेत्र के पशुपालक चिंतित हैं और वहां टीकाकरण कराया जाना नितांत जरूरी है। प्रभारी मंत्री ने तत्काल टीम भेजकर टीकाकरण कराने का निर्देश दिया। सीएमओ और बीएसए बैठक में मौजूद नहीं रहे।

इन अधिकारियों के सहयोगियों के जरिए जैसे ही परियोजना पढ़कर सुनाई गई वैसे ही जिला पंचायत सदस्यों ने विरोध शुरू कर दिया। सदस्यों का आरोप था कि सीएमओ और बीएसए अक्सर बैठकों से गायब रहते हैं। प्रभारी मंत्री ने इन दोनों अधिकारियों का एक दिन का वेतन काटने का डीएम को निर्देश दिया और चेतावनी पत्र जारी करने का कहा। मेंहदावल के विधायक पप्पू निषाद ने दुग्ध विभाग से कहा कि वे समितियों के साथ बैठक करें और यदि उनके पास दूध उपलब्ध हो तो मेंहदावल क्षेत्र में वाहन भेजकर दूध की खरीददारी कराएं। जिस पर अधिकारी ने कहा कि वहां से दूध नहीं मिल पा रहा है। वाहन का खर्च न निकल पाने के कारण वाहन भेजना संभव नहीं है। खलीलाबाद के विधायक डॉक्टर अयूब ने कहा कि पर्यटन अधिकारी कुछ विशेष स्थलों पर ही विकास कार्य करवा रहे हैं। जिस पर सदन में मौजूद तमाम सदस्यों ने विरोध किया। विधायक ने कहा कि बिजली व्यवस्था बदहाल है। वे विधायक निधि से एक करोड़ से अधिक धनराशि बिजली मद में दे चुके हैं। पोस्टमार्टम हाउस जनपद में नहीं है। लोगों को बस्ती जाना पड़ता है। उसका निर्माण कार्य शीघ्र कराया जाए। नलकूप विभाग पर भी सवाल खड़ा हुआ। नलकूप के एक्सईएन ने सदन को अवगत कराया कि 70 ट्यूबवेल में विद्युत दोष है और 5 ट्यूबवेल अन्य गड़बड़ी से बंद हैं। डीएम ने कहा कि विशेष पैकेज के तहत 25 केवीए का ट्रांसफर शासन की तरफ से जिले को मिल रहा है। उसके बाद समस्या समाप्त हो जाएगी। सदन में प्रस्ताव पारित हुआ कि प्रत्येक जिला पंचायत सदस्य चार-चार स्थानों की सूची देंगे, जहां हैंडपंप लगाए जाएंगे। पीडब्लूडी विभाग की भूमिका पर भी प्रश्न उठे। जिले की तमाम सड़कें खराब हैं। एक्सईएन ने बजट न मिलने की बात बताई। मंत्री ने कहा कि एस्टीमेट बनाकर लखनऊ मिलिए, बजट स्वीकृत कराया जाएगा। जिला पंचायत सदस्य राकेश पाठक ने कहा कि धनघटा चौराहा जलजमाव की गिरफ्त में है। वहां नाला बनाए जाने की जरूरत है। बीआरजीएफ पर भी चर्चा हुई। उसके प्रस्तावों को भी अनुमोदित किया गया। यह प्रस्ताव पारित किया गया कि धन मिलते ही कार्य कराया जाएगा। इस अवसर जिला पंचायत अध्यक्ष ज्ञानमती, डीएम इन्द्रवीर सिंह यादव, एसपी पीयूष श्रीवास्तव, सीडीओ एसएन तिवारी, डीडीओ डॉक्टर बब्बन उपाध्याय, पीडी वीरेंद्र प्रसाद पांडेय, सांसद प्रतिनिधि उमेश चौबे, विधायक प्रतिनिधि धनघटा राजमन यादव समेत अन्य सदस्य व अधिकारी उपस्थित रहे।

तीन माह से पर्यटन अधिकारी को ढूंढ रहे डीएम
डीएम इंद्रवीर सिंह यादव ने सदन में कहा है कि वे भी पिछने तीन महीने से पर्यटन अधिकारी को ढूंढ रहे हैं, न तो उनसे मुलाकात हो पाई और न ही वे जनपद में आकर मुझसे मिलने की जरूरत महसूस किए।

आयुर्वेद की दवाएं खाता कौन है : मंत्री
जब आयुर्वेद अस्पतालों की दुर्दशा और विभाग के जरिए प्रस्तावित बजट पर चर्चा हुई तो प्रभारी मंत्री कमाल अख्तर ने कहा कि आयुर्वेद की दवाएं खाता ही कौन है? सदन में विधायक के इस वाक्य को सुनकर कानाफूसी होने लगी। लोग यह चर्चा कर रहे थे कि सदियों से चली आ रही आयुर्वेद की परंपरा पर मंत्री ने क्या बोल दिया। जबकि विधायक डॉक्टर अयूब ने यूनानी दवाओं का बजट बढ़ाने की मांग की।

किस विभाग को कितनी मिलेगी धनराशि
विभाग परिव्यय लाख में
कृषि 6.00
उद्यान 22.58
गन्ना विभाग 3.99
पशुपालन 77.68
मत्स्य विकास 0.65
वन विभाग 365.57
सामुदायिक विकास 50.00
अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत 142.00
खादी ग्रामोद्योग 30.00
सड़क एवं पुल 1800.00
पर्यटन 40.00
प्राथमिक शिक्षा 1318.86
माध्यमिक शिक्षा 212.73
परिवार कल्याण 40.50
खेलकूद 145.00
एलापैथिक 430.00
ग्रामीण पेयजल ग्राम्य विकास 652.60
ग्रामीण स्वच्छता 204.88
ग्रामीण आवास 1985.79
नगर विकास 25.20
शिल्पकार प्रशिक्षण 115.00
समाज कल्याण 384.73
महिला कल्याण 103.06

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