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छेड़खानी करने वालों के खिलाफ शुरू हुआ अभियान

Sant kabir nagar Updated Mon, 15 Oct 2012 12:00 PM IST
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संतकबीरनगर। छेड़खानी की वारदातों को रोकने के लिए गंभीर हुए एसपी ने इसके खिलाफ अभियान की शुरूआत की है। जिससेउम्मीद जगी है इस प्रभावी लगाम लगाया जा सकेगा।
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छेड़छाड़ की वारदातों को रोकने के लिए एसपी ने जो प्लान तैयार किया है, यदि उस पर सही से अमल हुआ तो निश्चित ही ऐसे लोफरों को सबक मिल सकेगा। जिले के सभी थाना क्षेत्रों में स्कूल, कालेज एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सादी वर्दी में पुलिस घूमेगी। खासकर खलीलाबाद शहर में लोफरों को पकड़ने के लिए महिला कांस्टेबल सादी वर्दी में स्कूल कालेज के आसपास छात्राओं की तरह घूमेंगी। इसके अलावा सिपाही भी मौजूद रहेंगे। फब्तियां कसने और अश्लील हरकत करने वाले तत्काल पुलिस की गिरफ्त में होंगे। एसपी रामपाल ने कहा कि मजनूं आपरेशन को सफल बनाने के लिए समस्त थानाध्यक्षों को कडे़ निर्देश दिए गए हैं। खासकर डिग्री कालेज, महिला इंटर कालेज और ऐसे स्थान जहां लोफर इकट्ठा होते उसे चिह्नित कर वहां नजर रखने की हिदायत दी गई है। महिला एसओ को भी छेड़छाड़ की घटनाओं की निगरानी रखे जाने को कहा गया है। छह महिला कांस्टेबल सिर्फ शहर में अभियान में लगी है। पकड़े जाने वालों के खिलाफ पुलिस सख्ती से पेश आएगी।


हत्या तक की वजह बन जाती हैं छेड़छाड़ की घटनाएं
संतकबीरनगर। जनपद में छेड़छाड़ की घटनाएं बढ़ रही हैं। सामाजिक भय के कारण ज्यादातर मामले थानों तक नहीं पहुंचते। जो मामले पहुंचते भी हैं, उनमें प्रभावी कार्रवाई न हो पाने से छेड़छाड़ की घटनाओं पर रोक नहीं लग पा रही है। छेड़खानी की घटनाओं के चलते मारपीट और हत्या तक की नौबत आ रही है। धनघटा क्षेत्र में गत महीने में छेड़खानी की शिकायत करने पर एक बुजुर्ग की हत्या कर दी गई थी।
छेड़छाड़ के रजिस्टर केस की बात करें तो पिछले दो महीने के भीतर करीब एक दर्जन मामले सामने आए हैं। घटनाओं का विरोध करना परिजनों को भारी पड़ा है। गत 4 सितंबर को धनघटा थाना क्षेत्र के मौर गांव निवासी 62 वर्षीय भागीरथी अपनी बेटी के साथ छेड़खानी की शिकायत करने गए तो दबंगों ने उनकी हत्या कर दी। गत 8 सितंबर को धनघटा थाना क्षेत्र के ही रामपुर मध्य गांव में दो युवक रात में बारह बजे एक घर व्यक्ति के घर में घुस गए और घर में सोई लड़कियों से छेड़छाड़ करने लगे। छेड़खानी की शिकायत करने गए लड़कियों के भाई पर दबंगों ने गड़ासे से प्रहार कर कान काट लिया था। वहीं लड़कियों और अन्य परिजनों को मारपीट कर घायल कर दिया था। 22 सितंबर को कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के पैलीखास गांव में दो चचेरी बहनों के साथ दो युवकों ने रेप किया। जबकि तीसरी लड़की के साथ छेड़खानी की घटना हुई। लड़की युवक को दांत से काट कर भागी और किसी तरह अपनी इज्जत बचाई। यह घटनाएं तो महज बानगी हैं। स्कूल-कालेजों के ईद-गिर्द शोहदे घूमते रहते हैं और गुजरने वाली लड़कियों पर फब्तियां कसते हैं।




संस्कारयुक्त शिक्षा और जागरूकता से रुकेंगी घटनाएं
संतकबीरनगर। पीबी गर्ल्स इंटर कालेज की प्रधानाचार्या कनीज जेहरा बेगम का कहना है कि समाज में जागरूकता की कमी एवं बच्चों को अच्छे संस्कार न दिए जाने की वजह से छेड़छाड़ की घटनाएं हो रही है। लड़कियां डर से घटनाआें को छुपाती हैं। जिसके चलते बार-बार उनके साथ घटनाएं होती हैं। इसके पीछे पुलिस भी कम जिम्मेदार नहीं है। कालेज के पास सुबह-शाम लोफर लड़के चक्कर काटते है। इसकी शिकायत की गई, लेकिन पुलिस संज्ञान नहीं ले रही है। पूर्व एएसपी अखिलेश निगम ने संज्ञान लिया था और दो पुलिसवालों की ड्यूटी लगाई थी तो छेड़खानी की घटनाएं थम गईं। अभिभावकों को भी अपने पाल्यों पर नजर रखनी चाहिए। अच्छे संस्कार देने की जरूरत है।
महिला थाने की एसओ मंजू पांडेय कहती है कि बच्चे को सर्वप्रथम संस्कार परिवार में मिलता है। मार्डन युग में फिल्म, टेलीविजन और मोबाइल के चलन से युवा बहक रहे हैं। अभिभावकों को चाहिए कि अपने पाल्यों पर नजर रखें। छेड़खानी की घटनाएं सामाजिक जागरूकता की कमी की वजह से हो रही हैं। नशे के सेवन और गंदी लत से ऐसे कुविचार पनप रहे हैं। लड़कियों को भी जागरूक करने की जरूरत है। छेड़छाड़ करने वाले मनचलों पर पुलिस सख्ती से पेश आएगी।
एचआरपीजी कालेज के बीएड विभाग के प्रभारी डाक्टर पूर्णेश नारायन सिंह का कहना है कि संयुक्त परिवार टूटने और एकल परिवार की तरफ मुड़ने से बच्चों के संस्कार में कमी आ रही है। छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिए सामाजिक जागरूकता पैदा करने की जरूरत है। अभिभावकों को भी बच्चों की गतिविधियों को वाच करने की आवश्यकता है। पुलिस को भी लोफरों के खिलाफ सख्ती से पेश आना चाहिए।
मनोवैज्ञानिक डॉक्टर रामानंद शुक्ल कहते हैं कि संस्कार बिगड़ता है तो बच्चों के मन में विकृतियां पैदा होती हैं। अच्छे माहौल और धार्मिक बातें बच्चों को बताने की जरूरत है। पूर्व में मां-बाप बच्चों को रात में सोते समय अच्छी-अच्छी कहानियां सुनाते थे। अब बच्चे टेलीविजन पर फिल्म देखते हैं। कहीं न कहीं उनके संस्कार में गिरावट आ रही है। जिससे छेड़छाड़ जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। पुलिस को भी छेड़खानी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कडे़ कदम उठाने होंगे।
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