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जेपी की खासियत थी लोगों को एकजुट करना

Sant kabir nagar Updated Fri, 12 Oct 2012 12:00 PM IST
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संतकबीरनगर। जय प्रकाश नारायण उर्फ जेपी को याद करने वालों की कमी नहीं है। लोकनायक के इमरजेंसी के दौरान चलाए आंदोलन ने तत्कालीन सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया था। इसमें उनका साथ देश की सभी उम्र और वर्ग की जनता ने दिया था। आज भी आंदोलन में भाग लेने वाले जेपी को याद करते हैं और उनके करिश्मे का बखान करते हैं।
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पेशे से शिक्षक लक्ष्मण प्रसाद का कहना है कि वर्ष 1975 में जेपी के आंदोलन में वह शामिल हुए थे । इमरजेंसी के दौरान जयप्रकाश नारायण ने जेल से नौजवानों को आंदोलन में भाग लेने का आह्वान किया तो वे भी उस आंदोलन से जुड़ गए। उस समय वे बीएससी के छात्र थे। उन्होंने बताया कि जेपी का आकर्षण ऐसा था कि लोग खींचे चले आ रहे थे। उस वक्त देश का लोकतंत्र खतरे में था। अंत में लोकतंत्र की विजय हुई और विरोधियों की हार हुई।
अभय कुमार दूबे ने भी जेपी आंदोलन से जुड़ने की बात स्वीकार की। उन्होंने बताया कि लोकतंत्र पर कुठाराघात हो रहा था और स्वतंत्रता खतरे में थी। लोगों को मीसा, डीआईआर के तहत बंद किया जा रहा था। जिसके चलते उन्होंने आंदोलन से जुड़ने का मन बनाया। जयप्रकाश नारायण लोगों को आसानी से एकजुट कर लेते थे। उनकी एक आवाज पर लोग जीने-मरने को तैयार थे। उन्होंने बताया कि उस समय माहौल बेहद खराब था और विरोध करने वालों को जेल में बंद किया जा रहा था।
शिक्षक रामानुज पांडेय ने कहा कि जेपी के आंदोलन ने सभी को एकजुट कर दिया था। वह आरएसएस के प्रचारक थे। लेकिन आपातकाल को खत्म करने के लिए, मौलिक अधिकारों की बहाली के लिए जेपी के आंदोलन में शामिल हो गए और उसमें सफलता मिली। यह सिर्फ जयप्रकाश नारायण के व्यक्तित्व का कमाल था कि इतने बड़े आंदोलन का उन्होंने सफलतापूर्वक नेतृत्व कर लिया। मौजूदा समय पर दुख जताया हुए कहा कि माहौल निराशाजनक है।

सपा ने जयप्रकाश नारायण की मनाई जयंती
संतकबीरनगर। समाजवादी पार्टी कार्यालय पर बृहस्पतिवार को समाजवादी चिंतक जयप्रकाश नारायण की जयंती जिलाध्यक्ष राम प्रकाश यादव की अध्यक्षता में बड़े ही धूूमधाम से मनाई गई। नेताओं ने जयप्रकाश नारायण के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित की। इस दौरान एक विचार गोष्ठी भी आयोजित हुई।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष राम प्रकाश यादव ने कहा कि आज समाजवादी आंदोलन को बढ़ाते हुए हमारे मुखिया तमाम कल्याणकारी योजनाओं को लागू कर रहे हैं। जिससे इस समाज मेें निचले पायदान पर खड़ा व्यक्ति भी एक सामाजिक जिंदगी जी सके। उन्होंने कहा कि हमें जय प्रकाश नारायण के पद चिन्हों पर चलना होगा। पूर्व जिलाध्यक्ष रामनारायण यादव ने कहा कि 2014 के चुनाव में पार्टी मुखिया को प्रधानमंत्री बनाने का संकल्प लेने के साथ ही समाजवादी आंदोलन को आगे बढ़ाना है। इस अवसर पर केडी यादव, लोरिक यादव, गौहर अली, अनवारूल हक, जावेद अख्तर, संजय सिंह, श्री लाल यादव, रमेश यादव, लाल बहादुर यादव, शिवनाथ यादव, वीरेंद्र यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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