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प्रदेश सरकार के फैसले से नाराज अधिवक्ताओं ने की हड़ताल

Sant kabir nagar Updated Fri, 12 Oct 2012 12:00 PM IST
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संतकबीरनगर। फैजाबाद कचहरी में हुए हमले के आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे प्रदेश सरकार द्वारा वापस लिए जाने और मऊ में युवा अधिवक्ता की दिनदहाड़े हत्या के विरोध में बृहस्पतिवार को अधिवक्ताओं ने दो दिन के हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया। अधिवक्ताओं के हड़ताल पर चले जाने के कारण वादकारियों को निराश होना पड़ा।
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सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महीप बहादुर पाल की अध्यक्षता में पूर्वांहन 10.30 बजे तहसीलदार भवन के सामने अधिवक्ताओं ने हड़ताल के मुद्दे पर बैठककर सर्व सम्मति से दो दिन न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। बार के अध्यक्ष महीप बहादुर पाल ने कहा कि न्यायिक परिसरों में आतंकवादियों द्वारा जिस कायरतापूर्वक घटना को अंजाम दिया गया, वह कहीं से भी सभ्य समाज के क्रियाकलाप में नहीं आता है। सपा की सरकार द्वारा आरोपियों के मुकदमे वापस लिए जाने का निर्णय कहीं से भी उचित नहीं है। इससे तो असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद होंगे। अधिवक्ता चतुरजी शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार अधिवक्ताओं की सुख-सुविधाओं पर ध्यान भी नहीं दे रही है। ऊपर से बनारस, फैजाबाद समेत कई स्थानों पर आतंकी हमलों को अंजाम देने वाले आरोपियों को प्रदेश सरकार वोट बैंक की राजनीति के तहत मुकदमे वापस लेना चाहती है। युवा अधिवक्ता विश्वंभर दयाल ने कहा कि अब आरपार की लड़ाई का समय आ गया है। 12 अक्टूबर को आजमगढ़ मेें होने वाले अधिवक्ताओं के महासम्मेलन में निर्णायक लड़ाई की रूपरेखा तैयार की जाएगी। अधिवक्ताओं ने इस दौरान कोई न्यायिक कार्य नहीं किया। इस अवसर पर विजय कुमार शुक्ल, विजय पांडेय, सरोज पांडेय, मनोज, रामधनी, अंबरीश, राजबहादुर, निरंजन सिंह, विनोद, विरेंद्र सिंह, संतोष चौधरी, समेत अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।

बार एसोसिएशन ने जताई चिंता
मेंहदावल। स्थानीय तहसील बार एसोसिएशन ने तहसील मुख्यालय पर स्थित अधिवक्ता भवन पर बैठक आयोजित करके मऊ में एक अधिवक्ता की हत्या पर निंदा प्रस्ताव पारित किया। जिसमें वकीलों ने एक स्वर से न्यायालय परिसर में घटित होने वाले बम ब्लास्ट के आरोपियों के विरुद्ध प्रशासन से सख्ती बरतने की मांग की। अधिवक्ताओं ने कहा कि सपा सरकार ने चुनावी वायदे के रूप में आश्वासन दिया था कि सत्ता में पहुंचने पर अधिवक्ता संवर्ग को प्रोत्साहित किया जाएगा। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। बैठक में एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश तिवारी, एचजी राय, आरपी पाठक, गोपाल राय, दिलीप भट्ट, विनोद राव, अबुल असर अंसारी, राजकुमार मिश्र, राजन तिवारी समेत कई अधिवक्ता मौजूद रहे।

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