आखिर क्यों बच जाते हैं डीसी

Sant kabir nagar Updated Thu, 11 Oct 2012 12:00 PM IST
संतकबीरनगर। परिषदीय विद्यालयों के भवनों के गिरने का सिलसिला थम नहीं रहा है। मेेंहदावल, बघौली ब्लाकों में पिछले वर्ष करीब आधा दर्जन भवन गिर गए, लेकिन किसी भी जिम्मेदार पर कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई हुई तो सिर्फ भवन प्रभारी पर, जबकि भवन निर्माण की गुणवत्ता देखने के लिए जिला समन्वयक निर्माण का पद सृजित है।
स्कूल भवनों की गुणवत्ता को परखने के लिए जिला समन्वयक निर्माण की नियुक्ति की गई है। डीसी निर्माण का दायित्व है कि नींव से लेकर भवन पूरा होने तक उसके गुणवत्ता की निगरानी करें। कार्य के पूर्ण होने के बाद प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। तब भवन को कार्य में लाया जाता है, लेकिन पिछले एक वर्ष के आंकड़ों पर गौर करें तो बघौली और मेंहदावल में करीब आधा दर्जन भवन गुणवत्ता में कमी की वजह से गिर गए। मौके पर अधिकारियों ने दावा करते थे कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी, लेकिन बाद में सिर्फ भवन प्रभारी पर कार्रवाई कर मामले का पटापेक्ष हो गया, जबकि डीसी निर्माण के जिम्मे भवनों की लगातार मानीटरिंग करने का काम है। बीएसए राम सिंह का कहना है कि सेमरियावां में जो छज्जा गिरा है उसकी जांच खंड शिक्षा अधिकारी को दी गई है। इसके अलावा अन्य विभाग के इंजीनियर से भी जांच कराई जा रही है। गुणवत्ता में कही से कोई कमी मिली तो इस बार डीसी निर्माण पर कार्रवाई की जाएगी।

Spotlight

Most Read

Dehradun

आरटीओ में गोलमाल, जांच शुरू

आरटीओ में गोलमाल, जांच शुरू

21 जनवरी 2018

Related Videos

नए साल पर सीएम आदित्यनाथ ने वनटांगिया समुदाय को दिया ये तोहफा

नए साल पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने महराजगंज जनपद के पनियरा ब्लाक में वनटांगिया समुदाय को सौगात दी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को वनटांगिया समुदाय के 3779 लोगों को आवासीय भूमि का पट्टा प्रदान किया।

2 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper