सभी परिषदीय विद्यालयों की होगी जांच

Sant kabir nagar Updated Fri, 20 Jul 2012 12:00 PM IST
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संतकबीरनगर। बघौली क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों की ओर से फर्नीचर खरीद का बिल फर्जी जमा करने के मामले का खुलासे होने के बाद डीएम ने पूरे जिले के परिषदीय विद्यालयों की जांच का आदेश दिया है। नवागत बीएसए को विद्यालयों में मौजूद फर्नीचर और उनके खरीद के सत्यापन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मामले में दोषियों पर एफआईआर दर्ज कराने के डीएम ने आदेश दिए हैं।
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शासन स्तर से वित्तीय वर्ष 2006-07 में परिषदीय विद्यालयों के छात्रों को बैठकर पढ़ने के लिए फर्नीचर क्रय किए जाने का निर्देश जारी हुआ था। उसी क्रम में संतकबीरनगर जिले के 824 परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में 9,500 रुपये प्रति विद्यालय की दर से एवं 113 परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 1,27,224 रुपये प्रति विद्यालय की दर से ग्राम शिक्षा निधि खातों में फर्नीचर क्रय हेतु धनराशि भेजी गई थी। बीएसए कार्यालय द्वारा 26 मई 2007 को जनपद के समस्त सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया था कि वह अपने विकास क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को निर्देशित कर मानक के अनुरूप रजिस्टर्ड फर्म से गुणवत्तायुक्त फर्नीचर क्रय कराएं। विद्यालय के ग्राम शिक्षा निधि खाते से धनराशि का आहरण व व्यय प्रधानाध्यापक व ग्राम प्रधान द्वारा संयुक्त रुप से किए जाने की व्यवस्था है।
सूत्र बताते हैं कि गोरखपुर रेंज के वाणिज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर एचपी वर्मा ने बघौली क्षेत्र के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के फर्नीचर क्रय की बाबत संबंधित फर्म की जांच पड़ताल 22 सितंबर 2008 को की थी। जिस पर 2 दिसंबर 2008 को तत्कालीन बीएसए ने डिप्टी कमिश्नर को भेजे रिपोर्ट में बताया कि विशाल हार्डवेयर एंड प्लाई सेंटर, मेंहदावल रोड़, खलीलाबाद से बघौली क्षेत्र के विद्यालयों में फर्नीचर आपूर्ति हुई थी।
इसके बाद 10 मई 2012 को पूर्व बीएसए रामशंकर ने डीएम को प्रेषित रिपोर्ट में कहा है कि विकास क्षेत्र बघौली के अंतर्गत परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में विशाल हार्डवेयर एंड प्लाई सेंटर, मेंहदावल रोड से फर्नीचर आपूर्ति के संबंध में प्रधानाध्यापकों की सुनवाई 9 मई 2012 को जूनियर हाईस्कूल खलीलाबाद में की गई। जिसमें विद्यालयों के प्रधानाध्याकों ने उपस्थित होकर साक्ष्य एवं अभिकथन प्रस्तुत किया। संबंधित प्रधानाध्यापकों द्वारा इसराइल निवासी लेडुआ महुआ एवं फिरोज ग्राम अमरडोभा से फर्नीचर क्रय किया गया लेकिन इन दोनों दुकानदारों ने प्रधानाध्यापकों को बिल विशाल हार्डवेयर एंड प्लाई सेंटर का दिया। बीएसए रामशंकर ने प्रधानाध्यापकों और सहायक शिक्षा अधिकारियों को बचाते हुए सारा दोष इसराइल और फिरोज पर मढ़ते हुए उन पर कार्रवाई करने की डीएम से संस्तुति की। इस रिपोर्ट से डीएम संतुष्ट नहीं हुए।
डीएम ने बीएसए रामशंकर की रिपोर्ट को अस्पष्ट करार देते हुए मामले की नये सिरे से जांच का आदेश वर्तमान बीएसए को दिया है। डीएम ने इस बार जांच में सिर्फ बघौली ही नहीं पूरे जनपद के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों और परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों को शामिल करने को कहा है। जांच में इस बात को स्पष्ट करने का आदेश दिया है कि परिषदीय विद्यालयों में फर्नीचर खरीद हुई कि नहीं, फर्नीचर मानक के अनुरूप है कि नहीं तथा बिल भुगतान में कोई गड़बड़ी तो नहीं हुई। इस बारे में सत्यापन रिपोर्ट जल्द प्रेषित किए जाने का निर्देश दिया है। डीएम ने मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का भी निर्देश दिया है।
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