कछारवासियों की उड़ी नींद, बंधे जर्जर

Sant kabir nagar Updated Thu, 12 Jul 2012 12:00 PM IST
मेंहदावल । मानसून जनपद पर मेहरबान है। काले- काले मेघ घनघोर वर्षा कर रहे हैं। परंतु संतकबीरनगर का बाढ़ खंड अब भी खर्राटे भर रहा है। राप्ती नदी की बाढ़ के प्रकोप से बचाने के लिए बना करमैनी-बेलौली बांध की हालत इतनी जर्जर है कि कछारवासियों की नींद उड़ गई है। इन्हें डर है कि नदी के पानी का दबाव बढ़ा तो यह बांध दगा दे जाएगा।
गौरतलब है कि जनपद के उत्तरी छोर पर बसे कछारवासियों की सुरक्षा के लिए राप्ती नदी के किनारे 19.2 किमी करमैनी-बेलौली बांध का निर्माण तकरीबन तीन दशक पूर्व कराया गया था। पूर्वी तथा पश्चिमी कछार के लगभग 60 गांवों की सुरक्षा के लिए बने इस बंधे की हालत यह है कि किमी 01 पर बंधा इतना कमजोर है कि वह नदी का जरा सा भी दबाव नहीं झेल पाएगा।
अतिसंवेदनशील बिंदुओं में से एक नौगो पर की गई बोल्डर पीचिंग उखड़ गई है। विभाग ने इस संवेदनशील प्वाइंट की पीचिंग को ठीक करना भी उचित नहीं समझा है। इसी तरह नदी के दबाव बनाने एवं कटान करने के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील बिंदु विशुनपुर बागर तथा जोरवा पर बने ठोकरों की बोल्डर पीचिंग जगह-जगह उखड़ गई है। इन ठोकरों के पास यदि बैक रोलिंग हुई तो इन्हें बचाना मुश्किल हो जाएगा। यही हाल अतिसंवेदनशील प्वाइंट में शुमार बेलौली का है। इस बिंदु पर भी मरम्मत कार्य कराने जरूरत आज तक विभाग ने नहीं समझा है। इतना ही नहीं अभी तक रैट होल, रेनकट को नहीं भरा जा सका है। जगह- जगह मौजूद रैट होल, रेनकट बंधे की जर्जर स्थिति की कहानी कहने के साथ- साथ विभागीय उदासीनता को बयां कर रहे हैं। नौगो गांव के रहने वाले उपेंद्र सिंह, संदीप सिंह, महेन्द्र यादव , छोटे तिवारी का क हना है कि बरसात से पूर्व मरम्मत कार्य विभाग द्वारा नही कराए जाने से बंधे की जर्जर हालत हुई है।
गांव वाले भले ही बंधे की जर्जर हालत के कारण अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, परंतु सहायक अभियंता एके सिंह बंधे की मजबूती को लेकर निश्चिंत हैं। उनका कहना है कि बंधा पूरी तरह से मजबूत है।
पहली बारिश से बने बंधों में बड़े-बडे़ रेनकट
धनघटा। जनपद के दक्षिणांचल में स्थित सरयू नदी के प्रचंड जल धारा से तट पर बसे लोगों को बचाने के लिए बनाए गए बंधों की स्थिति दिन प्रतिदिन दयनीय होती जा रही है। पहली बरसात का आगाज होते ही बंधों में रेनकट होने से इनकी स्थिति और जर्जर हो गई है। जिससे माझावासियों के होश उड़ने लगे हैं। माझावासी जहां बाढ़ की विभीषीका को सोच कर सिहर जा रहे हैं। माझावसियों ने डीएम से रामपुर-मकदूमपुर बांध का स्थलीय निरीक्षण करने की मांग की है।
धनघटा तहसील क्षेत्र में स्थित सरयू नदी के किनारे बनाए गए बंधे की स्थिति अत्यधिक जर्जर है। विभाग द्वारा बंधों की मरम्मत न कराए जाने से बंधों की स्थिति दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। माझावसियों का कहना है कि पिछले बरसात के मौसम में इन बंधों में जबरदस्त कटान होने से क्षेत्रवासी काफी भयभीत हो गए थे। वहीं रेनकट से इन बंधों को काफी नुकसान हुआ था। उन रेनकटों को समय रहते अगर विभाग मरम्मत करा दिया होता तो बाढ़ का खतरा काफी हद तक कम रहता। विगत दो तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश से बंधों में रेनकटों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। माझा के अनिल यादव, राम आसरे यादव, बैजनाथ यादव, रामशंकर, बासमती देवी, गुलैचा देवी, कबुतरा देवी, सुरसती देवी, दीनानाथ, बलबीर, धर्मेन्द्र कुमार, रिजवान खान सहित दर्जनों लोगों ने बताया कि बंधा मरम्मत के नाम पर विभाग कागजों में बंधा मरम्मत कराकर धन का बंदरबांट कर लेता है। जबकि मौके पर एक रोड़ी मिट्टी भी मरम्मत के नाम पर नहीं डाली जाती। जिसकी शिकायत दर्जनों बार विभागीय अधिकारियों से की गई लेकिन हर बार मात्र आश्वासन का घूंट ही पिलाया गया। माझावसियों ने जिलाधिकारी संतकबीर नगर से रामपुर-मकदूमपुर बांध का स्थलीय निरीक्षण करने और हर बार बाढ़ की विभीषिका झेल रहे माझा वासियों की समस्याओं का निदान कराने की मांग की है।

Spotlight

Most Read

Dehradun

देहरादून: 24 जनवरी को कक्षा 1 से 12 तक बंद रहेंगे सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र

मौसम विभाग की ओर से प्रदेश में बारिश की चेतावनी के चलते डीएम ने स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद करने के निर्देश जारी किए हैं।

23 जनवरी 2018

Related Videos

नए साल पर सीएम आदित्यनाथ ने वनटांगिया समुदाय को दिया ये तोहफा

नए साल पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने महराजगंज जनपद के पनियरा ब्लाक में वनटांगिया समुदाय को सौगात दी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को वनटांगिया समुदाय के 3779 लोगों को आवासीय भूमि का पट्टा प्रदान किया।

2 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper