उफ! डालडा से लेकर हल्दी तक में मिलावट

Sant kabir nagar Updated Wed, 27 Jun 2012 12:00 PM IST
संतकबीरनगर। मिलावटखोरी रोकने के लिए समय समय पर छापेमारी कर प्रशासन भले ही कार्रवाई करने में नही चूक रहा मगर मिलावट का अवैध कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। गत मार्च माह में जांच के लिए भेजे गए 16 नमूनों में 14 फेल आए। उनमें से 8 मामलों में हाल ही खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग ने एडीएम न्यायालय में वाद दायर किया है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक बावर्ची और झूला ब्रांड वनस्पति के दो नमूने जांच में अधोमानक आए हैं। उसमें विटामिन ए की कमी मिली है। मीठी सुपारी के जांच नमूने की रिपोर्ट में मिस ब्रांडेड पाया गया है। टाफी और रस्क के नमूने भी जांच में फेल आए हैं। हल्दी के जांच नमूने में सिंथेटिक रंग से रंगे जाने की पुष्टि हुई है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनय कुमार सहाय का कहना है कि अधोमानक में 5 लाख रुपये तक की पेनाल्टी और मिस ब्रांडेड में 3 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। उनका कहना है कि 8 प्रकरणों में एडीएम कोर्ट में वाद दायर किया गया है। उनका कहना है कि संबंधित वनस्पति के निर्माता कंपनियों और विक्रेताओं को प्रतिवादी बनाया गया है। मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान समय समय पर चलाया जाता है। हाल ही में पैक पानी की जांच की गई थी। जिसमें पानी के टैंक में गंदगी पाए जाने पर सफाई व्यवस्था चौकस किए जाने के निर्देश पानी निर्माण इकाई को दिए गए हैं।

वर्ष 2011 में भी दायर हुए थे 25 वाद
संतकबीरनगर। प्रदेश में 5 अगस्त 2011 को नया एक्ट खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2005 लागू हुआ था। विभाग ने वर्ष 2011 में 66 छापों के दौरान 742 प्रतिष्ठानों की जांच की थी। जिसमें 25 नमूने संग्रहित किए थे। जांच रिपोर्ट में 16 नमूने फेल आए थे। विभाग ने 16 प्रकरणों में वाद दायर किया। जबकि वर्ष 2012 में मई माह तक 5 छापों के दौरान 92 प्रतिष्ठानों पर जांच कर 25 सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। जिसमें 16 नमूने फेल आए। विभाग ने 16 मामलों में वाद दायर कर दिया है। विभाग की बड़ी कार्रवाईयों में मैदा फैक्ट्री, नल्ली और पुत्सर में हुई छापेमारी रही थी। सभी निर्माण इकाईयों को विभाग ने सीज कर दिया था। पुत्सर में भारी मात्रा में निष्प्रयोज्य हो चुके बरामद खोवे को नष्ट करा दिया गया था। दो नमूने जांच में भेजे थे, दोनो फेल आने पर वाद भी दायर किया गया।

जान पर बन सकती है मिलावटी पदार्थ खाने से
संतकबीरनगर। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनय कुमार सहाय का कहना है कि वनस्पति में विटामिन ए की कमी पाई गई। विटामिन ए की कमी से हड्डी कमजोर होने के साथ आंख की कमजोरी का रोग हो सकता है। हल्दी को सिंथेटिक रंग से रंगे जाने से उसका सेवन करने पर पेट संबंधी रोग और किडनी की खराबी हो सकती है। उनका कहना है कि मिलावटी खाद्य पदार्थ का सेवन मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए महकमा पूरी तरह सतर्क है।

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