पढ़ाई में धन की कमी नहीं बनेगी बाधा

Sant kabir nagar Updated Fri, 08 Jun 2012 12:00 PM IST
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संतकबीरनगर। मेधावी बच्चों की पढ़ाई में अब धन की कमी बाधा नहीं बनेगी। इनकी पढ़ाई की सारी जिम्मेदारी फाउंडेशन फार एकेडमिक एक्सीलेंस एंड एक्सेस (एफएआईए) द्वारा वहन किया जाएगा। इंटरमीडिएट की परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने के बावजूद आर्थिक परेशानी के कारण आगे की पढ़ाई न कर पाने वाले छात्र-छात्राओं को इसका लाभ मिलेगा। इनके भविष्य को संवारने का जिम्मा एफएआईए ने ली है।
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फाउंडेशन फार एकेडमिक एक्सीलेंस एंड एक्सेस संस्था प्रदेश के प्रत्येक जिलों से 10 मेधावी बच्चों का चयन करने जा रहा है। इसके तहत उन छात्र-छात्राओं का चयन किया जाएगा, जो इस बार की इंटमीडिएट की परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त किए हों और आर्थिक रूप से कमजोर हों। जिनके पास आगे की पढ़ाई के लिए पैसा नहीं है। राज्य परियोजना निदेशक माध्यमिक शिक्षा अभियान पार्थ सारथी सेन शर्मा ने प्रदेश के समस्त जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र भेज कर कहा है कि फाउंडेशन फार एकेडमिक एक्सीलेंस एंड एसेस संस्था द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी छात्र छात्राओं को स्नातक स्तर पर कला, वाणिज्य, विज्ञान, चिकित्सा, इंजीनियरिंग तथा अन्य तकनीकी एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में भारत में स्थापित विश्वविद्यालयों/ संस्थाओं, कालेजों में वर्ष 2012/13 में अध्ययन हेतु छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। जिसमें शिक्षण शुल्क, छात्रावास एवं मेस पर हुए व्यय की धनराशि हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। निदेशक ने योजना को गंभीरता से लिए जाने का निर्देश दिया है। निदेशक के पत्र के बार जिला विद्यालय निरीक्षक ने प्रधानाचार्यों से सूची तलब कर ली है।
15 तक भेजनी होगी सूची
राज्य परियोजना निदेशक माध्यमिक शिक्षा अभियान पार्थ सारथी सेन शर्मा ने डीआईओएस को निर्देश दिया है कि 10 मेधावी छात्रों का चयन कर उनके आवेदन हर हाल में 15 जून तक कार्यालय को भेज दें। आवेदन पत्र संस्था की वेबसाईट पर उपलब्ध है।

प्रधानाचार्यों से मांगी गई सूची : जिविनि
जिला विद्यालय निरीक्षक माधव जी तिवारी का कहना है कि निदेशक का पत्र मिल चुका है। जिले की सभी प्रधानाचार्यों को सूचित किया गया है कि मेधावी छात्रों की सूची बनाकर कार्यालय को दे दें। जिससे परियोजना कार्यालय को भेजा जा सके।

मेधावी छात्रों का बढ़ेगा हौसला
प्रदेश में यह पहला मौका है जब किसी संस्था द्वारा स्नातक स्तर की पढ़ाई का खर्चा उठाया जा रहा है। गरीब मेधावी छात्र किसी तरह से इंटर तक की पढ़ाई तो कर लेते थे लेकिन स्नातक स्तर की पढ़ाई आर्थिक स्थिति ठीक न होने की वजह से नहीं पढ़ पाते थे। संस्था की इस योजना से उन मेधावी छात्रों के हौसलों को बुलंदी मिलेगी और वे आगे की पढ़ाई कर सकेंगे।
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